पेस-भूपति मामले पर माकन और ओझा हुए आमने-सामने
एआईटीए के नवनियुक्त महासचिव भरत ओझा ने कहा कि खेल मंत्रालय को भूपति और बोपन्ना से पूछना चाहिए कि उन्होंने पेस के साथ खेलने से इनकार क्यों किया है। ओझा के मुताबिक अगर भूपति और बोपन्ना सरकार द्वारा दी जा रही राशि पर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं तो वे देश के लिए खेलने से इनकार नहीं कर सकते।
ओझा ने कहा, "पेशेवर दूरियों को देश की खातिर खत्म कर देना चाहिए। पेस और भूपति के बीच लम्बे समय से बातचीत नहीं है लेकिन उन्होंने देश के लिए 20 से अधिक डेविस कप मैच जीते हैं।"
ओझा का यह बयान खेल मंत्री अजय माकन के उस बयान के बाद आया है, जिसमें उन्होंने लंदन ओलिंपिक के लिए एक पुरुष युगल टीम भेजने के एआईटीए के फैसले पर सवाल खड़ा किया है।
माकन ने यह भी कहा कि आखिरकार एआईटीए भूपति और पेस को जोड़ीदार क्यों बनाना चाहता है जबकि वे बीते चार ओलिंपिक खेलों से खाली हाथ लौटे हैं।
ओझा ने कहा कि भूपति के लिए यह पेस के साथ दूरियां खत्म करके देश के लिए कुछ करने का सबसे अच्छा वक्त है। बकौल ओझा, "इस तरह की दिक्कतें दूसरे खेलों में भी आती हैं लेकिन देश सर्वप्रथम होता है। हम भूपति और पेस के बीच के मसले को समझ सकते हैं लेकिन बोपन्ना इससे दूर क्यों जा रहे हैं? हम बोपन्ना से इस मामले में अपना पक्ष साफ करने को कहेंगे।"
इससे पहले, माकन ने ट्वीट किया कि जब दो टीमें लंदन भेजने की गुंजाइश है तो फिर एक टीम ही भेजने की तैयारी क्यों की जा रही है।
भारतीय टेनिस से जुड़े इस विवाद पर माकन ने ट्वीट किया है, "हम दो टीमें भेज सकते हैं तो फिर एक क्यों भेजें? सबसे बड़ा सवाल यह है कि सानिया का साथ कौन देगा? हम ग्रैंड स्लैम जीतने वाली जोड़ी को क्यों खराब कर रहे हैं?"
एआईटीए ने शुक्रवार को कहा कि लिएंडर पेस और महेश भूपति युगल मुकाबलों में खेलेंगे लेकिन भूपति ने पेस के साथ खेलने से इनकार कर दिया। इसके बाद संघ ने पेस के साथ रोहन बोपन्ना को जोड़ा लेकिन सोमवार को उन्होंने भी इससे इनकार कर दिया।
भारत की दो जोड़ियां ओलिंपिक में खेल सकती हैं क्योंकि विश्व के सातवें वरीयता प्राप्त खिलाड़ी पेस स्वाभाविक तौर पर ओलिंपिक के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं जबकि भूपति और बोपन्ना की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी एक टीम के तौर पर ओलिंपिक में खेलने का अधिकार रखती है।
एआईटीए, हालांकि एक टीम ही भेजने को लेकर अडिग है। उसका कहना है कि पेस के साथ चाहे जो भी खेले लेकिन यह जोड़ी ओलिंपिक में देश को पदक दिला सकती है।
21 जून को इस बात का फैसला होना है कि सानिया मिर्जा को मिश्रित युगल के लिए वाइल्डकार्ड मिलेगा या नहीं। इसके बाद ही एआईटीए सानिया और भूपति को इस वर्ग में उतारने को लेकर कोई फैसला करेगा।
माकन के इस ट्वीट से पहले भारत के युगल विशेषज्ञ बोपन्ना ने अपने नियमित जोड़ीदार भूपति के नक्शेकदम पर चलते हुए पेस के साथ खेलने से इनकार कर दिया। बोपन्ना ने एक बयान जारी कर अपनी राय स्पष्ट की।
एआईटीए को लिखे अपने पत्र में बोपन्ना ने साफ कर दिया कि वह पेस के साथ नहीं खेलना चाहते। हालांकि बोपन्ना ने यह भी साफ किया कि ओलिंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करना उनका सपना रहा है।
भूपति ने बीते सप्ताह यह कहा था कि वह पेस के साथ जोड़ी नहीं बनाना चाहते। भूपति का यह बयान एआईटीए द्वारा उन्हें पेस का जोड़ीदार बनाए जाने के कुछ समय बाद ही आया था।
बोपन्ना ने लिखा है, "हम संघ के फैसले का सम्मान करते हैं लेकिन मैं फिलहाल संघ का पेस के साथ खेलने सम्बंधी फैसला मानने की स्थिति में नहीं हूं। मैंने इस सम्बंध में संघ को जानकारी दे दी है।"
बोपन्ना ने कहा कि इस साल की शुरुआत में उन्होंने भूपति के साथ जोड़ी सिर्फ इसलिए बनाई थी क्योंकि वह ओलिंपिक में देश के लिए खेलना चाहते थे। बोपन्ना के मुताबिक वह तथा पेस अच्छा जोड़ी नहीं बनाते और इससे कोई परिणाम नहीं निकलने वाला है।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Dazzling beauties Deepika, Preity, Veena