2जी मामले में चिदम्बरम पर आदेश सुरक्षित
न्यायमूर्ति जीएस सिंघवी और न्यायमूर्ति केएस राधाकृष्णन की पीठ ने सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (सीपीआईएल) की उस याचिका पर भी आदेश सुरक्षित कर लिया, जिसमें 2जी स्पेक्ट्रम के मूल्य निर्धारण में तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में चिदम्बरम की भूमिका की सीबीआई जांच अदालत की निगरानी में किए जाने की मांग की गई है।
स्वामी ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के उस निर्णय को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है, जिसमें चिदम्बरम को सहआरोपी बनाने की मांग करने वाली स्वामी की याचिका खारिज कर दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया है कि तत्कालीन केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में चिदम्बरम दो फैसलों में सहभागी थे-स्पेक्ट्रम का मूल्य 2008 में 2001 की कीमत पर रखना और दो कम्पनियों की हिस्सेदारी घटाना। ये दो ऐसी गतिविधियां हैं, जिनके लिए राजा को आरोपी बनाया गया है।
सीपीआईएल ने अदालत में अपने तर्क में कहा कि चिदम्बरम ने अपने अधिकारियों के सलाहों को दरकिनार कर दिया, जिन्होंने कहा था कि 2008 में 2जी स्पेक्ट्रम को 2001 की कीमत पर नहीं दिया जा सकता है।
सीपीआईएल ने कहा कि लाइसेंस शुल्क को 3.5 गुना बढ़ाने की दूरसंचार विभाग की सलाह को भी दरकिनार कर दिया गया।
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