समितियों ने स्विस टाइमिंग को बताया था सर्वोत्तम : कलमाड़ी
कलमाडी के खिलाफ राष्ट्रमंडल खेलों के आयोजन में भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा चल रहा है। लोकसभा सदस्य कलमाड़ी और दस अन्य के खिलाफ सीबीआई ने भारतीय दंड संहिता और भष्ट्राचार निरोधक कानून की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया है। इन सभी पर आरोप है कि 2010 के खेलों में टाइमिंग, स्कोरिंग और रिजल्ट सिस्टम लगाने के मकसद से स्विस टाइमिंग को ठेका देकर सरकारी खजाने को 90 करोड़ रुपये का नुकसान पहुंचाया गया।
कलमाड़ी के वकील ने कहा कि टीएसआर खेल का एक महत्वपूर्ण पहलु है जो विभिन्न गतिविधियों के लिए सुविधा प्रदान करता है। सरकारी अधिकारियों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय महासंघों के पदाधिकारियों की सदस्यता वाली विभिन्न समिति ने स्विस टाइमिंग को सर्वोत्तम बताया था।
कलमाडी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील एच एच पोंडा ने विशेष सीबीआई न्यायाधीश तलवंत सिंह से कहा, ‘‘मार्च 2009 में हुई एक बैठक में अंतरराष्ट्रीय संघ के सदस्यों ने सिफारिश की थी कि स्विस टाइमिंग सर्वोत्तम एवं विश्वसनीय प्रणाली है।’’
पोंडा ने कहा कि टीएसआर सिस्टम के लिए विभिन्न फर्मों के नाम की सिफारिशों के बाद कई समितियों का गठन किया गया। समितियों ने सभी ब्यौरों पर विचार करने के बाद निर्णय किया। उन्होंने कहा कि न तो कलमाड़ी और न ही खेल आयोजन समिति उपकरणों की खरीद प्रक्रिया में शामिल थी।
पोंडा ने कहा, ‘‘मैंने (कलमाड़ी) न तो मंजूरी दी न ही खरीद की। यहां तक कि आयोजन समिति ने भी खरीद की।’’ आयोजन समिति ने खेलों के लिए केवल सिफारिशें की और योजना बनायी।
दलीलें गुरुवार को पूरी नहीं हो सकीं और वे 26 मई को जारी रहेंगी। अपने खिलाफ आरोप तय किये जाने का विरोध करते हुए कलमाडी ने पूर्व में अदालत से कहा था कि उनका काम खेल मामलों को देखना था, न कि तकनीकी मामलों को।
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