भारत कठिन दौर से गुजर रहा है : पीएम
कांग्रेस कार्यकारिणी समिति (सीडब्ल्यूसी) की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक नरमी के बावजूद देश की आर्थिक वृद्धि 2011-12 में 7 प्रतिशत रही जो विश्व में सर्वाधिक वृद्धि दर में शामिल है।
सरकार के समक्ष चुनौतियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था और पश्चिम एशिया में अनिश्चितता को देखते हुए तेल की तरह जिंसों की कीमतें बढ़ रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘यह हमारे देश तथा अर्थव्यवस्था के लिये कठिन समय है जिसका कारण बहुत हद तक वे परिस्थितियां है जिस पर हमारा बहुत कम या बिल्कुल ही नियंत्रण नहीं है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह ऐसा समय है जब हमारी इच्छाशक्ति तथा प्रतिबद्धता का परीक्षण हो रहा है..हमने जिस रास्ते को चुना है, उस पर चलते रहना है और स्वयं में विश्वास बनाये रखना है।’’ सिंह ने विश्वास जताया कि हम इस परीक्षा की घड़ी से मजबूत बनकर उभरेंगे। प्रधानमंत्री का बयान महत्वपूर्ण है क्योंकि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि वित्त वर्ष 2011-12 की चौथी तिमाही में 5.3 प्रतिशत रही जो पिछले नौ साल में न्यूनतम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि संप्रग सरकार ने ‘आम आदमी’ से जो वादे किये थे उसे पूरा करने के लिये हर संभव प्रयास किये हैं। इसके तहत उच्च आर्थिक वृद्धि तथा बड़े पैमाने पर सामाजिक तथा आर्थिक सामवेशी कार्यक्रमों तथा नागरिकों को अधिकार संपन्न बनाने के लिये किये गये कार्य उल्लेखनीय हैं। सरकार की विभिन्न उपलब्धियों को रेखांकित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि संप्रग के सत्ता में आने के बाद से पहले के मुकाबले गरीबी तेजी से घट रही है, वास्तविक मजदूरी बढ़ रही है, कृषि वृद्धि तेज हुई है तथा आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित की गयी है।
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