आप यहां हैं : होम » बिज़नेस »

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Enable Social Reading
No, Thanks

मारुति के मानेसर प्लांट में मिला शव जनरल मैनेजर का, 99 आरोपी गिरफ्तार

 
email
email
मारुति के मानेसर प्लांट में मिला शव जनरल मैनेजर का, 99 आरोपी गिरफ्तार

PLAYClick to Expand & Play

नई दिल्ली: मानेसर में मारुति के प्लांट में बुधवार को हुई खूनी झड़प के बाद मिले शव की पहचान एचआर के जनरल मैनेजर अवनीश देव के रूप में हुई है। हिंसा के वक्त वह कॉन्फ्रेंस रूम में छिपे हुए थे। बाद में उनका जला शव बरामद हुआ। प्लांट में हिंसा के मामले में 99 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। दरअसल बुधवार शाम मारुति के प्लांट में एक सुपरवाइजर के साथ एक कर्मचारी की मारपीट को लेकर हिंसा भड़क गई थी, जिसके बाद कर्मचारियों ने प्लांट में जमकर हिंसा की, कई गाडियों के शीशे तोड़ दिए गए और फैक्ट्री में पांच अलग-अलग जगहों पर आग लगा दी गई।

इस हिंसा में एक शख्स की मौत हो गई, जबकि 85 अन्य घायल हो गए। इस घटना के बाद से प्लांट में उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है। उधर, सुबह शेयर बाजारों के खुलने के साथ ही मारुति के शेयरों में आठ फीसदी से भी ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।

पूरे प्लांट में पुलिस बल मौजूद है। हरियाणा के पुलिस महानिदेशक रंजीत दलाल हालात का जायजा लेने के लिए मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए कई पुलिस पार्टियां तैनात की गई हैं।

गुड़गांव के कमिश्नर केके संधू ने बताया है कि यह पूरी घटना पहले से तय नहीं थी, मैनेजमेंट की तरफ से करीब 70 लोग घायल हुए हैं। मैं नहीं सोचता कि यह पहले से तय था। इस तरह के व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने सुरक्षा के लिए काफी जवान तैनात किए हैं, जिससे कोई भी कानून को हाथ में न ले सके।

वहीं हरियाणा के उद्योगमंत्री रणदीप सुरजेवाला ने इस बवाल के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका जताई है। वहीं, मारुति सुजुकी वर्कर्स यूनियन ने प्लांट में हाल की घटनाओं पर अफसोस जताते हुए इसके लिए मैनेजमेंट के मजदूर विरोधी तौर−तरीकों को जिम्मेदार ठहराया है।

यूनियन ने एक प्रेस रिलीज जारी करके कहा है कि कल दोपहर एक सुपरवाइजर ने एक दलित कामगार के खिलाफ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए उसे गाली दी। मजदूरों ने इसका विरोध किया, लेकिन मैनेजमेंट ने बिना जांच के उसे निकाल दिया। जब यूनियन के लोग मैनेजमेंट से बात करने गए तो बड़ी तादाद में बाउंसर बुला लिए गए। इन असामाजिक तत्वों ने ही कारखाने में तोड़फोड़ की और एक हिस्से में आग लगा दी।

इस घटना पर सीटू के नेता तपन सेन ने कहा है कि मजदूरों को विलेन बनाने की कोई जरूरत नहीं है। इस मामले पर केंद्रीय श्रममंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि उन्होंने चीफ लेबर कमिश्नर से इस बारे में रिपोर्ट मांगी है।

पिछले साल, मारुति सुजुकी इंडिया के मानेसर संयंत्र में श्रमिकों के बीच तनाव की तीन अलग-अलग घटनाएं हुईं जिससे करीब 83,000 कारों के उत्पादन का नुकसान कंपनी को उठाना पड़ा।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...


Advertisement