दिल्ली में 'पैपर स्प्रे' की बिक्री बढ़ी
विक्रेताओं ने कहा कि 23 वर्षीय युवती के साथ 16 दिसम्बर को हुए दुष्कर्म की वारदात के बाद 'पेपर स्प्रे' की बिक्री काफी बढ़ गई है।
एक डीलर मनीष मित्रा ने कहा, "आम तौर पर हर माह 10 से 20 कैन बिकते हैं। लेकिन 16 दिसम्बर की वारदात के बाद मैं हर रोज लगभग 50 कैन बेच रहा हूं।" उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्रों के कार्यालयों, खासकर बीपीओ से थोक ऑर्डर आ रहे हैं।" उन्होंने कहा कि एक कैन का आकार अलग-अलग होता है और कीमत 150 रुपये से 500 रुपये के बीच होती है। इसमें आमतौर पर 35 ग्राम काली मिर्च होती है और मिश्रण तीन साल में एक्स्पायर होता है।
स्प्रे में काली मिर्च के अलावा दूसरे और रसायन मिले होते हैं, जिसके छिड़काव से आंख और त्वचा में जलन होती है। उत्पाद के विज्ञापनों में बताया जा रहा है कि जिस पर इसका छिड़काव किया जाएगा, वह तात्कालिक रूप से देख पाने में अक्षम हो जाएगा और सांस लेने के सिवा और कुछ नहीं कर पाएगा।
स्प्रे का उपयोग कर महिलाएं हमलावरों से अपनी तात्कालिक रक्षा कर सकती है और बाद में सहायता के लिए दूसरों को सम्पर्क कर सकती है।
कम्पनियां भी अपनी महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए इसे खरीद रही हैं। नोएडा में एक बीपीओ कम्पनी के एक वरिष्ठ प्रबंधक ने कहा, "हमने कर्मचारियों की सुरक्षा के मुद्दे को गम्भीरता से लिया है। हमने अपनी कम्पनी में काम करने वाली महिलाओं के लिए पैपर स्प्रे का ऑर्डर दिया है।"
पुलिस ने कहा कि महिलाओं द्वारा इसके उपयोग से उन्हें आपत्ति नहीं है।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सिंधु पिल्लई ने कहा, "चाकू, मिर्च के बुरादे या स्प्रे रखकर महिला हमलावर से अपनी रक्षा कर सकती है। आत्मरक्षा में कोई भी महिला हमलावर पर हमला कर सकती है। लेकिन बिना कारण इसका इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए और इसका दुरुपयोग नहीं किया जाना चाहिए। आम आदमी यदि आत्म रक्षा के उपाय अपनाएं तो इसमें आपत्ति नहीं है।"
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