हैदराबाद धमाके : घटनास्थल पर सीसीटीवी के तार कटे मिले
इस बीच, समाचार एजेंसी ANI ने बम निरोधक दस्ता के सीनियर इंस्पेक्टर नागाशयी के हवाले से खबर दी है कि इस बात के भी आसार हैं कि अमोनियम नाइट्रेट को किसी दूसरे विस्फोटक के साथ मिलाया गया।
इससे पहले हैदराबाद के इसी दिलसुख नगर इलाके में 2002 और 2007 में धमाके हुए थे। 2002 में यहां के प्रसिद्ध साईं बाबा मंदिर के पास धमाका हुआ था, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई थी और 20 लोग घायल हो गए थे।
मई, 2007 में मक्का मस्जिद में ब्लास्ट हुआ था, जिसमें नौ लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद 25 अगस्त, 2007 में दो बम धमाके हुए थे। पहला धमाका एक पार्क और उसी अंतराल में दूसरा धमाका खाने-पीने की एक दुकान में हुआ था। इन धमाकों में 42 लोगों की मौत हुई थी।
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