आप यहां हैं : होम » देश से »

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Enable Social Reading
No, Thanks

बदल गया मनमोहन सरकार का रूप, खुर्शीद को मिला इनाम

 
email
email
बदल गया मनमोहन सरकार का रूप, खुर्शीद को मिला इनाम

PLAYClick to Expand & Play

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रविवार को यूपीए-2 मंत्रिमंडल में संभवत: अंतिम फेरबदल कर कई नए चेहरों को शामिल किया, 10 को तरक्की दी और कई मंत्रियों के प्रभार बदले।

इस फेरबदल में सलमान खुर्शीद देश के नए विदेशमंत्री बने तो, पवन कुमार बंसल को रेल, वीरप्पा मोइली को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस और पल्लम राजू को मानव संसाधन विकास मंत्रालय दिए गए हैं।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के अपने कार्यकाल के पहले शपथ ग्रहण समारोह में जिन 22 मंत्रियों को शपथ दिलाई, वे हैं - रहमान खान, दिनशा पटेल, अजय माकन, पल्लम राजू, अश्वनी कुमार, हरीश रावत, चंद्रेश कुमारी कटोच (सभी कैबिनेट), मनीष तिवारी और चिरंजीवी (दोनों स्वतंत्र प्रभार, पहली बार मंत्री), शशि थरूर, के सुरेश, तारिक अनवर, केजे सूर्यप्रकाश रेड्डी, रानी नाराह, अधीर रंजन चौधरी, एएच खान चौधरी, सर्वे सत्यनारायण, निनांग एरिंग, दीपा दासमुंशी, पी बलराम नाइक, कृपारानी किल्ली और लालचंद कटारिया (सभी राज्य मंत्री)।

यूपीए-2 सरकार में पहली बार मंत्री बनने वाले दो कैबिनेट मंत्री रहमान खान और चंद्रेश कुमारी हैं। राज्य मंत्रियों में आईपीएल कोच्चि टीम की 'स्वीट इक्विटी' को लेकर हुए विवाद के कारण इस्तीफा देने वाले शशि थरूर की दो साल बाद वापसी हुई है। खास बात यह है कि शपथ लेने वाले मंत्रियों में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के तारिक अनवर को छोड़कर सभी कांग्रेस के सदस्य हैं।

कांग्रेस प्रवक्ता के रूप में अपनी प्रभावशाली भूमिका निभाने के लिए पुरस्कृत मनीष तिवारी को अब सूचना और प्रसारण जैसा महत्वपूर्ण प्रभार दिया गया है, जो पिछले दिनों इस्तीफा देने वाली अंबिका सोनी के पास था। वहीं दूसरे स्वतंत्र प्रभार राज्यमंत्री चिरंजीवी तेलूगु और हिन्दी फिल्मों के मशहूर अभिनेता रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रजाराज्यम पार्टी का कांग्रेस में विलय किया था। उन्हें पर्यटन मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार दिया गया है।

पिछले दिनों विभिन्न कारणों से करीब 19 मंत्रियों के इस्तीफों के बाद मंत्रिमंडल के कई सदस्यों के पास अतिरिक्त कार्यभार था, जिसे हल्का किया गया। कुल मिलाकर 22 मंत्रियों ने शपथ ली, जिनमें से सात ने कैबिनेट, दो ने स्वतंत्र प्रभार वाले राज्यमंत्री और 13 ने राज्यमंत्री के रूप में शपथ ली।

विभागों के फेरबदल में 15 कैबिनेट और स्वतंत्र प्रभार वाले चार राज्यमंत्रियों की जिम्मेदारियों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ है। इसी तरह तृणमूल कांग्रेस के मंत्री मुकुल रॉय के इस्तीफे के बाद से रेल मंत्रालय भी देख रहे सीपी जोशी अब अपना मूल विभाग सड़क परिवहन एवं राजमार्ग देखेंगे। वायलार रवि के पास प्रवासी भारतीय मामलों का मंत्रालय बना रहा, जबकि उनके पास वीरभद्र सिंह के इस्तीफे के बाद रहा सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय का कार्यभार केएच मुनियप्पा को स्वतंत्र रूप से दे दिया गया है। मुनियप्पा पहले रेल राज्यमंत्री थे।

विलासराव देशमुख के अस्वस्थ होने के दौरान से ही रवि के पास विज्ञान प्रौद्योगिकी एवं पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भी थे, जो अब जयपाल रेड्डी देखेंगे। कपिल सिब्बल अब दूरसंचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री बने रहेंगे, परंतु उनका मानव संसाधन विकास मंत्रालय अब तरक्की पाकर कैबिनेट मंत्री बने पल्लम राजू के हिस्से आया है। इस फेरबदल में खेल एवं युवा कार्यक्रम के राज्य मंत्री (स्वंतत्र प्रभार) अजय माकन तरक्की पाकर आवास एवं शहरी गरीबी उन्मूलन विभाग के कैबिनेट मंत्री बन गए हैं।

इसी तरह खान मंत्रालय में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रहे दिनशा पटेल इसी मंत्रालय में कैबिनेट मंत्री हो गए हैं। एमएम पल्लम राजू भी तरक्की पाने वालों में से एक हैं, जो रक्षा राज्य मंत्री थे, अब मानव संसाधन विकास जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालय के कैबिनेट मंत्री बन गए हैं। योजना, विज्ञान प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान विभाग के राज्य मंत्री रहे अश्वनी कुमार चौथे भाग्यशाली हैं, जिन्हें कैबिनेट मंत्री के रूप में विधि एवं न्याय विभाग सौंपा गया है।

इसी तरह उत्तराखंड में मुख्यमंत्री नहीं बन पाने से निराश रहे हरीश रावत कृषि, खाद्य प्रसंस्करण और संसदीय कार्य राज्य मंत्री से अब तरक्की पाकर जल संसाधन के कैबिनेट मंत्री बन गए। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया वाणिज्य एवं उद्योग के राज्य मंत्री से तरक्की पाकर अब ऊर्जा मंत्रालय का प्रभार स्वतंत्र रूप से देखेंगे। तरक्की पाने वाले सातवें भाग्यशाली केएच मुनियप्पा हैं, जो अब रेल राज्य मंत्री की जगह सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग को स्वतंत्र रूप से संभालेंगे। पहले यह मंत्रालय वीरभद्र सिंह के पास था, जिन्होंने आरोपों में घिरने के बाद इस्तीफा दे दिया था।

तरक्की पाने वाले आठवें भाग्यशाली हैं गुजरात के भरत सिंह सोलंकी, जो अब पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को स्वतंत्र रूप से देखेंगे। पहले वह रेल राज्य मंत्री थे। तरक्की पाने वालों की फेहरिस्त में सचिन पायलट भी शामिल हैं, जो पहले संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के राज्य मंत्री थे और अब कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय का कामकाज स्वतंत्र रूप से देखेंगे।

गृह राज्य मंत्री रहे जितेंद्र सिंह को खेल एवं युवा कार्यक्रम मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार सौंपा गया है। इस फेरबदल से अप्रभावित रहने वाले कैबिनेट मंत्री हैं पी चिदंबरम, शरद पवार, एके एंटनी, सुशील कुमार शिंदे, गुलाम नबी आजाद, फारूक अब्दुल्ला, मल्लिकार्जुन खड़गे, आनंद शर्मा, जीके वासन, एमके अलागिरि, प्रफुल्ल पटेल, श्रीप्रकाश जायसवाल, वी किशोर चंद्र देव, बेनी प्रसाद वर्मा और अजित सिंह। वहीं जयराम रमेश के पास ग्रामीण विकास मंत्रालय तो रहेगा, परंतु उनका पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय भरत सिंह सोलंकी को स्वतंत्र रूप से देखने के लिए दे दिया गया है।

दूसरी ओर, कमलनाथ अब शहरी विकास के साथ ही संसदीय कार्य मंत्रालय भी देखेंगे। एसएम कृष्णा की जगह विदेश मंत्री बनने वाले खुर्शीद के पास पहले विधि एवं न्याय मंत्रालय और अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय था। इसमें से विधि एवं न्याय मंत्रालय जहां अश्वनी कुमार को दिया गया है, वहीं अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय के रहमान खान को।

जाकिर हुसैन ट्रस्ट की तरफ से विकलांगों को दिए जाने वाले उपकरणों को लेकर विवादों में घिरे खुर्शीद को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी देना प्रधानमंत्री का उनके प्रति विश्वास दर्शाता है। इसी तरह, कोयला ब्लॉक आवंटन पर भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक की रिपोर्ट के बाद निशाने पर आए श्रीप्रकाश जायसवाल का अपने पद पर कायम रहना नेतृत्व की राय में उनका पाक साफ होना है।

इस फेरबदल के बाद आंध्र प्रदेश के सबसे अधिक 11 प्रतिनिधि शामिल किया जाना राज्य में कांग्रेस को मिल रही दोहरी चुनौती का सामना करने की नेतृत्व की कोशिश को दर्शाता है। एक तरफ जगन मोहन रेड्डी की वाईएसआर कांग्रेस गंभीर चुनौती दे रही है, वहीं अलग तेलंगाना राज्य की मांग भी झकझोर रही है। शपथ लेने वालों में चिरंजीवी, सर्वे सत्यनारायण, केजे रेड्डी, पी बलराम नाइक और किल्ली कृपारानी आंध्र प्रदेश से हैं। इसके अलावा राज्य से छह मंत्री पहले से ही हैं।

वहीं करीब चार साल के अंतराल के बाद बिहार को पहली बार आधा मंत्री मिला। आज शपथ लेने वाले राज्य मंत्री तारिक अनवर भले ही चार बार बिहार के कटिहार से लोकसभा सदस्य रहे हों, फिलहाल दो बार से वह महाराष्ट्र से राज्यसभा के सदस्य हैं। यूपीए-1 में बिहार से काफी मंत्री हुआ करते थे। झारखंड से केंद्रीय मंत्री रहे सुबोध कांत सहाय के कोयला ब्लॉक आवंटन में आरोपों के छींटे पड़ने के बाद इस्तीफा देने से वहां का कोई प्रतिनिधि केंद्रीय मंत्रिमंडल में नहीं बचा है।

शपथ लेने वाले मंत्रियों की सूची इस प्रकार है:-
कैबिनेट :
1. के रहमान खान
2. दिनशा पटेल
3. अजय माकन
4. पल्लम राजू
5. अश्विनी कुमार
6. हरीश रावत
7. चंद्रेश कुमारी कटोच

राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार
1. मनीष तिवारी
2. चिरंजीवी

राज्यमंत्री
1. शशि थरूर
2. केके सुरेश
3. तारिक अनवर
4. जयसूर्या प्रकाश रेड्डी
5. रानी नारा
6. अधीर रंजन चौधरी
7. एएच खान चौधरी
8. एस सत्यनारायण
9. निनोंग इरिंग
10. दीपा दासमुंशी
11. पोरिका बलराम नाइक
12. डॉ (श्रीमति) कृपा रवि किल्ली
13. लालचंद कटारिया

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...


Advertisement