एफडीआई पर लोकसभा में 4-5 दिसंबर को बहस, मुलायम का दोहरा रवैया
उधर, सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार इस मुद्दे पर राज्यसभा में भी किसी भी नियम के तहत बहस के लिए तैयार है। इस मामले में सबसे दिलचस्प स्थिति समाजवादी पार्टी की है। लोकसभा में इस मुद्दे पर सरकार का समर्थन करने वाली सपा, राज्यसभा में सरकार के खिलाफ वोट करेगी यानी संसद के भीतर एक ही मुद्दे पर उसका रुख अलग−अलग रहेगा।
इससे पहले, लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन में वोटिंग के प्रावधान वाले नियम के तहत खुदरा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) के मुद्दे पर चर्चा कराए जाने की अनुमति गुरुवार को दे दी।
गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने सदन में वोटिंग के प्रावधान वाले नियम के तहत चर्चा कराए जाने के लिए नोटिस दिया था। इसके जवाब में लोकसभा अध्यक्ष ने कहा, मैं खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर नियम 184 के तहत चर्चा कराए जाने की अनुमति देती हूं।
इसके बाद विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने लोकसभा अध्यक्ष को भाजपा के प्रस्ताव को अनुमति देने के लिए धन्यवाद दिया और उन्हें संसद के सुचारु संचालन का आश्वासन दिया।
सुषमा ने कहा, प्रस्ताव को अनुमति देने के लिए मैं आपको धन्यवाद देती हूं और आश्वासन दिलाती हूं कि अब सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलेगी।
गौरतलब है कि संसद का शीतकालीन सत्र 22 नवंबर को शुरू हुआ था, लेकिन विपक्ष खुदरा क्षेत्र में एफडीआई पर वोटिंग के प्रावधान वाले नियम के तहत ही चर्चा कराए जाने की अपनी मांग पर अड़ा था, जिसके कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही लगातार बाधित होती रही।
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