कमजोर मॉनसून : ईजीओएम की पहली बैठक आयोजित
इस बैठक के दौरान जिन राज्यों में सूखे के हालात हैं उन्हें राहत पैकेज दिए जाने पर भी चर्चा होगी। साथ ही इस बात पर भी विचार किया जाएगा कि खाने पीने की चीजों का निर्यात जारी रखा जाए या नहीं। इसके अलावा कई वस्तुओं के वायदा कारोबार पर रोक लगाने पर भी चर्चा होगी।
ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे पहले ही बिजली उत्पादन को लेकर चिंता जाहिर कर चुके हैं। कमज़ोर मॉनसून का असर हाईड्रो पॉवर प्लांटों पर पड़ा है जिस वजह से कुछ प्लांटों में उत्पादन घटा है। अब तक मॉनसून औसत से 21 प्रतिशत कम है और सबसे ज़्यादा असर उत्तर−पश्चिमी भारत में है जहां बारिश औसत से 39 प्रतिशत कम हुई है।
प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह महाराष्ट्र में सूखे का जायजा लेने के लिए 18 और 19 अगस्त को राज्य का दौरा करेंगे। प्रधानमंत्री से ये गुजारिश महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री ने की है।
महाराष्ट्र के मु्ख्यमंत्री ने सूखे से निपटने के लिए केन्द्र से 500 करोड़ रुपये मांगे हैं। कम बारिश की वजह से राज्य के बांधों में 28 प्रतिशत पानी ही बचा है और हालात दिन-ब-दिन बदतर हो रहे हैं।
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