सूखे के असर को झेल सकते हैं भारतीय बैंक : रिजर्व बैंक
Bhasha,
Last Updated: अगस्त 7, 2012 07:45 PM IST
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नई दिल्ली: भारतीय रिजर्व बैंक ने कहा कि देश के बैंक इस बार सूखे जैसे हालात के कारण कृषि ऋणों की वसूली में समस्या का दबाव को झेलने में पर्याप्त सक्षम हैं।
केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी च्रकवर्ती ने कहा, 'जब भी सूखा होता है, तो कृषि ऋणों पर दबाव पड़ता ही है लेकिन हमारे पास पुनर्वास के पर्याप्त साधन है जिससे ताकि बैंक इसे झेल सकें।' उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त लचीलापन है और तनाव का सामना करने में सक्षम होगा।
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि कुछ राज्यों में सरकार सूखे जैसे हालात की चुनौती से निपटने के लिए मनरेगा तथा अन्य योजनाओं को मिलाएगी। इसके अलावा कीमतों पर नियंत्रण के लिए उन जिंसों का आयात बढाएगी जिनकी कमी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि चारे, पेयजल की आपूर्ति तथा किसानों को वैकल्पिक फसलों की बुवाई में मदद के लिए आपात योजनाएं बनाई गई हैं।
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केंद्रीय बैंक के डिप्टी गवर्नर केसी च्रकवर्ती ने कहा, 'जब भी सूखा होता है, तो कृषि ऋणों पर दबाव पड़ता ही है लेकिन हमारे पास पुनर्वास के पर्याप्त साधन है जिससे ताकि बैंक इसे झेल सकें।' उन्होंने कहा कि भारतीय बैंकिंग प्रणाली में पर्याप्त लचीलापन है और तनाव का सामना करने में सक्षम होगा।
वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा है कि कुछ राज्यों में सरकार सूखे जैसे हालात की चुनौती से निपटने के लिए मनरेगा तथा अन्य योजनाओं को मिलाएगी। इसके अलावा कीमतों पर नियंत्रण के लिए उन जिंसों का आयात बढाएगी जिनकी कमी पड़ रही है। उन्होंने कहा कि चारे, पेयजल की आपूर्ति तथा किसानों को वैकल्पिक फसलों की बुवाई में मदद के लिए आपात योजनाएं बनाई गई हैं।
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First Published:
अगस्त 7, 2012 07:43 PM IST
