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शेयर बाजारों में लगातार तीसरे सप्ताह रही तेजी

 
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मुम्बई: देश के शेयर बाजारों में लगातार तीसरे सप्ताह तेजी रही। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत साप्ताहिक कारोबार में 0.76 फीसदी या 133.34 अंकों की तेजी के साथ 17,691.08 पर बंद हुआ।

सेंसेक्स पिछले सप्ताह 2.09 फीसदी या 359.81 अंकों की तेजी के साथ 17,557.74 पर बंद हुआ था। उससे पिछले सप्ताह यह 2.13 फीसदी या 358.74 अंकों की तेजी के साथ 17,197.93 पर बंद हुआ था।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी गत साप्ताहिक कारोबार में 0.86 फीसदी या 45.9 अंकों की तेजी के साथ 5366.30 पर बंद हुआ।

पिछले सप्ताह निफ्टी 2.00 फीसदी या 104.70 अंकों की तेजी के साथ 5,320.40 पर बंद हुआ था। उससे पिछले सप्ताह यह 2.27 फीसदी या 115.85 अंकों की तेजी के साथ 5,215.70 पर बंद हुआ था।

आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में लगभग एक फीसदी तेजी रही। मिडकैप 0.96 फीसदी या 58.35 अंकों की तेजी के साथ 6,157.96 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह मिडकैप में 0.45 फीसदी तेजी रही थी।

बीएसई का स्मॉलकैप आलोच्य अवधि में 1.00 फीसदी या 65.48 अंकों की तेजी के साथ 6,615.25 पर बंद हुआ। पिछले सप्ताह स्मॉलकैप में 0.06 फीसदी तेजी रही थी।

गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे रिलायंस इंडस्ट्रीज (4.23 फीसदी), महिंद्रा एंड महिंद्रा (3.85 फीसदी), टाटा मोटर्स (3.64 फीसदी), एचडीएफसी (3.24 फीसदी) और भारती एयरटेल (2.48 फीसदी)।

सेंसेक्स में इस सप्ताह गिरावट में रहने वाले शेयरों में प्रमुख रहे हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (7.21 फीसदी), टाटा पावर (2.60 फीसदी), सन फार्मा (2.21 फीसदी), आईटीसी लिमिटेड (2.20 फीसदी) और एनटीपीसी (2.09 फीसदी)।

गत सप्ताह बीएसई के 13 में से नौ सेक्टरों में तेजी रही। तेल एवं गैस (2.30 फीसदी), वाहन (1.80 फीसदी), उपभोक्ता टिकाऊ वस्तु (1.75 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (1.44 फीसदी) और प्रौद्योगिकी (1.32 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।

बीएसई के चार सेक्टरों धातु (1.84 फीसदी), बिजली (1.10 फीसदी), तेज खपत वाली उपभोक्ता वस्तु (0.41 फीसदी) और रियल्टी (0.09 फीसदी) में गिरावट रही।

इस सप्ताह स्वतंत्रता दिवस को अवकाश रहने के कारण चार कारोबारी सत्र ही सम्पन्न हुआ।

सप्ताह महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाक्रमों में देश की समग्र महंगाई दर जुलाई में घटकर 6.87 फीसदी दर्ज की गई, जो जून में 7.25 फीसदी थी। महंगाई दर में इस गिरावट से भारतीय रिजर्व बैंक अर्थव्यवस्था में तेजी लाने के लिए ब्याज दर में कटौती करने पर विचार कर सकता है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा मंगलवार को जारी आंकड़े के मुताबिक आलोच्य अवधि में खाद्य वस्तुओं में महंगाई 10.06 फीसदी रही, जो जून में 10.81 फीसदी थी। पिछले साल की समान अवधि में खाद्य महंगाई दर 8.19 फीसदी थी।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा ही मंगलवार को जारी एक अन्य आंकड़े के मुताबिक देश का निर्यात जुलाई 2012 में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 14.8 फीसदी कम 22.4 अरब डॉलर रहा। पिछले साल जुलाई में निर्यात 26.3 अरब डॉलर रहा था।

आयात इसी अवधि में 37.9 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल जुलाई में 41.1 अरब डॉलर था। आयात की तुलना में निर्यात कम रहने के कारण आलोच्य अवधि में 15.5 अरब डॉलर का व्यापार घाटा हुआ, जो पिछले साल की समान अवधि में 14.8 अरब डॉलर था।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने बुधवार को कहा कि कई मुद्दों पर राजनीतिक सहमति के अभाव के कारण देश का विकास प्रभावित हो रहा है।

स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले के प्राचीर से राष्ट्र को नौवीं बार सम्बोधित करते हुए मनमोहन सिंह ने कहा कि देश में कई मुद्दों पर राजनीतिक आम सहमति के अभाव के कारण तेज आर्थिक विकास का माहौल नहीं बन पा रहा है। उन्होंने कहा, "समय आ गया है, जब विकास प्रक्रिया को प्रभावित करने वाले मुद्दों को राष्ट्रीय सुरक्षा के विषय के तौर पर देखा जाए।" प्रधानमंत्री ने हालांकि ऐसे किसी मुद्दे का जिक्र नहीं किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत वैश्विक आर्थिक संकट से बच नहीं सकता, लेकिन देश की आर्थिक विकास दर पिछले साल के 6.5 फीसदी से कुछ बेहतर रहेगी। उन्होंने कहा कि 12वीं पंचवर्षीय योजना में ऐसे कदम उठाए जाएंगे, जिससे कि आर्थिक विकास दर योजना अवधि के आखिरी साल में वर्तमान 6.5 फीसदी से बढ़कर नौ फीसदी हो जाए।

सिंह ने हालांकि चेतावनी भी दी कि इस साल खराब मानसून के कारण महंगाई कम कर पाना मुश्किल होगा। उन्होंने कहा कि इसके कारण खाद्यान्न उपलब्धता की समस्या पैदा नहीं होगी, क्योंकि सरकार के पास खाद्यान्न का विशाल भंडार है। सिंह ने कहा, "यह यह कठिन समय ज्यादा लम्बा नहीं खिचेगा।"

विमान ईंधन (एटीएफ) की कीमत गुरुवार को 3.2 फीसदी बढ़ा दी गई।

विमान ईंधन पर विमानन कम्पनियां अपने संचालन खर्च का 40 फीसदी हिस्सा व्यय करती हैं। देश की अधिकतर विमानन कम्पनियां फिलहाल नकदी संकट से गुजर रही हैं और ताजा मूल्य वृद्धि से उनका संकट और बढ़ जाएगा।

इंडियन ऑयल कारपोरेशन के मुताबिक दिल्ली में विमान ईंधन की कीमत प्रति किलोलीटर 2,130.17 रुपये या 3.27 फीसदी बढ़ाकर 67,135.76 रुपये की गई है।

प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (पीएमईएसी) ने शुक्रवार को मौजूदा कारोबारी साल के लिए देश के विकास का पूर्वानुमान घटाकर 6.7 फीसदी कर दिया। पहले उसने 7.5 फीसदी से आठ फीसदी का अनुमान जाहिर किया था।

मौजूदा कारोबारी साल के लिए महंगाई दर का पूर्वानुमान बढ़ाकर 6.5 फीसदी से सात फीसदी कर दिया गया, जिसके पहले पांच से छह फीसदी पर रहने का अनुमान जताया गया था।

सी. रंगराजन की अध्यक्षता वाली पीएमईएसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "सामान्य से कम मानसून के कारण प्राथमिक खाद्य वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।"

आलोच्य अवधि में कृषि विकास दर के 0.5 फीसदी और विनिर्माण क्षेत्र के विकास की दर 4.5 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया।

खनन क्षेत्र के विकास की दर मौजूदा कारोबारी साल में 4.4 फीसदी रहने का अनुमान जताया गया।

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