राष्ट्रपति चुनाव के बाद महंगा होगा डीजल
गौरतलब है कि पिछले दिनों पेट्रोल के दाम में 7.50 रुपये की भारी बढ़ोतरी को लेकर सरकार को जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद दो चरणों में इसके दाम में आंशिक कटौती की गई थी।
सूत्रों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की मौजूदा कीमतों के आधार पर फिलहाल पेट्रोल की बिक्री में सरकार को कोई नुकसान नहीं हो रहा है। लेकिन डीजल के दाम पर जारी सब्सिडी के चलते खजाने पर बोझ बरकरार है।
डीजल की कीमत पिछले साल 25 जुलाई से नहीं बढ़ाई गई है और सरकारी तेल कंपनियां इस समय आयात मूल्य की तुलना में 10.33 रुपये प्रति लिटर के नुकसान पर इसे बेच रही हैं।
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