भारत की हार में अंपायर रवि के विवादास्पद फैसलों की भी भूमिका
न्यूजीलैंड के बिली बोडेन और एस रवि आज के मैच के मैदानी अंपायर थे और शृंखला के पहले मैच में भारतीय अंपायर के कुछ फैसले मेजबान टीम के खिलाफ गए। भारत ने इससे पहले गेंदबाजी के अनुकूल हालात में टॉस गंवा दिया था।
भारत को रवि की खराब अंपायरिंग का सामना सबसे पहले पाकिस्तान की पारी के 18वें ओवर में करना पड़ा। ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विन गेंद करा रहे थे। उनकी पहली गेंद शतकवीर नासिर जमशेद के बल्ले का किनारा लेने के बाद पैड से टकराते हुए पहली स्लिप में वीरेंद्र सहवाग ने पास पहुंची जिन्होंने इसे लपक लिया। भारतीयों ने पहले पगबाधा और फिर कैच की अपील की लेकिन रवि ने इसे ठुकरा दिया। इस समय जमशेद 24 रन बनाकर खेल रहे थे।
अश्विन ने इसके बाद पारी के 28वें ओवर में यूनिस खान के खिलाफ भी पगबाधा की विश्वनीय अपील की लेकिन इस बार भी रवि का फैसला भारतीयों के खिलाफ गया।
जमशेद ने इसके बाद नाबाद 101 रन की पारी खेली जबकि यूनिस ने 58 रन बनाए। दोनों ने उस समय तीसरे विकेट के लिए 112 रन की साझेदारी की जब टीम 21 रन पर दो विकेट गंवा चुकी थी। हाल के समय में भारतीय अंपायर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे हैं और यही कारण है कि आईसीसी के एलीट पैनल में कोई भारतीय अंपायर नहीं है।
पूर्व भारतीय कप्तान एस वेंकटराघवन एलीट पैनल में शामिल अंतिम भारतीय अंपायर थे लेकिन उनके संन्यास के बाद कोई भारतीय इस सूची में जगह नहीं बना पाया है।
आईसीसी के अंतरराष्ट्रीय पैनल में चार भारतीय अंपायर शामिल हैं जो रवि के अलावा सुधीर असनानी, विनीत कुलकर्णी और सी शमसुद्दीन हैं।
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