आप यहां हैं : होम » खेल-खिलाड़ी »

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Go Social with Facebook Close

Our Social Reader lets you keep track of your favorite NDTV content (text, photos & videos) on your Facebook Timeline, and discover new content with friends. Read FAQs

NDTV

Facebook

Enable Social Reading
No, Thanks

लंदन ओलिंपिक : शूटर विजय कुमार ने जीता रजत पदक

 
email
email
लंदन ओलिंपिक : शूटर विजय कुमार ने जीता रजत पदक

PLAYClick to Expand & Play

लंदन: भारत के लिए लंदन ओलिंपिक में शुक्रवार का दिन 'कभी खुशी कभी गम' वाला रहा। एक ओर जहां सेना के निशानेबाज विजय कुमार ने निशोनबाजी प्रतियोगिता के पुरुषों की 25 मीटर रैपिड फायर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीता वहीं दूसरी ओर देश की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त बैडमिंटन खिलाड़ी सायना नेहवाल का स्वर्ण पदक जीतने का सपना टूट गया।

हॉकी में भी भारतीय पुरुष टीम को लगातार तीसरी हार झेलनी पड़ी जबकि तिहरी कूद, गोला फेंक, नौकायन और तैराकी में भी भारत को मायूसी हाथ लगी।

विजय कुमार ने रजत पदक जीत लंदन ओलिंपिक में भारत को दूसरा पदक दिलाया। रॉयल आर्टिलरी बैरक में आयोजित इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक क्यूबा के लेउरिस पुपो के नाम रहा। पुपो ने 34 का स्कोर किया जबकि विजय कुमार ने 30 का स्कोर कर रजत पदक पर कब्जा जमाया। रूस के एलेक्सेई क्लीमोव ने क्वालीफाइंग में 592 अंक हासिल कर नया विश्व कीर्तिमान बनाया।

विजय कुमार के पदक जीतने के साथ ही हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने उन्हें एक करोड़ रुपये इनाम स्वरूप देने की घोषणा की।

भारत के राइफल निशानेबाज गगन नारंग ने सोमवार को 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। ओलिंपिक में रजत पदक जीतने वाले विजय कुमार डबल ट्रैप निशानेबाज राज्यवर्धन सिंह राठौड़ के बाद दूसरे नम्बर पर हैं। राठौड़ ने 2004 एथेंस ओलिंपिक में डबल ट्रैप स्पर्धा में भारत के लिए एकमात्र पदक जीता था।

भारत ने निशानेबाजी में अब तक चौथा पदक हासिल किया है। विजय और राज्यवर्धन के अलावा 2008 बीजिंग ओलिंपिक में अभिनव बिंद्रा 10 मीटर एयर रायफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

विजय ने क्वालीफाइंग दौर में कुल 585 अंक हासिल किए और दूसरे दौर में पहुंचने वाले 18 निशानेबाजों के बीच चौथे स्थान पर रहे। फाइनल में छह निशानेबाजों को जगह मिली।

विजय ने क्वालीफाइंग के पहले दौर में 293 अंक जुटाए जबकि दूसरे दौर में उन्होंने 292 अंक अपने खाते में डाले। इस तरह वह 285 अंकों के साथ नया ओलिंपिक रिकॉर्ड बनाने में कामयाब रहे।

यह अलग बात है कि विजय समेत कुल सात निशानेबाजें ने ओलिंपिक रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा। पहले दौर के क्वालीफिकेशन के बाद विजय सातवें स्थान पर थे।

उधर, पदक की प्रबल दावेदारों में से एक सायना नेहवाल का महिला एकल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतने का सपना शुक्रवार को टूट गया, हालांकि सायना सेमीफाइनल में बेशक हार गईं हों लेकिन वह अभी भी देश को कांस्य पदक दिला सकती हैं।

अपनी इस प्रयास के तहत सायना शनिवार को चीन की खिलाड़ी वांग जिन से भिड़ेंगी। वांग जिन को शुक्रवार को खेले गए दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अपने ही देश की ली जुइरुइ के हाथों 20-22, 18-21 हार मिली।

जिन के खिलाफ सायना का रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है। जिन और सायना अब तक छह बार एक-दूसरे के खिलाफ खेली हैं जिनमें जिन ने चार बार जबकि सायना ने दो बार बाजी मारी है।

सायना को शुक्रवार को ही खेले गए पहले सेमीफाइनल मुकाबले में विश्व की सर्वोच्च वरीयता प्राप्त चीनी खिलाड़ी वांग यिहान ने 21-13, 21-13 से हराया। सायना यह मुकाबला 39 मिनट में गंवा बैठीं। सायना पहली बार ओलिंपिक सेमीफाइनल में पहुंची थीं।

टूर्नामेंट की शीर्ष वरीयता प्राप्त वांग एवं चौथी वरीयता प्राप्त सायना के बीच यह छठां मैच था, जिनमें से हर बार वांग की जीत हुई है। सेमीफाइनल में सायना की हार के साथ चीन के खाते में महिला एकल का स्वर्ण एवं रजत जाना तय हो गया है। अब सायना के सामने चीन को इस स्पर्धा का एकमात्र बचा पदक जीतने से रोकने की चुनौती है।

दूसरी ओर, भारतीय हॉकी टीम ग्रुप-'बी' के अपने तीसरे लीग मुकाबले में पूर्व चैम्पियन जर्मनी से 2-5 से हार गई। जर्मनी की यह लगातार तीसरी जीत है जबकि भारत की यह लगातार तीसरी हार है। भारतीय टीम मैच के 15 मिनट बाद ही दबाव में दिखी।

जर्मनी की ओर से फ्लोरियन फुच ने मैच के सातवें, 16वें और 37वें मिनट में तीन गोल किए जबकि ओलिवर कोर्न ने मैच के 24वें मिनट में गोल किया।

क्रिस्टोफर वेस्ले ने मैच के 33वें मिनट में गोल किया। भारत की ओर से रामचंद्र रघुनाथ ने 14वें और तुषार खांडेकर ने मैच के 62वें मिनट में गोल किए।

जर्मनी और नीदरलैंड्स की टीमें के नौ-नौ अंक है और दोनों टीमों का सेमीफाइनल में पहुंचना लगभग तय है। भारतीय टीम पदक की होड़ से बाहर हो गई है।

भारत को लीग में अब भी दक्षिण कोरिया और बेल्जियम के साथ खेलना है। भारतीय टीम ने शुरुआत तो अच्छी की और विपक्षी टीम के रक्षापंक्ति के ऊपर दबाव बनाया लेकिन उसके कुछ समय बाद वह अपनी लय से भटक गई। हर बार की तरह इस मुकाबले में भी भारतीय रक्षापंक्ति कमजोर दिखाई दी।

भारत की महिला एथलीट मयूखा जॉनी तिहरी कूद स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाने से चूक गईं। इस प्रतियोगिता के क्वालीफाइंग दौर में मयूखा पहले प्रयास में 13.77 मीटर की छलांग लगा सकीं।

इसके बाद उनका प्रदर्शन गिरता ही चला गया। ग्रुप-'बी' में मयूखा 18 एथलीटों में से 13वें स्थान पर रहीं। इस ग्रुप से पांच एथलीटों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। मयूखा पहले प्रयास में 13.77 मीटर जबकि दूसरे प्रयास में 13.68 और तीसरे में 13.62 मीटर की छलांग लगा सकीं।

उल्लेखनीय है कि ग्रुप-'ए' से सात एथलीटों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। इस स्पर्धा का फाइनल पांच अगस्त को होगा।

भारत के तैराक उल्लालमथ गगन 1500 मीटर फ्रीस्टाइल स्पर्धा में फाइनल के लिए क्वालीफाई नहीं कर सके। गगन हीट में ही बाहर हो गए। गगन छह मिनट 31.14 सेकंड समय के साथ हीट1 में अंतिम स्थान पर रहे। 20 वर्षीय गगन हीट जीतने वाले मैक्सिको के पेरेज वेर्टी फेरर से एक मिनट और 5.23 सेकंड से पीछे रहे। उल्लेखनीय है कि ओलम्पिक में भारत की ओर से हिस्सा लेने वाले गगन एकमात्र तैराक थे।

भारतीय नाविक स्वर्ण सिंह नौकायन प्रतियोगिता के एकल स्कल्स स्पर्धा में 16वें स्थान पर रहे जबकि इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक न्यूजीलैंड के खाते में गया।

एटॉन डॉर्नी में शुक्रवार को आयोजित क्वालीफिकेशन ग्रुप-'सी' फाइनल में स्वर्ण सिंह सात मिनट 29.66 सेकंड समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। पांच बार के विश्व चैम्पियन न्यूजीलैंड के माहे ड्रायस्डेल ने इस स्पर्धा का स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

इस स्पर्धा में ड्रायस्डेल छह मिनट 57.82 सेकंड समय के साथ पहले स्थान पर रहे जबकि बीजिंग ओलिंपिक के रजत पदक विजेता चेक गणराज्य के नाविक ओंद्रेजी सायनेक, ड्रायस्डेल से 1.5 सेकंड पीछे रहे। उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।

इस स्पर्धा का कांस्य पदक ब्रिटेन के एलन कैम्पबेल के नाम रहा। कैम्पबेल सात मिनट 03.28 सेकंड समय के साथ तीसरे स्थान पर रहे जबकि स्वीडन के लास्सी कारोनेन चौथे स्थान पर रहे।

भारत के संदीप कुमार और मनजीत सिह लाइटवेट युगल स्कल्स स्पर्धा के फाइनल में शनिवार को उतरेंगे। संदीप और मनजीत ने अंतिम ग्रुप-डी से फाइनल के लिए क्वालीफाई किया। दोनों भारतीय खिलाड़ी 19वें और 20वें स्थान के लिए संघर्ष करेंगे।

निशानेबाज जयदीप जॉयदीप करमाकर पुरुषों की 50 मीटर प्रोन रायफल स्पर्धा के फाइनल में चौथे स्थान पर रहे लेकिन उन्होंने अपने सटीक निशाने से सबको प्रभावित किया।

करमाकर से पदक की उम्मीद थी लेकिन वह स्लोवेनिया के राजमंड देबेविक से बहुत कम अंतर से पिछड़कर कांस्य से चूक गए। करमाकर ने 50 निशानेबाजों के क्वालीफाइंग दौर में 595 अंक हासिल किए थे और संयुक्त रूप से चौथे स्थान पर रहे थे। फाइनल में करमाकर ने 10.1, 10.6, 10.7, 10.5, 10.7, 10.2, 10.0, 10.2, 10.7 और 10.4 अंकों के साथ कुल 104.1 अंक जुटाए।

बेलारुस के सर्गेइ मार्तिनोव ने विश्व रिकार्ड के साथ स्पर्धा का स्वर्ण जीता जबकि बेल्जियम लियोनेल कॉक्स ने रजत हासिल किया। मार्तिनोव ने क्वालीफाइंग में 600 अंक जुटाकर विश्व रिकार्ड कायम किया था।

दूसरी ओर, 10 मीटर एयर रायफल स्पर्धा में भारत को कांस्य दिलाने वाले गगन नारंग क्वालीफाइंग में 593 अंक ही हासिल कर सके। वह 50 निशानेबाजों के बीच 18वें स्थान पर रहे।

ओमप्रकाश सिंह पुरुषों की गोलाफेंक प्रतियोगिता के फाइनल में जगह नहीं बना सके। ओमप्रकाश ने क्वालीफाइंग दौर में 19.86 मीटर गोला फेंका और ग्रुप बी में शामिल 18 खिलाड़ियों के बीच 10वें स्थान पर रहे। क्वालीफाइंग में शामिल 37 एथलीटों में सिर्फ तीन ही 21 मीटर से अधिक की दूरी नाप सके।

फाइनल में दोनों ग्रुपों से छह छह खिलाड़ियों को जगह मिली है। इसमें से सर्वाधिक तीन खिलाड़ी अमेरिका के हैं। अमेरिका के ही रेजी होफा ने सबसे अधिक 21.36 मीटर की दूरी नापी।

Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...


Advertisement