आप यहां हैं : होम » ज़रा हटके »

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Enable Social Reading
No, Thanks

आखिरी खत में अफजल ने कहा, मेरे मरने का मातम न मनाएं!

 
email
email
आखिरी खत में अफजल ने कहा, मेरे मरने का मातम न मनाएं!
श्रीनगर: संसद भवन पर हुए हमलों में दोषी ठहराए गए मोहम्मद अफजल गुरु ने ‘सजा-ए-मौत’ से कुछ ही देर पहले लिखे अपने पत्र में परिवार के लोगों से अनुरोध किया था कि वे उसकी मौत का मातम नहीं मनाएं और उसने जो दर्जा हासिल किया है उसका सम्मान करें।

अफजल ने फांसी के फंदे से लटकाए जाने से कुछ ही देर पहले आठ पंक्तियों में लिखे अपने पत्र में कहा था, ‘मेरा अपने परिवार के लोगों से अनुरोध है कि वे मेरी मौत का मातम नहीं मनाएं, बल्कि उन्हें इस दर्जे का सम्मान करना चाहिए।’ उसके परिवार के लोगों ने उर्दू में लिखे इस पत्र को ईमेल के जरिए मीडिया कार्यालयों और सोशल नेटवर्किंग साइटों को जारी किया।

गुरु ने नौ फरवरी को सुबह छह बजकर 25 मिनट पर लिखे इस पत्र में कहा, ‘अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि उन्होंने मुझे शहादत के लिए चुना। हमारे हर समय सच के साथ बने रहने में यकीन रखने वालों को बधाई और मेरा अंत सच्चाई के लिए हुआ।’ उसने पत्र के आखिर में लिखा था, ‘अल्लाह सहयोगी और रखवाले हैं।’ फांसी के तख्त पर चढ़ाए जाने से कुछ ही देर पहले उसने अपनी पत्नी नाम पत्र लिखने के लिए एक कलम और कागज मांगा था।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...


Advertisement