रुपये में कमजोरी के लिए घरेलू-बाहरी कारक जिम्मेदार : प्रणब
मुखर्जी ने संवाददाताओं से कहा, "डॉलर के मुकाबले रुपये के मूल्य में कमजोरी के लिए कई कारण जिम्मेदार हैं। तेल की कीमतों में अस्थिरता और यूरोप की अर्थव्यवस्था की अनिश्चितता ने ऐसी स्थिति उत्पन्न कर दी है जिसकी वजह से निवेशक अपनी बचत अमेरिका में निवेश कर रहे हैं। मौजूदा समय में अमेरिका सुरक्षित निवेश स्थल माना जा रहा है।"
मुखर्जी ने कहा, "वहीं, अपने यहां निर्यात में कमी, आयात में बढ़ोतरी और राजकोषीय घाटा बढ़ने से रुपया कमजोर हुआ है।"
यूरोपीय बाजार में भारतीय उत्पादों की मांग में आई कमी पर केंद्रीय वित्त मंत्री ने कहा, "इस समय यूरोपीय अर्थव्यवस्था के उबरने की उम्मीद कम है।"
मुखर्जी ने हालांकि, भरोसा दिलाया कि रुपये को कमजोरी से उबारने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने कदम उठाए हैं और वह आगे भी कदम उठाएगा।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...
