पॉन्टी चड्ढा : नमकीन विक्रेता से 'शराब किंग' बनने तक का सफर
अपने राजनीतिक संपर्क का फायदा उठाकर वह जल्द ही उत्तर प्रदेश के शराब कारोबार पर छा गए। इसके साथ ही उन्होंने अपना कारोबार रियल एस्टेट, चीनी, फिल्म निर्माण और प्रदर्शनी तक में भी फैलाया। इस साल सितम्बर में उनके वेब समूह ने हॉकी इंडिया लीग की दिल्ली फ्रेंचाइजी खरीदी।
भाई के साथ पारिवारिक झगड़े में मारे गए 55-वर्षीय चड्ढा को 2009 में मायावती शासन काल में उत्तर प्रदेश का संपूर्ण शराब वितरण अधिकार प्रदान किया गया था। पॉन्टी अपने भाइयों के साथ चड्ढा समूह का प्रबंधन करते थे, जिसे वेव ब्रांड के तहत संगठित किया गया था। वह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में वेव मल्टीप्लेक्स शृंखला का संचालन करते थे। वह सेंटरस्टेज ब्रांड के मॉल के भी मालिक थे।
चड्ढा के परिवार की किस्मत तब बदली, जब उनके पिता ने उसी शराब दुकान का लाइसेंस हासिल कर लिया, जिसके आगे वह जलपान बेचा करते थे। चड्ढा का बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती और समाजवादी पार्टी दोनों के साथ बेहतर रिश्ता था।
राजनीतिक पहुंच और वैभवशाली जीवन के लिए सुर्खियों में रह चुके चड्ढा और उनके छोटे भाई हरदीप चड्ढा की दक्षिण दिल्ली के महरौली के एक फार्म हाउस में शनिवार को पारिवारिक खूनी झगड़े में गोली मारकर हत्या कर दी गई। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, अब तक हमें पता चली सूचना के मुताबिक पहले हरदीप ने पॉन्टी को गोली मारी और उसके तत्काल बाद पॉन्टी के बंदूकधारियों ने हरदीप को गोली मार दी। गोलीबारी सम्पत्ति की लड़ाई का परिणाम है।
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