मुख्य सचिवों की एक बैठक को सम्बोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने यहां कहा, "चालू वित्त वर्ष में विकास दर कम रहने की सम्भावना है। सम्भवत: यह सात से साढ़े सात फीसदी के बीच रहेगी। वैश्विक आर्थिक माहौल में अनिश्चितता के कारण ऐसा होगा।" बजट में सरकार ने नौ फीसदी विकास दर का लक्ष्य निर्धारित किया था।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वैश्विक अनिश्चितता को देखते हुए वर्ष 2010-11 में 8.4 फीसदी की विकास दर हासिल करना शानदार था। वित्त वर्ष 2009-10 में विकास दर आठ फीसदी थी।

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