आप यहां हैं : होम » विषय »Prime Time »

'Prime time' - 449 video result(s)

'Prime time' - 35 news result(s)

अरविंद और मेरे बीच कोई अहम नहीं है, इसे व्यक्तिगत मुद्दा न समझा जाए : योगेंद्र यादवआम आदमी पार्टी में आई दरार और पार्टी के दिल्ली सचिव दिलीप पांडे द्वारा योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण पर पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल के खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगाने के बीच योगेंद्र यादव ने साफ किया उन्होंने कभी अरविंद केजरीवाल को हटाने की मांग नहीं की।
रवीश कुमार की कलम से : क्या अब अलग हो चुके हैं अरविंद और योगेंद्र?रात भर की बारिश के साथ आम आदमी पार्टी के भीतर इतना कुछ भीग गया कि सुबह के बयानों ने सूखी ज़मीन की तमाम संभावनाओं को समाप्त कर दिया था। योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण अचानक खलनायक की तरह पेश किए जाने लगे जो अरविंद केजरीवाल को पार्टी के संयोजक पद से हटाना चाहते हैं।
क्या रेलवे ने ज्यादा ऊंचा लक्ष्य रखा?मोदी सरकार के दूसरे रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने अपना पहला रेल बजट पेश कर दिया। इतिहास में पहली बार हुआ है जब किसी नई ट्रेन का एलान नहीं हुआ। यात्री किराया भी नहीं बढ़ा है।
स्वाइन फ्लू, इलाज और सरकारी तंत्रआज हम इस बीमारी के बारे में तो बात करेंगे ही साथ ही यह भी समझने का प्रयास करेंगे कि इस तरह की महामारी जैसी स्थिति में हमारा सरकारी तंत्र जिस तरह से कदम उठाता है पब्किल हेल्थ को लेकर, क्या वो काफी है, क्या वो उन पैमानों पर खरा उतरता है जिससे एक सामान्य आदमी की जान बच सके।
किरण बेदी जी, काश कुछ और वक्त मिल पाता : रवीश कुमारइस ब्लॉग में वह खुद बात कर रहे हैं, बीजेपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी के साथ किए उस इंटरव्यू के बारे में, जो ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है।
'टफ कॉप' से रवीश कुमार के टफ सवाल : दिल्ली के दंगल में किरण बेदी की दावेदारीदिल्ली में बीजेपी की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने बुधवार को एनडीटीवी के रवीश कुमार के साथ बातचीत में कहा कि अगर जरूरत महसूस हुई तो पार्टियों को मिलने वाले चंदे में पारदर्शिता लाने के लिए और कानून बनाए जाएंगे।
टाइम के रीडर्स च्वाइस में जीते मोदी, लेकिन 'पर्सन ऑफ द ईयर' खिताब की दौड़ से हुए बाहरप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टाइम मैगजीन के सालाना 'पर्सन ऑफ द ईयर' के लिए हुए रीडर्स पोल में सबसे ज्यादा वोट मिलें, लेकिन इसके बावजूद वह खिताब के लिए चुने गए आठ आखिरी दावेदारों की सूची में जगह नहीं बना सके हैं।
नरेंद्र मोदी के 'टाइम पर्सन ऑफ दि ईयर' सर्वेक्षण में जीतने की संभावनाप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'टाइम पर्सन ऑफ दि ईयर' सर्वेक्षण में जीतने की संभावना प्रबल है क्योंकि कल मध्यरात्रि को सर्वेक्षण के खत्म होने के साथ मोदी 16.2 प्रतिशत वोट के साथ दूसरे स्थान पर चल रहे फर्ग्युसन के विरोध प्रदर्शनकारियों को मिले 9.2 प्रतिशत वोट से काफी आगे थे।
नसबंदी के बाद मौत का जिम्मेदार कौन?छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में नसबंदी के दौरान 13 महिलाओं की मौत के मामले में अब जवाबदेही कैसे तय हो। स्वास्थ्य मंत्री के इस्तीफे से तय हो, स्वास्थ्य सचिव के तबादले से, स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक के तबादले से तय हो, चार डाक्टरों को सस्पेंड करने से तय हो या एक डॉक्टर की गिरफ्तारी से।
कभी ऐसा तोहफा, देखा सुना है!हरि कृष्णा एक्सपोर्ट के बेहतरीन कमर्चारियों को दिवाली के तोहफे के तौर पर 491 कारें दी गईं हैं। 525 कर्मचारियों को साढ़े तीन लाख के आभूषण दिए गए। और उन 200 कर्मचारियों को दो कमरे का फ्लैट दिया गया जिनके पास घर नहीं था।
दोषी कंपनियों को फिर मौका मिले?सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न कंपनियों को 1993 से आवंटित किए गए 218 कोयला ब्लॉकों में से 214 के आवंटन रद्द कर दिए। प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने सिर्फ चार कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द नहीं किया।
नई कहानी लिखेंगे भारत-चीन?चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग जब भारत आए तो राजनयिकों की कुलीन दुनिया में एक सुखद बदलाव आ गया। तामझाम और कायदे कानून तो वही रहे मगर शहर बदल गया।
पूर्व सीएजी विनोद राय की किताब पर बवालएक और किताब आ रही है इसलिए एक और विवाद आ गया है। संजय बारू, नटवर सिंह, पीसी पारख के बाद अब पूर्व महालेखाकार विनोद राय की किताब आ रही है। टाइम्स नाऊ के अर्णब गोस्वामी से बात करते हुए पूर्व महालेखाकार यानी सीएजी ने कहा है कि मनमोहन सिंह चाहते तो 2-जी घोटाला रोक सकते थे तब यूपीए−2 का इतिहास ही कुछ और होता।
क्या दिल्ली में अल्पमत की सरकार ही विकल्प?दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही अटकलबाज़ियां अब चर्चाओं के गंभीर दौर में प्रवेश करने लगी हैं। आज शीला दीक्षित ने कह दिया कि यदि इस स्थिति पर पहुंच गई है बीजेपी कि वो सरकार बना सकती है तो अच्छी बात है।
हुनर पर ध्यान क्यों नहीं?हमारे देश में हर साल 15 लाख इंजीनियर बनकर निकलते हैं, मगर इनमें से 70 से 80 फीसदी इंजीनियर नौकरी के लायक नहीं हैं।
देश में किस हाल में है शिक्षा?हम सब अपने−अपने शिक्षकों को तरह−तरह से याद करते हैं। कुछ श्रद्धा से तो कुछ बेहद तल्खी के साथ। शिक्षकों की भी दुनिया एकरस नहीं है। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की अलग दास्तान हैं तो प्राइवेट स्कूलों की अलग। सरकारी स्कूलों में भी स्थायी और कांट्रेक्ट पर पढ़ाने वाले शिक्षकों की कहानी अलग−अलग है।
अवैध कोल ब्लॉक आवंटन रद्द होगा?क्या होगा अगर सुप्रीम कोर्ट कोयला बलॉक्स के आवंटन को रद्द कर दे। जो कोयला बलॉक्स अवैध तरीके से आवंटित किए गए क्या उनके बरकरार रखने की कोई कानूनी या नैतिक संभावना बनती है।
क्या ज्यादा गंभीर हो गए हैं हम?देश एक गंभीर दौर से गुज़र रहा है। इस गंभीरता के कारण हमें गंभीरता के दौरे पड़ने लगे हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस बात पर शोध कर रहे हैं कि कहीं गंभीरता में अपना हिन्दुस्तान तमाम देशों को पीछे न छोड़ दे। आज कोई कह रहा था कि हम भारत के लोग की जगह हम भारत के गंभीर लोग लिखा होना चाहिए।
नए पीएम के साथ सांप्रदायिक हिंसा में वृद्धि हुई है?नमस्कार मैं रवीश कुमार। ऐसा क्यों होता है कि सांप्रदायिकता पर होने वाली बहसें तर्कबुद्धि की काबिलियत का प्रदर्शन बन कर रह जाती है। इस बहस में लोग एक दूसरे से जीतने का प्रयास करने लगते हैं। बहस में तो कोई न कोई जीत जाता है मगर सांप्रदायिकता से ये विजेता हार जाते हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : बिना अंग्रेज़ी जाने क्या आई ए एस बन सकते हैं?बिना अंग्रेज़ी का टेस्ट दिए आप हिन्दी का पत्रकार नहीं बन सकते। सच तो यही है, लेकिन हिन्दी का यह पत्रकार प्राइम टाइम में तीसरी बार बहस करने जा रहा है कि बिना अंग्रेज़ी जाने क्या आई ए एस बन सकते हैं।

Prime time से जुड़े अन्य समाचार »

Advertisement

Advertisement