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आईओसी ने भारतीय ओलिंपिक संघ पर लगाया बैन

 
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International Olympic Committee suspends Indian Olympic body
लुसाने: ंतरराष्ट्रीय ओलिंपिक परिषद (आईओसी) ने बगैर हस्तक्षेप के चुनाव प्रक्रिया पूरी करने में असफल होने पर मंगलवार को भारतीय ओलिंपिक संघ (आईओए) को निलम्बित कर दिया। इसके साथ ही आईओए में एक दूसरे पर कीचड़ उछालने का सिलसिला भी शुरू हो गया है।

आईओसी की कार्यकारी बोर्ड समिति ने आईओए चुनावों की पूर्व संध्या पर आयोजित बैठक में भारत को निलम्बित करने का फैसला किया। इस निलम्बन के बाद भारत अब इराक, अफगानिस्तान एवं कुवैत जैसे संदिग्ध देशों के समूह में आ गया है जिन्हें विभिन्न समयांतराल पर निलम्बित किया गया है।

अब निलम्बन के बाद आईओए को आईओसी से किसी भी प्रकार आर्थिक मदद नहीं मिलेगी और न तो भारतीय खिलाड़ी और न ही ओलिंपिक अधिकारी राष्ट्रीय ध्वज के साथ आईओसी द्वारा आयोजित प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले सकेंगे। उन्हें ओलिंपिक के ध्वज के साथ भाग लेने की अनुमति होगी।

आईओए के कार्यकारी अध्यक्ष विजय कुमार मल्होत्रा ने कहा कि स्थिति यह है कि आईओए न तो सरकार के खिलाफ जा सकता है और न ही न्यायालय एवं आईओसी के खिलाफ।

मल्होत्रा ने कहा, "हम केवल यही उम्मीद कर सकते हैं कि ऐसा माहौल बने जब तीनों समाधान खोजने के लिए एक मंच पर आ जाएं।"

भारतीय ओलिंपिक संघ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि संघ का चुनाव निर्धारित समय पर होगा।

आईओए पदाधिकारियों के एक वर्ग ने इस निलम्बन के लिए महासचिव रणधीर सिंह को दोषी ठहराया जो आईओसी में एकमात्र भारतीय प्रतिनिधि हैं।

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष नरेंद्र बत्रा ने कहा कि रणधीर ने आईओसी को ऐसा कठोर कदम उठाने के लिए प्रेरित किया है।

आईओए के नजरिए को आईओसी के सामने रखने के लिए गठित दो सदस्यीय समिति में बत्रा एवं प्रसिद्ध अधिवक्ता आरके आनंद शामिल थे।

उधर, रणधीर ने कहा कि उन्होंने आईओए को आगाह किया था कि आईओसी निलम्बन की तैयारी कर रहा है। उन्होंने कहा, "मैं आईओए को सतर्क करता रहा हूं। मैंने उन्हें बार-बार कहा कि हमें सरकार एवं आईओसी के साथ वार्ता करनी चाहिए। लेकिन लोगों ने ध्यान नहीं दिया क्योंकि उनका खुद का कोई एजेंडा था।" रणधीर ने पिछले हफ्ते ही संस्था के अध्यक्ष पद से दावेदारी वापस ले ली थी। उन्होंने कहा कि आईओए से जोकरों को हटाने का यह उचित समय है।

अभय चौटाला अभी भी आईओए के अध्यक्ष पद के लिए एकमात्र उम्मीदवार हैं।

खेल राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने आरोपों प्रत्यारोपों के दौर को खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा, "आरोप लगाना खत्म करें और सुधार के लिए उपाय करें। भारत सरकार एवं खेल मंत्रालय दोनों पक्षों के साथ वार्ता के लिए तैयार है। यह बहुत आसान है। आईओए को अपना संविधान बदलना ही होगा और इसे आईओसी के चार्टर के अनुसार बनाना होगा।"

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