गंगा को बचाने के लिए अब पूजा−पाठ का सहारा
केंद्र और राज्य सरकार की उपेक्षा से ये लोग दुखी तो हैं लेकिन हताश नहीं और इसीलिए काशी के शंकराचार्य घाट पर एक हज़ार ब्राह्मणों ने गंगा लहरी का सस्वर पाठ किया।
मान्यता के मुताबिक गंगा पर तीन सौ साल पहले भी संकट आया था जिसके बाद ऐसा ही पाठ हुआ।
ब्राह्मणों ने सवा लाख पाठ गंगा लहरी का किया।
शंकराचार्य ने गंगा पर बने बांध और प्रदूषण के ख़िलाफ अभियान चलाया है इसी के तहत सारे कायर्क्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
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