आप यहां हैं : होम » देश से »

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Enable Social Reading
No, Thanks

'बलात्कारियों को पकड़े नहीं जाने का विश्वास था, नियमित काम में लग गए थे'

 
email
email
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में गत रविवार की रात में चलती बस में कथित रूप से युवा लड़की के साथ बलात्कार करने वाले छह व्यक्तियों को पकड़े नहीं जाने का इतना विश्वास था कि वे अगले दिन अपने नियमित कार्य में लग गए जबकि उनमें से एक तो वाहन अपने यहां ले आया।

हालांकि घटना के 24 घंटे के भीतर ही आरोपियों के भाग्य ने उनका साथ छोड़ दिया। पुलिस ने पीड़ितों द्वारा वाहन के बारे में मुहैया कराए गए विवरण के आधार पर उनकी पहचान कर ली और एक को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया जहां वह छुपा हुआ था।

चलती बस में 23 वर्षीय पैरा मेडिकल छात्रा से बलात्कार करने और उसे बचाने का प्रयास करने वाले उसके पुरुष मित्र की पिटाई करने से पहले छह लोगों के समूह ने एक बढ़ई को उसके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने की पेशकश की और उसे बस में बैठाकर उसे लूट लिया।

यह जानकारी बलात्कार घटना की जांच के दौरान सामने आई। इसकी जानकारी दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार ने मंगलवार को आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में दी।

गिरफ्तार व्यक्तियों की पहचान बस चालक राम सिंह, उसके भाई मुकेश, फल विक्रेता पवन और जिम में सहायक इंस्ट्रक्टर विनय के रूप में की गई है। दो व्यक्ति अभी भी फरार हैं जिनकी पहचान अक्षय ठाकुर और राजू के रूप में की गई है।

कुमार ने कहा, ‘‘पवन और विनय ने अपना नियमित कार्य शुरू कर दिया और ऐसा दिखाने का प्रयास किया कि कुछ हुआ ही नहीं है। वहीं, राम सिंह और अक्षय ने पकड़े जाने से बचने के लिए बस को सोमवार की सुबह नोएडा ले गए।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन बाद में राम सिंह ने यह सोचते हुए बस को वापस आरके पुरम ले आया कि कुछ नहीं होगा। वहां पर उसकी पहचान उस समय कर ली गई जब गुप्त सूचना के आधार पर उसके जैसे वाहनों की जांच की जा रही थी।’’

उन्होंने बताया कि आरोपियों ने मस्ती काटने के लिए निकलने से पहले पार्टी की थी। राम सिंह ने अपने हेल्पर अक्षय के साथ मुर्गा बनाया था और अपने छोटे भाई मुकेश के साथ एक छोटा जश्न मनाया था। मुकेश भी चालक तथा क्लीनर था और उसके पड़ोस में रहता था।

पुलिस उपायुक्त (दक्षिण) छाया शर्मा ने कहा, ‘‘उन लोगों ने मस्ती काटने के लिए जाने और लोगों को लिफ्ट देकर कुछ कमाई करने का निर्णय किया ताकि और शराब खरीदी जा सके।’’ इस पर अक्षय ने वाहन निकाला और विनय और पवन उसके साथ हो लिए लेकिन जब वे अंतत: निकले तो वाहन की चालक सीट पर मुकेश बैठा हुआ था।

शर्मा ने कहा, ‘‘उन्होंने मुनीरका बस स्टाप पर सवारी बैठाने के लिए आवाज लगाई और वहां पर लड़का और लड़की रात करीब नौ बजकर 15 मिनट पर बस में सवार हो गए। घटना के बाद सभी लोग तितर बितर हो गए। राजू, मुकेश और अक्षय ने घटना के सबूत नष्ट करने का प्रयास किया।’’

जांचकर्ताओं ने बताया कि बलात्कार पीड़ित के पुरुष मित्र ने उन्हें बस के बारे में ‘सहायक’ विवरण मुहैया कराये थे। कुमार ने कहा, ‘‘उसने हमें यह भी बताया था कि बस का रंग सफेद था और उसकी खिड़कियों पर पर्दे भी लगे हुए थे। उसने यह भी बताया कि बस पर ‘यादव’ लिखा हुआ था।’’

इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब पीड़ित के मित्र ने छह लोगों द्वारा लड़की पर अशिष्ट टिप्पणी किए जाने का विरोध किया।

उन्होंने कहा, ‘‘गिरोह ने लड़के-लड़की से पूछा कि वे रात के समय क्या कर रहे हैं और वे रात के समय सफर क्यों कर रहे हैं। पुरुष मित्र ने उनसे कहा कि उनका इससे क्या लेना-देना है। लड़के ने उन लोगों से अपने काम से मतलब रखने को कहा। इस पर झगड़ा शुरू हो गया और लड़के को सिर में वार किया गया। लड़की ने भी अपने मित्र को बचाने का प्रयास किया।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इस पर वे क्रोधित हो गए। वे लड़की को खींचकर पीछे की सीट पर ले गए जहां उसका बलात्कार किया।’’ लड़के लड़की की पिटाई और उन्हें वाहन से फेंकने के बाद राम सिंह वाहन की चालक सीट पर बैठ गया और पांच अन्य को उनके घरों पर छोड़ा। राम सिंह ने उसके बाद वाहन को उसके मालिक के नोएडा स्थित स्थान पर खड़ा कर दिया।

अगले दिन सोमवार को वह बस को आरके पुरम ले गया लेकिन वह पुलिस की जाल में फंस गया क्योंकि जांचकर्ताओं को उसकी तलाश थी।

कुमार ने कहा, ‘‘बस को साफ कर दिया गया था लेकिन हमें पर्याप्त फोरेंसिक सबूत मिल गए हैं जिसमें नाखून से खरोच के निशान, डीएनए, बाल और काफी कुछ शामिल है।’’

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...


Advertisement