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तालिबान की धमकी को दरकिनार कर मुशर्रफ लौटे पाकिस्तान

 
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Musharraf dismisses Taliban threat, returns to Pakistan
दुबई: ालिबान की धमकी को दरकिनार करते हुए पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ करीब चार साल के स्वनिर्वासन के बाद अपने मुल्क पहुंच गए। वह 11 मई को होने वाले संसदीय चुनाव में हिस्सा लेने पाकस्तान लौटे हैं।

मुशर्रफ (69) एमिरेट्स की चार्टर्ड उड़ान के जरिये आज दोपहर के समय दुबई से कराची के जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे।

दुबई से कराची रवाना होने से पहले मुशर्रफ ने ट्विटर पर कहा, मैं आज दिन में 1 बजे कराची पहुंचूंगा और शाम 5 बजे एक सार्वजनिक सभा को संबोधित करूंगा। बाद में मुशर्रफ ने खुद की एक और तस्वीर पोस्ट की और लिखा, मैं अपने घर के सफर के लिए विमान की अपनी सीट पर बैठ चुका हूं। उनके पाकिस्तान लौटने से घंटों पहले ही अधिकारियों ने कराची में सभा करने की मुशर्रफ को दी गई इजाजत को रद्द कर दिया था। यह सभा कायदे आजम मोहम्मद अली जिन्ना के मकबरे के निकट के मैदान में प्रस्तावित थी।

सिंध पुलिस के प्रवक्ता इमरान शौकत ने बताया कि मुशर्रफ की इस सभा के लिए दिए गए अनापत्ति प्रमाण पत्र को ‘गंभीर सुरक्षा खतरों’ की वजह से वापस ले लिया गया है।

शौकत ने कहा कि पुलिस ने मुशर्रफ की पार्टी ‘ऑल पाकिस्तान मुस्लिम लीग’ (एपीएमएल) को इस फैसले के बारे में बता दिया है। उन्होंने कहा कि एपीएमएल सभा रद्द करने पर सहमत हो गई है।

प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान ने कहा है कि मुशर्रफ की वापसी के बाद उनको निशाना बनाने के लिए उसने आत्मघाती हमलावरों का एक दस्ता तैयार किया है। पूर्व तानाशाह ने कहा है कि वह 11 मई के चुनाव में खड़े होने के लिए किसी भी खतरे का सामना करने को तैयार हैं।

मुशर्रफ ने शनिवार को एक समारोह में अपने पार्टी समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा, मैं घोषणा के अनुसार घर जा रहा हूं। मैं किसी चीज से डरता नहीं हूं ... फिर चाहे यह आतंकवादियों की ओर से हत्या की धमकी हो या पहुंचने पर गिरफ्तारी। दुबई के व्यस्त इलाके में अपने लग्जरी फ्लैट से हवाईअड्डे रवाना होने से पूर्व मुशर्रफ ने अपनी 94 वर्षीय मां को चूमा और उन्हें अलविदा कहा।

मुशर्रफ की घर वापसी के रास्ते को साफ करते हुए शुक्रवार को पाकिस्तान की तीन अदालतों ने कई मामलों में उन्हें गिरफ्तारी से पूर्व जमानत प्रदान कर दी थी। इनमें बलूच नेता अकबर बुगती और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो हत्या मामला भी शामिल हैं, जिनमें उन्हें भगोड़ा अपराधी करार दिया गया है।

इन मामलों में अभी भी आपराधिक आरोपों का सामना कर रहे पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि वह अपने खिलाफ दर्ज किए गए मामलों में मुकदमे का सामना करने से डरते नहीं हैं क्योंकि इनमें से अधिकतर असंवैधानिक हैं।
 
मुशर्रफ ने वर्ष 1999 में सेना प्रमुख के तौर पर एक रक्तहीन तख्तापलट के जरिये सत्ता पर कब्जा जमाया था और अगस्त 2008 में पद छोड़ने के बाद देश छोड़कर चले गए थे। वर्ष 2009 के शुरुआती दिनों में स्व निर्वासन पर जाने से पूर्व मुशर्रफ ने कई बार घर लौटने की अपनी मंशा का ऐलान किया था।

पिछले वर्ष गिरफ्तारी की धमकी मिलने के बाद उन्होंने स्वदेश लौटने की योजना स्थगित कर दी थी।

राजनीतिक और सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि कुछ ‘‘सौदेबाजी’’ के बाद ही मुशर्रफ की वापसी संभव हुई है। संभव है कि इस सौदेबाजी में कुछ विदेशी सरकारों और सेना ने महत्वपूर्ण भूमिका अदा की हो।

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