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भाजपा अध्यक्ष पद पर हुई राजनाथ की ताजपोशी, चुनावों के लिए कसी कमर

 
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भाजपा अध्यक्ष पद पर हुई राजनाथ की ताजपोशी, चुनावों के लिए कसी कमर

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नई दिल्ली: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष पद पर बुधवार को राजनाथ सिंह की ताजपोशी हुई। वह दूसरी बार सर्वसम्मति से पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने गए। उन्होंने नितिन गडकरी का स्थान लिया। गडकरी ने भ्रष्टाचार के आरोपों से तंग आकर मंगलवार को पद से इस्तीफा दे दिया था। राजनाथ का कार्यकाल 2013 से 2015 तक होगा और वह 2014 के आम चुनाव में पार्टी का नेतृत्व करेंगे।

राजनाथ सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने से सम्बंधित प्रस्ताव को पार्टी संसदीय दल ने मंजूरी दी। इसके बाद राजनाथ का औपचारिक तौर पर पार्टी अध्यक्ष पद पर निर्वाचन हुआ। निर्वाचन के बाद लालकृष्ण आडवाणी सहित मंचस्थ वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें बधाइयां दीं।

राजनाथ इसके पहले 31 दिसम्बर, 2005 को पहली बार अध्यक्ष बने थे। लालकृष्ण आडवाणी के इस्तीफे के बाद वह पार्टी के अध्यक्ष बने थे। नवम्बर 2006 में वह दोबारा सर्वसम्मति से पार्टी अध्यक्ष निर्वाचित हुए और उसके बाद नितिन गडकरी ने उनका स्थान लिया था। राजनाथ अक्टूबर 2000 से मार्च 2002 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी थे।

राजनाथ का नाम पार्टी अध्यक्ष पद के लिए मंगलवार शाम उस समय सामने आया, जब आयकर विभाग ने गडकरी से सम्बंधित एक कम्पनी की कथित वित्तीय अनियमितताओं के सम्बंध में नौ ठिकानों पर छानबीन की।

जानकार सूत्रों के अनुसार, भाजपा के वयोवृद्ध नेता आडवाणी सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता पूर्ति समूह पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के मद्देनजर गडकरी को दूसरा कार्यकाल दिए जाने के खिलाफ थे।

इस बीच, गडकरी ने कहा है कि वह दूसरे कार्यकाल से स्वेच्छया पीछे हट गए, क्योंकि वह चाहते हैं कि आरोपों से उनका नाम मुक्त हो जाए।

ज्ञात हो कि भाजपा का अध्यक्ष परम्परागत रूप से निर्विरोध चुना जाता है, और इसी परम्परा को कायम रखते हुए राजनाथ एक बार फिर निर्विरोध पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चुन लिए गए।

भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा कि राजनाथ सिंह की सबसे बड़ी जिम्मेदारी यह सुनिश्चित कराने की होगी कि अनैतिक कृत्यों को बर्दाश्त न किया जाए और भाजपा का आगे का काम एक अलग किस्म की पार्टी बनने का होगा।

आडवाणी ने कहा, "यह उनकी (राजनाथ) विशेष जिम्मेदारी होगी कि अनैतिकता के साथ कोई समझौता न किया जाए.. भाजपा का काम यह साबित करना है कि यह एक अलग किस्म की पार्टी है।"

भाजपा अध्यक्ष बने राजनाथ को बधाई देते हुए आडवाणी ने कहा, "आम चुनाव 2014 में होना है और चुनाव जीतने के लिए लोगों को एकजुट करने की क्षमता जरूरी है, और यह क्षमता उनमें पर्याप्त है।"

आडवाणी ने राजनाथ से यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में पार्टी का खोया जनाधार बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाए। उन्होंने कहा, "राजनाथ उत्तर प्रदेश से हैं और हमें उत्तर प्रदेश में अपना खोया जनाधार हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। राजनाथ ने कृषि और किसानों से जुड़े मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया है। मुझे भरोसा है कि वह इन सिद्धांतों पर पार्टी को आगे ले जाएंगे।"

ज्ञात हो कि नितिन गडकरी द्वारा दूसरे कार्यकाल से दूर रहने का निश्चय किए जाने के बाद राजनाथ को बुधवार को सर्वसम्मति से पार्टी का अध्यक्ष चुन लिया गया।

राजनाथ ने अपने पूर्ववर्ती नितिन गडकरी का यह कहते हुए बचाव किया कि उनके खिलाफ निराधार आरोप लगाए गए, जिसके कारण उन्होंने दूसरे कार्यकाल से दूर रहने का निश्चय किया।

राजनाथ ने पार्टी का नया अध्यक्ष बनने के तत्काल बाद कहा, "जिन स्थितियों में मैं इस जिम्मेदारी को स्वीकार कर रहा हूं, वह हमारे लिए खुशी की बात नहीं है। गडकरी हमारे एक कार्यकर्ता हैं, जिनके चरित्र पर सवाल नहीं खड़े किया जा सकते।"

राजनाथ ने कहा, "हम चाहते थे कि वह अपना कार्यकाल जारी रखें। हमने इसके लिए पार्टी संविधान में संशोधन किया.. लेकिन जिस तरीके से उनपर निराधार आरोप लगाए गए, उससे उन्हें दुख पहुंचा और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।"

गडकरी दूसरा कार्यकाल सम्भालने के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन अंतिम क्षण में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा, क्योंकि उनसे सम्बंधित पूर्ति समूह से कथितरूप से जुड़ी कुछ कम्पनियों की आयकर विभाग ने मंगलवार को छानबीन की।

गडकरी ने हालांकि कम्पनी से किसी तरह का सम्बंध होने से इनकार किया है।

राजनाथ ने कहा, "मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि पूरी पार्टी उनके साथ है। मैं इसे पद के रूप में स्वीकार नहीं कर रहा हूं, बल्कि एक जिम्मेदारी के रूप में स्वीकार कर रहा हूं।"

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजनाथ सिंह को भाजपा का नया अध्यक्ष चुने जाने की सम्भावनाओं के बीच उन्हें बधाई दी और कहा कि इस कदम से पार्टी को फायदा होगा।

मोदी ने ट्विटर पर उन्हें बधाई देते हुए लिखा, "मैंने श्री राजनाथ सिंह जी से फोन पर बात कर उन्हें बधाई दी। वह अपने साथ संगठन और प्रशासन दोनों के गहरे अनुभव साथ लाए हैं।" उन्होंने लिखा, "राजनाथ अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कृषि मंत्री रह चुके हैं। वह हमेशा किसानों के हित से जुड़े रहे हैं। भाजपा को उनसे फायदा होगा"

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