पेस-वेस्नीना की जोड़ी विम्बलडन के फाइनल में हारी
भारत और रूस की चौथी वरीय जोड़ी को खिताबी मुकाबले में अमेरिकी की दूसरी वरीय जोड़ी के हाथों दो घंटे और चार मिनट में 3-6, 7-5, 4-6 से शिकस्त झेलनी पड़ी।
इस साल यह दूसरा मौका है जब इस जोड़ी को ग्रैंडस्लैम फाइनल में शिकस्त झेलनी पड़ी है। भारत और रूस की यह जोड़ी इससे पहले जनवरी में ऑस्ट्रेलियाई ओपन के फाइनल में भी बेथानी माटेक सैंड्स और होरिया तिकाउ से हार गई थी।
हार के बावजूद विम्बलडन से पहले यह पेस का जानदार प्रदर्शन रहा जबकि टूर्नामेंट से पहले उन्हें ओलिंपिक के लिए चयन विवाद से गुजरना पड़ा था।
पेस को कम रैंकिंग वाले विष्णु वर्धन के साथ जोड़ी बनाने के लिए बाध्य होना पड़ा जब महेश भूपति और रोहन बोपन्ना ने उनके साथ खेलने से इनकार कर दिया। पेस ने मिश्रित युगल के लिए सानिया मिर्जा के साथ जोड़ी बनाई है।
सानिया ने हालांकि पेस के साथ खेलने से इनकार नहीं किया लेकिन उन्होंने साफ कर दिया था कि उनकी प्राथमिकता भूपति हैं जिनके साथ उन्होंने दो ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं। पेस ने भारत की ओर से सर्वाधिक 13 ग्रैंडस्लैम खिताब जीते हैं जिसमें से छह मिश्रित युगल में हैं।
फाइनल में वेस्नीना ने शानदार सर्विस की जबकि पेस ने भी जोरदार खेल दिखाया लेकिन माइक और रेमंड की मजबूत जोड़ी के आगे गलती की गुंजाइश काफी कम थी।
पेस और वेस्नीना को पहले सेट के पांचवें गेम में मैच का पहला ब्रेकप्वाइंट मिला लेकिन यह जोड़ी इसका फायदा नहीं उठा सकी।
पेस ने इसके बाद अगले गेम में अपनी सर्विस गंवा दी। इस स्टार भारतीय ने ऐस के साथ पहला ब्रेक प्वाइंट बचाया लेकिन माइक को दूसरा ब्रेक प्वाइंट जीतने से नहीं रोक पाया। इस ब्रेक प्वाइंट से पेस और वेस्नीना की जोड़ी 2-5 से पिछड़ गई और माइक ने नौवें गेम में अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए पहला सेट अपने नाम कर लिया। भारत और रूस की जोड़ी ने हालांकि इस दौरान तीन सेट प्वाइंट भी बचाए।
दूसरे सेट की शुरुआत में भी विरोधी जोड़ी ने पेस और वेस्नीना की कड़ी परीक्षा ली। अमेरिकी जोड़ी ने तीसरे गेम में भारत और रूस की जोड़ी की सर्विस तोड़ी और फिर 3-1 की बढ़त बना ली।
अमेरिकी जोड़ी ने इसके बाद दबदबा बनाने की कोशिश की लेकिन पेस और वेस्नीना ने हार नहीं मानी। भारत और रूस की जोड़ी ने 10वें गेम में मैच प्वाइंट बचाया और फिर माइक की सर्विस तोड़कर स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। वेस्नीना ने अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए स्कोर 6- 5 किया और फिर रेमंड की सर्विस तोड़कर मुकाबले को तीसरे और निर्णायक सेट तक खींच दिया।
सर्विस को लेकर हालांकि पेस का संघर्ष जारी रहा। उन्होंने तीसरे सेट के पहले गेम में ही अपनी सर्विस गंवा दी। माइक ने इसके बाद स्कोर 2-0 किया। भारत और रूस की जोड़ी ने चौथे गेम में रेमंड की सर्विस तोड़कर स्कोर 2- 2 से बराबर कर दिया।
दोनों जोड़ियों पर इसके बाद दबाव का असर साफ दिखने लगा। वेस्नीना ने सातवें गेम में अपनी सर्विस गंवाई जिसके बाद रेमंड ने अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए अपनी टीम को जीत से एक गेम की दूरी पर पहुंचा दिया।
पेस नौवें गेम में अपनी सर्विस बचाने में सफल रहे लेकिन माइक ने अगले गेम में अपनी सर्विस बरकरार रखते हुए सेट और मैच अपने नाम कर लिया।
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