यूपीए सरकार से अपने मंत्रियों को वापस बुला सकती हैं ममता : सूत्र
सूत्रों के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस अब सरकार को सिर्फ बाहर से समर्थन देगी। इस बाबत ममता अपनी पार्टी के वरिष्ठ सहयोगियों के साथ मंगलवार को बैठक कर अंतिम फैसला लेंगी।
शनिवार को ममता बनर्जी इस चेतावनी के साथ सड़कों पर उतरीं कि अगर यूपीए सरकार मल्टी-ब्रांड रिटेल में एफडीआई, डीजल की कीमतों में वृद्धि और सस्ते एलपीजी की संख्या सीमित करने के फैसले को वापस नहीं लेती है, तो उनकी पार्टी 72 घंटे की निर्धारित समय सीमा के समाप्त होने के बाद कठोर फैसले करेगी।
ममता ने इस रैली में कहा, हमने इन मुद्दों पर चर्चा करने के लिए मंगलवार को पार्टी की बैठक बुलाई है। अगर केंद्र डीजल की कीमतों में वृद्धि और मल्टी ब्रांड रिटेल कारोबार में एफडीआई और सस्ते एलपीजी की संख्या सीमित करने के फैसले को वापस नहीं लेता है, तो चाहे जितना भी कठिन हो, हम फैसला करेंगे। मुझे उम्मीद है कि लोग गलत नहीं समझेंगे।
मई में पेट्रोल में वृद्धि के बाद से ममता दूसरी बार सड़कों पर उतरीं। सरकार के अचानक बड़े सुधार के फैसले लेने पर आश्चर्य जताते हुए ममता बनर्जी ने कहा, मैं नहीं जानती कि क्या हुआ। एक ही दिन में इतने सारे फैसले किए गए। हम आर्थिक सुधार चाहते हैं, जो जमीनी स्तर तक पहुंचे, न कि ऐसा कुछ, जो एक तबके को फायदा पहुंचाए। ये जनविरोधी फैसले हैं।
ममता ने हालांकि कहा कि उनकी पार्टी यूपीए सरकार को गिराना नहीं चाहेगी। उन्होंने कहा, हम सरकार छोड़ने के पक्ष में नहीं हैं। हम हमेशा गठबंधन नहीं तोड़ने के पक्ष में हैं, लेकिन हम लोगों के प्रति वचनबद्ध हैं। बनर्जी ने कहा, हम यूपीए के दूसरे सबसे बड़े सहयोगी दल हैं और मंत्रिमंडल में हमारे और मंत्री हो सकते थे। हमारे पास अब सिर्फ रेल मंत्रालय है, लेकिन उसका हमारे लिए बमुश्किल महत्व है। हमारे लिए जनता का महत्व है।
(इनपुट एजेंसियों से भी)
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Sakshi, before she became Mrs Dhoni