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शेयर बाजारों में चार फीसदी से अधिक उछाल

 
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शेयर बाजारों में चार फीसदी से अधिक उछाल
मुम्बई:
देश के शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में गत सप्ताह चार फीसदी से अधिक तेजी रही। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स गत साप्ताहिक कारोबार में 4.03 फीसदी या 714.62 अंकों की तेजी के  साथ 18,464.27 पर बंद हुआ।
 
सेंसेक्स इससे पिछले सप्ताह भी 1.84 फीसदी या 320.09 अंकों की तेजी के साथ 17,749.65 पर बंद हुआ था।
 
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक निफ्टी गत साप्ताहिक कारोबार में 4.08 फीसदी या 218.95 अंकों की तेजी के साथ 5,577.65 पर बंद हुआ।
 
निफ्टी इससे पिछले सप्ताह भी 1.90 फीसदी या 100.20 अंकों की तेजी के साथ 5,358.70 पर बंद हुआ था।
 
आलोच्य अवधि में बीएसई के मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी डेढ़ फीसदी से अधिक तेजी रही। मिडकैप 1.66 फीसदी या 102.16 अंकों की तेजी के साथ 6,244.90 पर बंद हुआ। मिडकैप में पिछले सप्ताह भी 2.29 फीसदी तेजी रही थी।
 
स्मॉलकैप आलोच्य अवधि में 1.95 फीसदी या 126.89 अंकों की तेजी के साथ 6,623.12 पर बंद हुआ। स्मॉलकैप में पिछले सप्ताह भी 1.58 फीसदी तेजी रही थी।
 
गत सप्ताह सेंसेक्स में तेजी में रहने वाले प्रमुख शेयरों में रहे हिंडाल्को इंडस्ट्रीज (10.53 फीसदी), टाटा मोटर्स (10.01 फीसदी), एलएंडटी (8.38 फीसदी), टाटा स्टील (8.01 फीसदी) और आईसीआईसीआई बैंक (6.95 फीसदी)।
 
गत सप्ताह सेंसेक्स में दो शेयरों सिप्ला (5.54 फीसदी) और एनटीपीसी (1.84 फीसदी) में गिरावट रही।
 
गत सप्ताह बीएसई के 13 में से 12 सेक्टरों में तेजी रही। धातु (5.42 फीसदी), पूंजीगत वस्तु (5.26 फीसदी), रियल्टी (5.22 फीसदी), बैंकिंग (4.66 फीसदी) और वाहन (4.25 फीसदी) में सर्वाधिक तेजी रही।
 
गत सप्ताह बीएसई के एक सेक्टर स्वास्थ्य सेवा (1.57 फीसदी) में गिरावट रही।
 
गत सप्ताह केंद्र सरकार ने आर्थिक सुधार के मोर्चे पर धुआंधार बल्लेबाजी की और लम्बे समय से जारी असमंजस की केंचुली को उतार फेंकते हुए कई साहसिक कदम उठाए।
 
शुक्रवार को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने एक बैठक में बहुब्रांड खुदरा कारोबार में 51 फीसदी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और एकल ब्रांड में 100 फीसदी एफडीआई तथा उड्डयन क्षेत्र में विदेशी विमानन कम्पनियों को 49 फीस
फीसदी तक एफडीआई करने की अनुमति दे दी। इसके साथ ही सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की पांच कम्पनियों-हिंदुस्तान कॉपर, ऑयल इंडिया, आरआईटीईएस, एमएमटीसी और नाल्को-के विनिवेश का भी फैसला ले लिया।
 
सरकार ने प्रसारण उद्योग का भी उदारीकरण करते हुए डीटीएच, केबल नेटवर्क, मोबाइल टीवी जैसे उद्योगों में एफडीआई की सीमा को 49 फीसदी से बढ़ाकर 74 फीसदी कर दिया।
 
ये फैसले हालांकि शेयर बाजारों के बंद होने के बाद सामने आए, लेकिन इसके कयास पहले ही लगा लिए गए थे और इस दिन शेयर बाजारों में 443 अंकों का उछाल देखा गया। बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स करीब 14 महीनों के ऊपरी स्तर पर बंद हुआ।
 
गुरुवार को केंद्र सरकार ने डीजल के मूल्य में पांच रुपये प्रति लीटर की भारी वृद्धि कर दी। और रसोई गैस को रियायत मूल्य पर प्रति परिवार साल में छह सिलेंडर तक सीमित कर दिया।
 
ये सुधार हालांकि राजनीतिक रूप से जोखिम भरे हैं लेकिन बाजार और आर्थिक विशेषज्ञों ने फैसले का स्वागत किया।

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