काम के दबाव का कैंसर से कोई संबंध नहीं
कैंसर के 90 प्रतिशत मामलों में पर्यावरणीय कारक जिम्मेदार होते हैं। खासकर पराबैगनी किरणें और तंबाकू सेवन कैंसर के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं। किसी भी मानसिक कारक, जैसे दबाव का कैंसर जैसी बीमारी से कोई लेना-देना नहीं है।
इस तथ्य का पता लगाने के लिए फिनिश इंस्टीट्यूट ऑफ ऑक्यूपेशनल हेल्थ एंड युनिवर्सिटी कॉलेज लंदन के शोधकर्ताओं ने 12 अध्ययनों का मूल्यांकन किया।
शोध में अलग-अलग देशों से 17 से 70 वर्ष के 116,000 प्रतिभागियों को शामिल किया गया।
शोध के परिणाम में यह पाया गया कि कैंसर रोग से पीड़ित प्रतिभागी 12 वर्षों के दौरान तंबाकू सेवन या अन्य पर्यावरणीय कारणों से कैंसर का शिकार हुए। काम के दबाव का बीमारी से कोई रिश्ता नहीं था।
Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Sakshi, before she became Mrs Dhoni