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आर्मस्ट्रांग ने डोप की बात कबूली, कहा, एक झूठ के लिए सौ झूठ बोला

 
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Lance Armstrong admits to doping in Tour de France victories
लॉस एंजिलिस: ोप कलंकित साइकिलिस्ट लांस आर्मस्ट्रांग ने स्वीकार किया कि टूर दे फ्रांस पर सात खिताब जीतने के पीछे प्रतिबंधित दवाओं के सेवन का भी हाथ था। आर्मस्ट्रांग ने ओपरा विनफ्रे के टॉक शो पर कहा, मैंने अपने फैसले किए। ये मेरी गलतियां हैं।

खेल से आजीवन प्रतिबंध झेलने के बाद आर्मस्ट्रांग का यह पहला इंटरव्यू है। उन्होंने कहा, मैं यहां उसके लिए माफी मांगता हूं। मैंने एक बड़ा झूठ बोला और उसके बाद लगातार दोहराता गया। उन्होंने कहा, निश्चित तौर पर मैंने गलती की।

कैंसर से उबरकर वापसी करने और खिताब जीतने वाले आर्मस्ट्रांग दूसरों के लिए प्रेरणा बन गए थे। उन्होंने कहा, वह सब मिथक, एक परिपक्व कहानी थी और यह सच नहीं था। विनफ्रे के बहुप्रतीक्षित इंटरव्यू में सबसे पहले हां या ना के रैपिड फायर सवाल हुए। इसमें आर्मस्ट्रांग ने खून की मात्रा बढ़ाने वाले ईपीओ, टेस्टोस्टेरोन और शक्तिवर्धक हार्मोन के सेवन की बात स्वीकार की।

उन्होंने कहा कि उन्हें नहीं लगता था कि शक्तिवर्धक दवाओं के इस्तेमाल के बिना साइकिलिंग की बड़ी रेस जीती जा सकती है। उन्होंने कहा, सारी गलती मेरी है, लेकिन तस्वीर के पीछे और उस कहानी के पीछे एक लम्हा था। मीडिया और प्रशंसकों के लिए वह चलता रहा, लेकिन मैंने उस लम्हे में सब कुछ खो दिया। आर्मस्ट्रांग ने कहा कि उन्हें उस दौरान कभी लगा भी नहीं कि वह कुछ गलत कर रहे हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि उन्होंने अपने बनाए मानदंड से अलग जाने वाले लोगों को धमकाया भी।

उन्होंने हालांकि इस बात से इनकार किया कि उन्होंने अपने साथियों को डोपिंग के लिए मजबूर किया। उन्होंने इस बात से भी इनकार किया कि इतालवी डॉक्टर मिशेल फेरारी अमेरिकी पोस्टल सर्विस साइकिलिंग टीम के डोपिंग घोटाले के मास्टरमाइंड थे। आर्मस्ट्रांग ने यह भी कहा कि यह डोपिंग घोटाला खेलों के इतिहास का सबसे बड़ा नहीं है।

उन्होंने कहा कि इसकी तुलना पूर्व पूर्वी जर्मनी के शासन प्रायोजित डोपिंग कार्यक्रम से नहीं की जा सकती। उन्होंने यह भी कहा कि 2009 में वापसी के बाद उन्होंने प्रतिबंधित दवाओं का सेवन नहीं किया। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि डोपिंग का साइकिलिंग चलन है, लेकिन वह किसी को दोषी नहीं ठहराना चाहते।

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