आप यहां हैं : होम » खेल-खिलाड़ी »

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Enable Social Reading
No, Thanks

एडम्स ने मैरी कॉम को पस्त किया, कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा

 
email
email
एडम्स ने मैरी कॉम को पस्त किया, कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा

PLAYClick to Expand & Play

लंदन: ग्रेट ब्रिटेन की निकोला एडम्स ने बुधवार को लंदन ओलिंपिक खेलों की महिला फ्लाईवेट :51 किग्रा: स्पर्धा के सेमीफाइनल में एम सी मैरी कॉम को करारी शिकस्त देकर इस भारतीय मुक्केबाज की फाइनल्स में पहुंचने की उम्मीदों को चकनाचूर कर दिया जिन्हें कांस्य पदक से संतोष करना पड़ेगा।

पांच बार की विश्व चैम्पियन मैरीकोम अपनी ब्रिटिश प्रतिद्वंद्वी के सामने कहीं नहीं टिकी जिसने घरेलू दर्शकों के सामने इस भारतीय को 11-6 से पस्त कर दिया। ब्रिटेन के प्रधानमंत्री डेविड कैमरन और पिछले ओलिंपिक के रजत पदकधारी आमिर खान भी दर्शकों में मौजूद थे।

मैरी कॉम की पांच फुट दो इंच लंबाई उनके खिलाफ गयी क्योंकि निकोला ने अपने भारी भरकम शरीर और लंबे हाथों का इस्तेमाल अच्छी तरह किया और दूर से ही पंच लगाये, साथ ही वह भारतीय मुक्केबाज की पहुंच से भी दूर रहीं।

मुक्केबाजी जगत में ‘बच्चों जैसे चेहरे’ के नाम से मशहूर निकोला ने पहले राउंड में 3-1 की बढ़त बना ली। दूसरे राउंड में निकोला ने मैरी कॉम पर एक खतरनाक हुक जड़ा जिसके बाद उन्होंने मैरी कॉम के नीचे गार्ड का फायदा उठाकर सीधा ताकतवर पंच लगा दिया। ब्रिटिश मुक्केबाज ने तीन और अंक जुटाकर यह बढ़त 5-2 कर ली जिससे इस भारतीय के लिये वापसी करना मुश्किल हो गया।

मैरी कॉम तीसरे राउंड में वापसी के लिये बेताब दिखीं लेकिन उनके कुछ पंच सही जगह नहीं लगे और निकोला ने इस राउंड में 3-2 के स्कोर से 8-4 की बढ़त बना ली। निर्णायक राउंड में ब्रिटिश मुक्केबाज ने मैरी कॉम को खुद से दूर रखा और इससे उन्होंने इस मणिपुरी मुक्केबाज को थका दिया जिन्होंने हताशा में अपने प्रतिद्वंद्वी के सिर पर पीछे से दो मुक्के जड़ दिये।

हालांकि 11-6 के परिणाम से ऐसा लग सकता है कि कुछ मुकाबला हुआ था लेकिन यह साफ था कि विश्व चैम्पियनशिप में दो बार की उप विजेता शानदार तरीके से जीतीं।

‘मैग्नीफिशेंट मैरी’ नाम से मशहूर मैरी कॉम के लिये हालांकि कांस्य पदक जीतना निश्चित रूप से अच्छा प्रयास था, जिनका नाम भारतीय खेलों के इतिहास में लिखा जायेगा क्योंकि महिला मुक्केबाजी में वह हमेशा ही ओलिंपिक पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज रहेंगी।

हार के तुरंत बाद मैरी कॉम ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि मैंने जीतने की पूरी कोशिस की लेकिन हार गई। उनका कहना है कि मैं फिर भी खुश हूं। मैरी कॉम ने लोगों के समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। भविष्य में अपनी योजनाओं के बारे में मैरी कॉम का कहना है कि वह अभी खेलना जारी रखेंगे।
(इनपुट भाषा से भी)

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...


Advertisement