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उत्तराखंड : कहां बह गए आपदा राहत के 1509 करोड़, नहीं मिल पा रहा हिसाब-किताब?उत्तराखंड सरकार इन दिनों इस बात के लिए परेशान है कि उसे केंद्र सरकार से भेजे गए आपदा राहत के 1509 करोड़ रुपये का हिसाब किताब नहीं मिल रहा। आरटीआई से मिली जानकारी के बाद मामला सुर्खियों में आ गया है। राज्य सरकार ने एक जांच कमेटी बनाने की बात कही है।
केदारनाथ आपदा में उत्तराखंड सरकार का रवैया रहा ढुलमुल, बच सकती थी कई जिंदगियां : CAGसाल 2013 में केदारनाथ में आई प्राकृतिक आपदा के प्रभावों से निपटने के लिए अगर उत्तराखंड सरकार की तैयारियां पुख्ता होती और राहत व बचाव अभियान वक्त रहते हो पाता, तो इस आपदा में कई और जिंदगियां बचाई जा सकती थीं। केदारनाथ आपदा के संबंध में कैग की रिपोर्ट में यह बात कही गई है।
केदारनाथ त्रासदी :  तबाही की आंखों देखी कहानी, हृदयेश जोशी की जुबानीदो साल पहले केदारनाथ समेत उत्तराखंड में आई आपदा हिमालय के इतिहास में सबसे भयानक त्रासदी थी। उस वक्त एनडीटीवी की टीम सबसे पहले केदारनाथ पहुंची, जिसके प्रमुख सदस्य थे एनडीटीवी इंडिया के सीनियर एडिटर हृदयेश जोशी। पढ़ें उस खौफनाक मंज़र के पल-पल का रोंगटे खड़े करने वाला ब्यौरा।
एक वो भी था आपदा प्रबंधनभूवैज्ञानिक और आपदा प्रबंधन गुरु आज भी उस प्रयास को बड़े ही सम्मान के साथ याद करते हैं, लेकिन हमारी सरकारों के लिए ये घटना फाइलों में दबा एक उल्लेख भर मात्र है।
केदारनाथ से नहीं सीखा सबकक्या केदारनाथ की उस आपदा ने उन्हें प्रकृति के प्रति कुछ उदार, कुछ संवेदनशील बनाया है? कहीं दिल्ली, देहरादून में बैठे ये हाकिम देश-दुनिया में अपनी छवि चमकाने की ख़ातिर उस इलाके को जल्दी से जल्दी लाखों बूटों के नीचे फिर रौंदे जाने के लिए तैयार तो नहीं करवा रहे?
उत्तराखंड में भूस्खलन से छह मरे, भारी बारिश की चेतावनीमौसम विभाग ने सोमवार को अलर्ट जारी किया है कि राज्य में अगले 48 घंटों में भारी बारिश हो सकती है। नैनीताल, चमोली, चंपावत, उत्तरकाशी और राजधानी देहरादून सहित अधिकतर इलाकों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। आपदा प्रबंधन टीमों को तैयार रहने के लिए कहा गया है।
भारी बारिश के चलते भागीरथी नदी में उफान आने के बाद बुधवार को उत्तरकाशी जिले मे अलर्ट जारी कर दिया गया। पिछले साल आई आपदा में रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जिलों के अलावा उत्तरकाशी जिला भी सर्वाधिक प्रभावित स्थानों में से एक था।
प्राइम टाइम इंट्रो : उत्तराखंड त्रासदी को एक सालमैं यह बता सकने की स्थिति में नहीं हूं कि सरकार फैसले लेते वक्त वैज्ञानिक अध्ययनों का क्या करती है या संस्थाओं के बीच अध्ययनों को लेकर कितना तालमेल है। हिमालयन टेक्नालजी युनिवर्सिटी बन जाएगी तो अच्छा तो है मगर उससे हिमालय कैसे बचेगा?
उत्तराखंड त्रासदी का एक साल : 'तुम चुप क्यों रहे केदार'केदारनाथ त्रासदी के एक साल बाद हिमालय के इतिहास की सबसे भयावह आपदा को लेकर एक पूरा दस्तावेज़ प्रकाशित हुआ है। इस घटना को कवर करने वाले एनडीटीवी के वरिष्ठ पत्रकार हृदयेश जोशी की नई किताब 'तुम चुप क्यों रहे केदार' में आपदा के कई पहलुओं का जिक्र है और हालात से निबटने में सरकार की ढिलाई को लेकर कई खुलासे भी हैं।
उत्तराखंड त्रासदी : केदारघाटी में चार दिनों में 160 से ज्यादा शव मिलेये शव उन श्रद्धालुओं के माने जा रहे हैं, जो जून में आई जल प्रलय से बचने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ गए और वहां भूख तथा ठंड से उनकी मौत हो गई।
उत्तराखंड त्रासदी : केदारघाटी में 64 और शव बरामदपुलिस के मुताबिक ये शव श्रद्धालुओं के प्रतीत होते हैं, जो मध्य जून में आई आपदा के समय जान बचाने के लिए पहाड़ियों पर चढ़ गए, लेकिन वहां भीषण ठंड की वजह से उनकी मौत हो गई।
अमेरिकी संसद ने उत्तराखंड में हुई मौतों पर दुख जतायाअमेरिका की प्रतिनिधि सभा ने उत्तराखंड में बाढ़ तथा भूस्खलन से हुई तबाही पर दुख व्यक्त किया है और प्रतिनिधियों ने इस आपदा के पीड़ितों की मदद के लिए एक प्रस्ताव भी पेश किया।
केदारनाथ में सफाई शुरू, मंदिर के 500 मीटर दायरे में निर्माण नहींउत्तराखंड के मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने बताया कि पिछले महीने आई प्राकृतिक आपदा से सर्वाधिक प्रभावित हुए केदारनाथ से मलबा हटाने का कार्य शुरू कर दिया गया है और मंदिर के 500 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होने दिया जाएगा।
नरेंद्र मोदी के 'पुण्य कार्य' में भी कांग्रेस को दिखी सियासत : बीजेपीबीजेपी ने कहा कि नरेंद्र मोदी की हैदराबाद रैली में आने वाले श्रोताओं से पांच-पांच रुपये एकत्र करके आपदा की चपेट में आए उत्तराखंड के लोगों के लिए जारी राहत कार्यों में सहयोग किया जाएगा। इस पुण्य काम से कांग्रेस का सियासत खेलना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।
उत्तराखंड ने फटे कपड़े, गंदे चावलों की राहत सामग्री ठुकराईउत्तराखंड में प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहे लोगों ने फटे कपड़े और गंदे चावलों की राहत सामग्री को ठुकराते हुए कहा कि यह राहत सामग्री किसी काम की नहीं है।
बैठक में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा और उनकी सरकार के मंत्रियों के अलावा बीजेपी पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश रावत भी शामिल हुए।
उत्तराखंड आपदा : कल से शुरू होगा मुआवजा देने का कामउत्तराखंड में कुदरत की तबाही को एक मंगलवार को एक महीना पूरा हो जाएगा। 16 जून को आई आपदा ने राज्य में एक बड़े हिस्से को तहस नहस कर दिया था। राज्य सरकार की तरफ से यह ऐलान किया गया मंगलवार से लापता लोगों को भी मुआवाजा देने का काम शुरू कर दिया जाएगा।
उत्तराखंड में नया खतरा, ग्लेशियर से बनी झील, कई इलाकों को खतरासतोपंथ ग्लेशियर के पास एक झील बन गई है, जो बद्रीनाथ और उसके आसपास के इलाकों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। प्रशासन ने संबंधित इलाकों के लिए अलर्ट जारी कर दिया है।
उत्तराखंड आपदा : बचाई गई नन्ही परी को पहचान लिया गांववालों नेयह बच्ची गौरीकुंड में फंसे तीर्थयात्रियों को लावारिस और घायल हालत में मिली थी। अब देवप्रयाग जिले के बागवान गांव के लोगों ने दावा किया है कि बच्ची उनके गांव की है और इसका असली नाम ज्योति है।
उत्तराखंड : राशन के लिए लोग जोखिम में डाल रहे हैं जानउत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ी इलाकों में रास्ते बुरी तरह कटे हुए हैं और ज़रूरत का सामान लेने के लिए लोगों को बेहद ख़तरनाक रास्तों से गुज़रना पड़ रहा है।

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