लंदन ओलिंपिक के लिए उत्साहित हैं सोमदेव, चुनौती के लिए तैयार
सोमदेव कंधे की सर्जरी के कारण सत्र के शुरू से ही टेनिस नहीं खेल पाये हैं और हाल ही में उन्होंने अभ्यास शुरू किया है।
वैसे तो आदर्श स्थिति यही होती कि वह इन खेलों से पहले कुछ प्रतिस्पर्धी टेनिस खेलते जिससे उन्हें अपनी मैच फिटनेस और तेजी को परखने का मौका मिल जाता।
लेकिन सोमदेव ने विम्बलडन से खुद को बाहर रखा जबकि इस टूर्नामेंट से उन्हें लंदन के हालातों का अंदाजा हो जाता क्योंकि ओलिंपिक की टेनिस प्रतियोगिता इसी स्थान पर खेली जायेगी।
सोमदेव ने कहा कि वह सिर्फ अपने डाक्टरों की सलाह के अनुसार चल रहे हैं जिन्होंने उसे ग्रास कोर्ट ग्रैंडस्लैम से बाहर रहने को कहा है लेकिन वह खुद को खेलों के लिए तैयार कर रहे हैं।
पुरूष एकल में उन्हें वाइल्ड कार्ड से प्रवेश मिला है, वह अगले महीने शुरू होने वाले ओलिंपिक के लिए उन चार भारतीय टेनिस खिलाड़ियों में से एक होंगे जो अपना पहला ओलिंपिक खेलेंगे।
सोमदेव ने कहा, ‘‘मैं इस वाइल्ड कार्ड का पूरा इस्तेमाल करने के लिए तैयार हूं। यह मेरे लिए काफी शानदार समय है।’’ वर्ष 2009 चेन्नई ओपन के फाइनल में जगह बनाकर भारतीय टेनिस में सनसनी फैलाने वाले सोमदेव की चमक हालांकि इसके बाद फीकी पड़ गयी, उन्होंने कहा कि वह विम्बलडन में खेलना चाहते थे।
सोमदेव ने कहा, ‘‘मेरे पास विम्बलडन खेलने का मौका था। लेकिन मैंने अपने डाक्टरों की सलाह के बाद विम्बलडन से हटने का फैसला किया, ऐसा मैंने अपने भविष्य की सुरक्षा के लिए किया।’’ एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों के स्वर्ण पदकधारी खिलाड़ी ने कहा कि वह उबरने की प्रक्रिया में हैं और देश के लिए अच्छा परिणाम हासिल करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा, ‘‘कंधा अच्छी तरह उबर रहा है। मैंने अब हिट करना शुरू कर दिया है और यह अच्छा है।’’ सोमदेव ने कहा, ‘‘ओलिंपिक में काफी प्रतिस्पर्धा होगी। मैं खुद को अच्छी तरह तैयार करूंगा और मैच के लिए तैयार होने के लिए सबकुछ करूंगा।’’ उन्होंने खुद को ओलिंपिक में लिएंडर पेस के साथ पुरूष युगल स्पर्धा के लिए अधिकारिक घोषणा से पहले उपलब्ध करा दिया था लेकिन एआईटीए ने विष्णु वर्धन का चयन किया।
इससे अटकलों का दौर शुरू हो गया कि उन्हें एआईटीए ने इसलिए नहीं चुना क्योंकि वह महेश भूपति की खेल प्रबंधन कपंनी ‘ग्लोबोस्पोर्ट’ से जुड़े हुए हैं। यह पूछने पर कि उन्हें एआईटीए ने क्यों नहीं चुना तो सोमदेव ने अपने जवाब में काफी सतर्कता बरती।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा है कि एआईटीए के अपने कारण होंगे और मैं उनके कारणों को स्वीकार करता हूं।’’ सोमदेव ने हाल में हुए चयन विवाद पर भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया ।
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