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लंदन ओलिंपिक : रजत जीत सुशील ने रचा इतिहास, इनामों की हुई बौछार

 
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लंदन ओलिंपिक : रजत जीत सुशील ने रचा इतिहास, इनामों की हुई बौछार

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लंदन: स्टार पहलवान सुशील कुमार ने रविवार को लंदन ओलिंपिक में इतिहास रच दिया। वह स्वर्ण तो नहीं जीत सके लेकिन रजत जीत भारत की झोली में लंदन ओलिंपिक का छठा पदक डाल दिया।

लंदन ओलिंपिक की कुश्ती प्रतियोगिता के पुरुषों के 66 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में हारकर रजत पदक जीतने वाले सुशील ने ओलिंपिक की व्यक्तिगत स्पर्धा में लगातार दूसरी बार पदक जीतकर इतिहास रच दिया। यह उपलब्धि हासिल करने वाले वह पहले भारतीय एथलीट हैं। उन्होंने बीजिंग ओलिंपिक में कांस्य पदक जीता था।

फाइनल मुकाबले में सुशील को जापान के तासुहीरो योनेमित्सु से 1-3 से हार का सामना करना पड़ा।

सुशील ने रजत पदक जीतने के बाद कहा कि वह स्वर्ण पदक जीतना चाहते थे एवं देश का राष्ट्रगान सुनना चाहते थे। उन्होंने योगेश्वर दत्त का उल्लेख करते हुए एनडीटीवी से कहा, "चोट इस खेल का हिस्सा है। लेकिन मैं यहां राष्ट्रगान सुनना चाहता हूं। कुश्ती का सुनहरा दिन वापस आ गया।" योगेश्वर ने शनिवार को कुश्ती के 60 किग्रा वर्ग में कांस्य जीता था।

ओलिंपिक सहित बड़े खेल आयोजनों में सिर्फ स्वर्ण पदक विजेताओं के लिए राष्ट्रगान बजाया जाता है।

भले ही सुशील स्वर्ण पदक से चूक गए पर उनकी जीत से ही सारे देश में खुशी की लहर दौड़ गई। एक तरफ उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं वहीं दूसरी तरफ उन पर लगातार इनामों की बौछार हो रही है।

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सुशील कुमार को उनकी शानदार उपलब्धि के लिए बधाई दी। साथ ही उम्मीद जताई कि उनकी इस उपलब्धि से देश में नई पीढ़ी को प्रोत्साहन मिलेगा।

प्रधानमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा, "बीजिंग ओलिंपिक के मुकाबले लंदन ओलिंपिक में अपने प्रदर्शन में सुधार कर सुशील ने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति का परिचय दिया है।"

दिल्ली, मध्य प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान सहित कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुशील को बधाई दी और उनके लिए इनामों की घोषणा की।

दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने सुशील कुमार को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया है।

सुशील को बधाई देते हुए शीला ने कहा, "इस उपलब्धि पर पूरा देश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। उनकी लगन, कड़ी मेहनत और सख्त प्रशिक्षण ने अच्छे परिणाम दिए हैं। सुशील ने दिल्ली और देशवासियों का नाम रोशन किया है।"

हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा ने सुशील को डेढ़ करोड़ रुपये देने का ऐलान किया है।

भारतीय रेल ने सुशील को 75 लाख रुपये का पुरस्कार देने की घोषणा की।

रेल मंत्री मुकुल रॉय ने रविवार को कोलकाता में यह घोषणा की। उन्होंने कुमार के कोच गुरु सतपाल सिंह को भी एक लाख रुपये का पुरस्कार देने का ऐलान किया।

रॉय ने कहा, "सुशील उत्तर रेलवे में अधिकारी है। उसने बीजिंग में कांस्य पदक जीता। हमें उम्मीद थी कि वह लंदन में स्वर्ण पदक जीतेगा लेकिन उसने रजत पदक जीता। हमें उनपर गर्व है।"

सुशील ने रविवार को एक्सेल एरीना में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान के अकझूरेक तानातारोव को 3-1 से पराजित कर फाइनल में जगह बनाई।

क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सुशील ने उजबेकिस्तान के पहलवान इख्तियोर नावरूजोव को 3-1 से पराजित किया था।

प्री-क्वार्टर फाइनल में सुशील ने बीजिंग ओलिंपिक के स्वर्ण पदक विजेता तुर्की के रमजान साहिन को 3-1 से शिकस्त दी थी।
सुशील ने 2010 मॉस्को में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में स्वर्ण पदक अपने नाम किया था जबकि कॉमनवेल्थ चैम्पियनशिप में उनके नाम चार स्वर्ण पदक हैं।

वर्ष 2010 में नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रमंड खेलों में सुशील ने घरेलू दर्शकों के सामने शानदार प्रदर्शन करते हुए इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीता था और उसी वर्ष उन्होंने एशियाई चैम्पियनशिप में भी स्वर्ण हासिल किया था।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को भारत के योगेश्वर दत्त ने 60 किलोग्राम फ्रीस्टाइल वर्ग में कांस्य पदक जीता, जो लंदन ओलिंपिक में भारत का कुल पांचवां पदक था। इस प्रकार सुशील ने भारत को छठा पदक दिलाया।

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