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प्राइम टाइम इंट्रो : बेंगलुरु में सामने आया भीड़ में बसा नस्ली रंगभेद का मानसिक रोगरोड रेज, मतलब दुर्घटना से लोग गुस्सा गए और जो भी मिला उसे पीट दिया या सामने वाले को पीटकर अपना गुस्सा शांत कर लिया। वैसे यह भी एक किस्म का मानसिक रोग है जैसे नस्लभेद एक रोग है। हमारे भीतर किसी रूप में हिंसा होती है जो ऐसे मौकों पर बाहर आ जाती है। कई लोग खूनी बन जाते हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : जम्मू-कश्मीर की कुर्सी का किस्साख़ाली कुर्सी है और दावेदारों का पता नहीं। राजनीति में ऐसा कम होता है मगर होता है। जम्मू कश्मीर में मुख्यमंत्री बनने के लिए न तो कोई किसी के घर जा रहा है। न कोई किसी को तोड़ रहा है। न कोई हितों के हित में अपने आप फूट रहा है। 6 साल के लिए जम्मू कश्मीर में सरकार चुनी जाती है।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या पीएम का इतना बोलना काफ़ी था?प्रधानमंत्री के ख़िलाफ़ नारे लगाने वाले छात्र तो बाहर निकाल दिए गए लेकिन प्रधानमंत्री ने भी उन नारों पर कुछ नहीं बोला। कुछ छात्रों की नारेबाज़ी सामान्य घटना नहीं है खासकर प्रधानमंत्री की सभा का बंदोबस्त काफी चाकचौबंद होता है। नारेबाज़ी करने वाले छात्रों ने भी जोखिम की परवाह नहीं की।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में जब कुछ गड़बड़ नहीं तो सारे तथ्य सार्वजनिक करने में क्या हर्ज?हमारी संस्थाएं किस कदर लचर हो गई हैं और उनमें एक घटना को संभालने और उसके सारे तथ्यों को सार्वजनिक करने के साहस की इतनी कमी है कि मामले का राजनीतिक होना उनके लिए भी ढाल का काम कर जाती है। हैदराबाद सेंट्रल यूनिवर्सिटी चार दिन से अगर सारे तथ्यों को एक साथ सार्वजनिक रूप से रख देती तो क्या हो जाता।
प्राइम टाइम इंट्रो : दलित छात्र की खुदकुशी पर स्मृति ईरानी की सफाईप्रेस कांफ्रेंस में स्मृति ईरानी ने जिस आक्रामकता और मजबूती से अपना पक्ष रखा उससे लगा तो नहीं कि उनके साथ बाकी मंत्रियों की मौजूदगी भी जरूरी थी। खैर यह सरकार का फैसला रहा होगा। शायद अन्य मंत्रियों की मौजूदगी से सरकार यह जाहिर करना चाहती होगी कि वह रोहित वेमुला की आत्महत्या के मामले में बेहद गंभीर है।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्या सामंतवाद से बाहर निकल पाएंगे हमारे उच्च शिक्षण संस्थान?हमारी संस्थाओं की सजाएं सामंतवादी और जातिवादी सोच से क्यों मिलती-जुलती हैं। गांव से निकाल देना, कुएं से पानी नहीं पीने देना और होस्टल से निकाल देना। यह सजा है या सजा के नाम पर उसी मानसिकता की निरंतरता। हम हैदराबाद यूनिवर्सिटी के एक दलित छात्र की आत्महत्या की बात कर रहे हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : असमानता की खाई - एक तरफ 62,  दूसरी तरफ साढ़े तीन अरबअगर हम आपको यह बताएं कि दुनिया में 62 ऐसे लोग हैं जिनके पास इतनी दौलत है जितनी इस धरती पर मौजूद आबादी के आधे सबसे गरीब लोगों के पास भी नहीं है तो आपको आश्चर्य होगा या आप यह कहेंगे कि कौन सी नई बात है? तो क्या आप यह नहीं पूछेंगे कि विकास और तरक्की के दावे सिर्फ कुछ लोगों को अमीर बनाने के लिए हैं?
प्राइम टाइम इंट्रो : स्वप्रेरणा से ऑड-ईवन फॉर्मूला जारी रखने के लिए अब दिल्ली वासियों की परीक्षा16 जनवरी से दिल्ली वालों की एक दूसरी परीक्षा होने जा रही है। अगर 15 दिनों तक दिल्ली के लोगों ने जुर्माने के डर के बिना इस योजना में सहयोग किया तो क्या वे आगे जारी रखेंगे। क्या वे तब भी ऑड-ईवन का पालन करेंगे जब यह लागू नहीं होगा। जनभागीदारी का असली स्वरूप तो अब सामने आएगा।
प्राइम टाइम इंट्रो : भारत-पाक के बनते-बिगड़ते रिश्तेमुलाकात पर कितनी बात हो जाती है लेकिन बात के लिए मुलाकात न हो इसके लिए बात बंद हो जाती है या टल जाती है। 25 दिसंबर को प्रधानमंत्री मोदी लाहौर गए तो मेरे सहित ज़्यादातर ने कहा कि ऐतिहासिक कदम है और साहसिक भी।
प्राइम टाइम इंट्रो : सेल्फी एक राष्ट्रीय रोग हैसेल्फी एक राष्ट्रीय रोग है। कौन सा रोग है यह अभी तय नहीं हुआ है, मगर रोग है। इस रोग के शिकार संयुक्त राष्ट्र संघ के ज्यादातर सदस्य देश के नागरिक हो गए हैं। स्मार्ट सिटी से पहले पहुंच चुके स्मार्ट फोन ने दुनिया को सेल्फीग्रस्त कर दिया है।
प्राइम टाइम इंट्रो : 'आप' ने कसा जेटली पर शिकंजाआधे घंटे की प्रेस कांफ्रेंस में AAP के प्रवक्ता ने आरोपों की झड़ी लगाते हुए बताया कि कैसे वित्त मंत्री अरुण जेटली की भूमिका संदिग्ध है। आप की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बीजेपी के श्रीकांत शर्मा के संक्षिप्त जवाब से लगा कि पार्टी इसे ज़्यादा भाव नहीं देगी लेकिन दिन चढ़ने के साथ-साथ उसकी आक्रामकता बढ़ने लगी।
प्राइम टाइम इंट्रो : केजरीवाल के आरोपों में कितना दम?लुटियन दिल्ली की सियासत में कुछ तो हो रहा है जो सामान्य नहीं है। हाथ किसी पर डाला जाता है और पकड़ा कोई और जाता है। एक दिन मुद्दा जहां होता है अगले दिन वही मुद्दा कहीं और नज़र आता है। भ्रष्टाचार के तमाम मामले और छापे के बाद की सिसायत को फिर से पलट कर देखने की ज़रूरत है।
प्राइम टाइम इंट्रो : पंजाब की आर्थिक स्थिति खराब?इंटरनेट पर आप पंजाब वित्तीय संकट टाइप करेंगे तो आपको कई रिपोर्ट मिलेगी कि पंजाब वित्तीय संकट के दौर से गुज़र रहा है। जब भी ऐसी ख़बर आती है राज्य सरकार खंडन कर देती है।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्या कांग्रेस से बदला लिया जा रहा है?पोलिटिकल और पर्सनल वेनडेटा इतनी बार सुना कि सोचा कि शब्दकोष से वेनडेटा का बायोडेटा निकालना चाहिए। आक्सफोर्ड और क्रैंबीज़ डिक्शनरी के अनुसार वेनडेटा का मतलब है व्यक्ति या परिवार के बीच लंबे समय तक चलने वाली हिंसक बहस, जब एक गुट दूसरे गुट से अतीत के कुछ व्यतीत पलों का हिसाब लेने का प्रयास करता है।
प्राइम टाइम इंट्रो : भारत-पाक के बीच एनएसए स्तरीय वार्ता, मीडिया को नहीं लगी भनकमुलाकात तो हो ही रही थी, बस बातचीत नहीं हो पा रही थी। अब इतनी बार मिलेंगे तो क्या पता सामने वाले ने ही पूछ दिया हो कि हम बात कब करेंगे। कब तक हम हाथ मिलाते रहेंगे।
प्राइम टाइम इंट्रो : कारें बंद करने से कम होगा प्रदूषण?दिल्ली के लोग शुक्रवार शाम से अपनी ही कार का नंबर पता कर रहे हैं। ऑड है कि ईवेन है। सम है या विषम है। अचानक लगा कि सबकी कार खो गई है और किसी को अपनी कार का नंबर याद नहीं आ रहा है। वैसे यही फैसला प्राइम टाइम की बहसों के लिए हो जाता तो मज़ा आ जाता।
प्राइम टाइम इंट्रो : झीलों की जगह पर हुआ अतिक्रमणचीजें वैसी ही चलती रहेंगी लेकिन हमारी ख़ूबी ये है कि हम एक दिन के लिए तो जागते हैं। जब जागते हैं तब दिन भर के लिए जागते हैं। उसके बाद चीज़ें फिर से वैसी ही चलने लगती हैं। भारत की राजधानी दिल्ली में 1997-98 के आंकड़े के हिसाब से 355 तालाब थे और 44 झीलें थीं।
प्राइम टाइम इंट्रो : जनलोकपाल पर केजरीवाल के अपने ही खड़े हुए विरोध मेंलोकपाल के मुद्दे से लोकपाल भले न आया हो, मगर इससे एक राजनीतिक पार्टी का जन्म ज़रूर हुआ और वो दिल्ली की सत्ता तक पहुंची। ज़ाहिर है जब उस पार्टी की सरकार जनलोकपाल लेकर आए तो उसकी सख्त समीक्षा होनी चाहिए कि उसका जनलोकपाल कैसा है।
प्राइम टाइम इंट्रो : कितनी पार्टियों ने अंबेडकर की मानी?संविधान दिवस के मौके पर संसद के दोनों सदनों में बहस अच्छी हुई, मगर कई बार यह बहस डॉक्टर आंबेडकर पर दावेदारी की होड़ में बदलती लगी। सबने अपने अपने हिसाब से डॉक्टर आंबेडकर के कथनों का चुनाव किया, और ज्यादातर मौके पर उनका इस्तेमाल दूसरे पर हमला करने में किया गया।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्या स्वच्छ भारत काम कर रहा है?भीड़ ने हां कहा या ना कहा इसका कांग्रेसी विश्लेषण अलग है और भाजपाई विश्लेषण अलग। कांग्रेस को लगता है कि लोगों ने हां भी कहा और ना भी, बीजेपी को लगता है कि लोगों ने हां कहकर राहुल गांधी के मोदी विरोधी अभियान को पंचर कर दिया है।

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