हालात से लड़कर ओलिंपिक पहुंचेंगे सोमालियाई खिलाड़ी
सोमालिया की 18 साल की खिलाड़ी जमजम महमूद फराह ने कहा, सोमालिया में पिछले 20 साल से कोई सरकार नहीं है, लेकिन दृढता, किस्मत और उम्मीद हमें जीत के करीब ले जाएगी। लंबे समय से हिंसा झेल रहे इस देश में ओलिंपिक की तैयारियां गोलियों से छलनी हुए स्टेडियमों में हुई है।
टीम में दो पुरुष और दो महिला खिलाड़ी शामिल हैं, जिनसे देशवासियों की उम्मीदें बंधी हैं। हिंसाग्रस्त देश में अमन की बहाली में कई सरकारें नाकाम रही हैं। पिछले दो दशक से यहां गृहयुद्ध जारी है, लिहाजा खेलों के विकास की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया।
कोच अहमद अली अबिकार का मानना है कि अक्सर युद्ध, अकाल या पाइरेसी के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खबरों में रहने वाले सोमालिया को ओलिंपिक जा रहे खिलाड़ियों से उम्मीदें हैं। दूसरे देशों की तरह सोमालिया को भी एथलेटिक्स में दो कोटा स्थान मिले हैं। सोमालिया के लिए दो खिलाड़ियों का लंदन में देश का ध्वज थामना ही एक उपलब्धि है, लेकिन अबिकार को बड़ी उम्मीदें हैं। उन्होंने कहा, मुझे उम्मीद है कि लंदन ओलिंपिक में जा रहे खिलाड़ी अच्छे नतीजों के साथ लौटेंगे।
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