प्रणब पर टीम अन्ना के आरोपों का जवाब वित्त मंत्रालय ने दिया
दो दिन में दूसरी बार अरविंद केजरीवाल ने प्रणब मुखर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनके राष्ट्रपति बनने से पहले उनके ख़िलाफ़ लगे आरोपों की जांच होनी चाहिए। केजरीवाल का कहना है कि राष्ट्रपति बनने के बाद संविधान के अनुसार प्रणब के खिलाफ जांच नहीं की जा सकेगी।
आखिरकार वित्त मंत्रालय ने अपनी चुप्पी तोड़ी। उसने छह पन्नों की चिट्ठी टीम को भेजी है। टीम अन्ना के आरोपों पर वित्त मंत्रालय ने 6 पन्नों की चिठ्ठी टीम अन्ना को भेजी है।
चिट्ठी में कहा गया है कि टीम अन्ना नैतिकता की बड़ी बड़ी बातें करती है जबकि प्रणब मुखर्जी पर आरोप लगाते वक्त यह नहीं बताया कि हाइकोर्ट में इससे जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई चल रही है। और सुप्रीम कोर्ट में इससे जुड़ी जनहित याचिका पहले ही वापस ले ली गई है।
शुरू से इस मामले में प्रशांत भूषण वकील रहे हैं लेकिन अब वह इस मामले में गैर न्यायिक तरीके से वो हासिल करना चाहते हैं जो वह कानूनी तरीके से नहीं कर पाए हैं। सरकार और टीम अन्ना की ये जंग कोई नई नहीं है। देखना है अब टीम अन्ना क्या जवाब देती है।
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