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प्राइम टाइम इंट्रो : शिक्षक दिवस पर मोदी की एक्स्ट्रा क्लासबिना भाषण के लोकतंत्र का काम नहीं चल सकता। मगर भाषण को लेकर विवाद न हो तो भाषण का काम नहीं चल सकता है। मुझे लगा कि विवाद इसलिए है कि दिन है टीचर्स का, लेकिन प्रधानमंत्री बच्चों को क्यों संबोधित कर रहे हैं क्योंकि उनके लिए तो अभी 14 नवंबर नहीं आया।
शिक्षक दिवस को लेकर दिल्ली सरकार का निर्देशदिल्ली सरकार के शिक्षा निदेशालय ने 29 अगस्त को दिल्ली के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को निर्देश जारी किया है। उसके मुताबिक, प्रधानमंत्री दोपहर तीन बजे से पौने पांच बजे तक देश के बच्चों को संबोधित करेंगे और सवाल जवाब होगा। इसका प्रसारण दूरदर्शन के राष्ट्रीय और क्षेत्रीय चैनलों से होगा।
राजीव रंजन की कलम से : शिक्षक दिवस पर मोदी की क्लासशिक्षक दिवस के मौक़े पर प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर विवाद छिड़ा तो केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री को सफ़ाई देने आना पड़ा कि ये कायर्क्रम पूरी तरह से स्वैच्छिक है और अगर इस मामले में कोई गलतफहमी हुई है, तो इसलिए कि इसे राजनीतिक तौर पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है।
शिक्षक दिवस के मौके पर मोदी के भाषण को दिखाना ऐच्छिक कार्यक्रम : केंद्रअब केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने सफ़ाई देते हुए कहा है कि यह कार्यक्रम पूरी तरह से ऐच्छिक है। यानी जो स्कूल यह भाषण लाइव दिखाना चाहें वे दिखाएं, जो न दिखाना चाहें, वे न दिखाएं।
प्राइम टाइम इंट्रो : पीएम की मौजूदगी में सीएम का अपमान, क्यों?हरियाणा के कैथल में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में जब मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने भाषण दिया तो उनकी हूटिंग हो गई। हूटिंग अंग्रेजी का शब्द है आप इसे हुले लेले या नारेबाज़ी से समझ सकते हैं। मुख्यमंत्री ने अपना भाषण बीच में ही समाप्त कर दिया।
मणि-वार्ता : वाजपेयी का विनम्र हास्य नदारद था लालकिले के भाषण सेकांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद मणिशंकर अय्यर का कहना है कि नरेंद्र मोदी द्वारा लालकिले की प्राचीर से दिए गए भाषण में सिवाय नारों के देश को कुछ हासिल नहीं हुआ।
मोदी खुद को योजना आयोग समझते हैं : लालूस्वतंत्रता दिवस पर दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण के बारे में लालू ने कहा कि भाषण में न कोई कार्य योजना दिखाई दी और न ही कोई नयापन दिखा। भाषण पूरी तरफ कन्फ्यूज था। उन्होंने कहा कि भाषण देकर मोदी सत्ता में पहुंच गए, परंतु अब कोई योजना नहीं बता रहे हैं और न कोई कार्यक्रम तय है।
राजीव रंजन की कलम से : 'प्रधानसेवक' हैं तो सेवा करते नजर भी आइएएक बात तो साफ है कि ब्रान्डिंग में मोदी और उनकी टीम का कोई मुकाबला नहीं कर सकता। लालकिले से न कोई बड़ी घोषणा हुई, और न भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट विज़न नजर आया, फिर भी इस भाषण की मार्केटिंग ऐसी हुई कि हर कोई वाह-वाह कर रहा है।
प्रधानमंत्री के स्वतंत्रता दिवस भाषण में कुछ भी नया नहीं : कांग्रेसपार्टी महासचिव शकील अहमद ने कहा कि यह भाषण 'जीरो इफेक्ट' वाला था। उन्होंने कहा इसमें नया कुछ नहीं था। प्रधानमंत्री की ओर से किसी नए विचार, नई योजना और नई पहल की घोषणा नहीं की गई।
अखिलेश की कलम से : दिल से बोले, खुल कर बोले प्रधानमंत्रीलाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण ये इशारा कर रहा है कि देश के लिए आने वाले पांच साल कैसे होंगे। जनता से सीधा संवाद बिना लाग−लपेट के अपनी बात और परिवार के मुखिया जैसे अंदाज़ में घर के सदस्यों क्या करें− क्या न करें जैसी हिदायतें।
मैं दिल्ली की दुनिया का इंसान नहीं : पीएम नरेंद्र मोदीप्रधानमंत्री ने कहा कि जब दिल्ली आकर उन्होंने एक इनसाइडर व्यू देखा और जो अनुभव किया, उससे वह चौंक गए। ऐसा लगा कि जैसे एक सरकार के अंदर ही दर्जनों अलग-अलग सरकारें चल रही हैं और हर एक की जैसे अपनी-अपनी जागीरें बनी हुई हैं।
स्वतंत्रता दिवस पर दिया गया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा भाषणप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्‍वतंत्रता दि‍वस के अवसर पर लालकि‍ले की प्राचीर से राष्ट्र को संबोधि‍त कि‍या। इस अवसर पर प्रधानमंत्री के संबोधन का मूल पाठ इस प्रकार है...
मोदी ने लिखी नए विचारों की इबारत, योजना आयोग होगा खत्मस्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने योजना आयोग को समाप्त करने का ऐलान किया और विपक्ष को साथ लेकर चलने के आह्वान के साथ ही जातिगत एवं सांप्रदायिक हिंसा पर रोक की हिमायत की।
स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण की सबसे रोचक बातें...स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लालकिले की प्राचीर से राष्ट्र को अपने पहले संबोधन में सारे समाज से एकजुट होकर देश के लिए काम करने की अपील की, और साथ ही बहुत-सी बातें ऐसी कहीं, जो प्रत्येक सुनने वाले को भली लगीं...
एक साल के भीतर हर स्कूल में हो लड़कियों के लिए अलग टॉयलेट : पीएमलाल किले से अपने पहले भाषण में मोदी ने कहा, एक साल के भीतर प्रत्येक विद्यालय में बालिकाओं के लिए अलग शौचालय का निर्माण हो जाना चाहिए, ताकि उन्हें विद्यालय न छोड़ना पड़े।
सभी गरीबों के लिए खुलेंगे बैंक खाते : पीएम मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर गरीब लोगों के लिए बैंक खाता खोलने और उनके लिए 1,00,000 रुपये के बीमा योजना की घोषणा की।
'मेरा क्या' की भावना से हटकर राष्ट्र के बारे में सोचें : पीएम मोदीप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के अपने पहले भाषण के दौरान लाल किले की प्राचीर से कहा, सब कुछ हमारे लिए नहीं होती। कुछ चीजें ऐसी भी हैं, जो राष्ट्र के लिए होनी चाहिए।
जातिवाद और सांप्रदायिकता छोड़िए, एकता को गले लगाइये : पीएम मोदीमोदी ने कहा, हमने बहुत लड़ाई लड़ ली, बहुत लोगों की जानें गईं, पीछे मुड़कर देखिए, क्या किसी को कुछ मिला? मोदी ने कहा कि सालों से चल रहे रक्तपात ने भारत माता को केवल गहरे घाव दिए हैं।
बेटियों को मत मारो, यह 21वीं सदी के भारत पर धब्बा है : लाल किले से पीएम नरेंद्र मोदीप्रधानमंत्री ने कहा कि वह ऐसे परिवारों को भी जानते हैं, जिनमें पांच बेटे थे और जो बड़े मकानों में रहते थे, लेकिन अपने बूढ़े मां-बाप को वृद्धाश्रम भेज दिया। उन्होंने कहा, वहीं, मैंने ऐसे परिवार भी देखे हैं, जिनमें इकलौती बेटी ने अपने माता-पिता की देखभाल करने के लिए शादी भी नहीं की।
रेटिंग दीजिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले स्वतंत्रता दिवस भाषण कोहम चाहेंगे कि आप भी देश के 68वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पहले भाषण को रेटिंग दें, ताकि जाना जा सके कि उनके विचारों और घोषणाओं के बारे में भारतवासी क्या सोचते हैं...

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