विदेशियों के लिए मनमोहन ने बदल दी लोकतंत्र की परिभाषा : मोदी
मोदी ने कच्छ जिले में विवेकानंद यूथ कन्वेंशन में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा, ‘अब से कलम, पेंसिल, नोटबुक आपके पड़ोस का दुकानदार नहीं बेचेगा बल्कि कोई गोरा (विदेशी) बेचेगा। इसलिए, स्थानीय व्यापारी रोजगार खोएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति अब्राहम लिंकन ने दुनिया को लोकतंत्र की प्रसिद्ध परिभाषा ‘जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए’ दी लेकिन हमारे मनमोहन सिंह जी ने हमें ---‘विदेशियों का, विदेशियों के द्वारा और विदेशियों के लिए’ की नई परिभाषा दी है।’
उन्होंने आरोप लगाया कि मल्टी ब्रांड खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की अनुमति का फैसला उस वक्त लिया गया जब वैश्विक निर्माताओं और घरेलू उत्पादकों के बीच कोई समान अवसर नहीं है।
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