कास्परोव चाहते हैं मैं रिटायर हो जाऊं : आनंद
आनंद मानते हैं कि 2005 में शतरंज को अलविदा कहने वाले कास्परोव को अब उतना मान-सम्मान नहीं मिल रहा है, जितना वह खेल के दिनों में हासिल करते थे।
आनंद ने कहा, "कास्परोव को शतरंज छोड़ने का मलाल है। वह शतरंज से मिलने वाली शोहरत की कमी महसूस करते हैं। यही कारण है कि वह मुझे भी संन्यास का फैसला सुनाते देखना चाहते हैं। ऐसा भी हो सकता है कि वह दोबारा सक्रिय हो जाएं।"
"कास्परोव ने 2005 में संन्यास ले लिया था और 2011 से वह चाहते हैं कि मैं भी शतरंज को अलविदा कह दूं।"
पूर्व विश्व चैम्पियन कास्परोव ने कहा था कि आनंद के खेल में समर्पण की कमी है और वह ढलान पर हैं लेकिन आनंद ने इसे गलत साबित करते हुए बीते सप्ताह मास्को में पांचवीं बार विश्व खिताब पर कब्जा जमाया।
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Sakshi, before she became Mrs Dhoni