साल 2012-13 में ऊंची रहेगी आर्थिक वृद्धि : बसु
बसु ने मौजूदा वैश्विक हालात में घरेलू अर्थव्यवस्था के परिदृश्य की बेहतर तस्वीर खींचते हुए कहा, ‘चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में 7.3 प्रतिशत आर्थिक वृद्धि रही है, छमाही समीक्षा में हमने कहा कि 2011-12 में आर्थिक वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत से चौथाई प्रतिशत ऊपर अथवा नीचे रह सकती है, लेकिन हमारा मानना है कि इस साल यह 7 प्रतिशत के आसपास अथवा इससे अधिक रह सकती है।’ हालांकि, उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वृद्धि आंकड़ों की सही तस्वीर केन्द्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) के अगले एक सप्ताह में जारी होने वाले आंकड़ों के बाद ही पता चलेगी।
बसु ने अर्थव्यवस्था में सुधार की नई उम्मीद जगाते हुए कहा कि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक 6.5 से 6.8 प्रतिशत के दायरे में रहेगी और जनवरी के मुद्रास्फीति के आंकड़े सात प्रतिशत से नीचे होंगे। दिसंबर 2011 में सकल मुद्रास्फीति घटकर 7.47 प्रतिशत रह गई। उल्लेखनीय है कि रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष की आर्थिक वृद्धि का अनुमान पहले के 7.6 प्रतिशत से घटाकर 7 प्रतिशत रहने की भविष्यवाणी की, जबकि मुद्रास्फीति मार्च अंत तक सात प्रतिशत रहने का अनुमान व्यक्त किया है।
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