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Prime time


'Prime time' - 158 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • छात्रों के लिए वरदान या मुसीबत है यह NEET?

    छात्रों के लिए वरदान या मुसीबत है यह NEET?

    भारत जैसे विशाल देश में मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की संख्या सिर्फ 90 थी, जिसे अब कम करके एक किया जा रहा है। बात तो ठीक लगती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला तभी आया जब कई राज्यों में बच्चे प्रवेश परीक्षा दे चुके थे।

  • स्टूडियो में खाली कुर्सियों के पीछे की खतरनाक कहानी...

    स्टूडियो में खाली कुर्सियों के पीछे की खतरनाक कहानी...

    अगर प्रवक्ता लोग न्यूज़ चैनलों पर छोटी-छोटी बातों को लेकर आना बंद कर देंगे तो एक समय ऐसा भी आएगा जब न्यूज़ चैनलों को भी प्रवक्ताओं की जरूरत पड़ना बंद हो जाएगी।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ऑड ईवन पर अलग-अलग अध्ययनों के मिलेजुले नतीजे

    प्राइम टाइम इंट्रो : ऑड ईवन पर अलग-अलग अध्ययनों के मिलेजुले नतीजे

    ट्रैफिक जाम रोज़ हमारी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा खाये जा रहा है। किस शहर का नाम लिया जाए और किसका नहीं, आलम ये है कि आदमी अपने परिवार से ज़्यादा समय ट्रैफिक जाम से ज़्यादा सामने या बगल वाली कार को देखते हुए बिता रहा है। हर मुल्क में इस जाम से मुक्ति के कुछ न कुछ प्रयोग हुए हैं मगर मुक्ति कहीं नहीं मिली है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : मुंबई लोकल में स्टंट की नौटंकी

    प्राइम टाइम इंट्रो : मुंबई लोकल में स्टंट की नौटंकी

    किसको समझाया जाए। बेटी को या बेटी के बाप को। क्या सिर्फ यही हैं जो ऐसा करते हैं या और भी कई लोग हैं जो अपने बच्चों को कानूनी उम्र से पहले स्कूटर बाइक दे देते हैं। आखिर क्या जल्दी थी कि इन जनाब ने अपनी सात साल की बेटी को स्कूटी का हैंडल पकड़ा दिया।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : नाम बदलने की सियासत कब ख़त्म होगी?

    प्राइम टाइम इंट्रो : नाम बदलने की सियासत कब ख़त्म होगी?

    गांव जैसा क्या बचा था कि गुड़गांव के गुड़गांव नहीं रहने पर कई लोग भावुक हो रहे हैं। गुड़गांव ही तो गुड़गांव नहीं रहा, वहां के मॉल, सुपर मॉल, होटल, अपार्टमेंट सब तो हैं ही। वहां अगर कुछ नहीं था तो गांव ही नहीं था। मगर गांव के बदले ग्राम आ गया। शहरों पर दावेदारी हमारे गांव इतनी आसानी से नहीं छोड़ने वाले।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : बूंद-बूंद पानी के लिए तरसे लोग

    प्राइम टाइम इंट्रो : बूंद-बूंद पानी के लिए तरसे लोग

    सूखा मौजूदा सरकार की देन नहीं है। सरकारों की दिक्कत ये है कि वे मुआवज़े और राहत कार्य को सूखे का समाधान समझती रही हैं। जिस संकट को इंसानों ने मिलकर कई साल से बुलाया है वो एक दिन या एक साल में नहीं जाएगा।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : हंसेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया

    प्राइम टाइम इंट्रो : हंसेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया

    इतना तो सब कहते हैं कि हमारे देश की जीडीपी ठीक होने वाली है, फिर लोगों का बीपी कम क्यों नहीं हो रहा है। प्रधानमंत्री मोदी और रेटिंग एजेंसी मूडी के आशावाद को लोग समझ क्यों नहीं पा रहे हैं। ऐसी बहसों में क्यों उलझें जिससे मूडी को भी फर्क नहीं पड़ रहा है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : एनआईटी में छात्रों के आक्रोश के पीछे कोई साजिश?

    प्राइम टाइम इंट्रो : एनआईटी में छात्रों के आक्रोश के पीछे कोई साजिश?

    श्रीनगर NIT की घटना और इसे लेकर राजनीति में फासला इतना बढ़ गया है कि वहां के छात्र छात्राओं को अब हाथ में तख़्ती लेकर खड़े होना पड़ा कि हमारे मुद्दों का सांप्रदायिकरण मत कीजिए। कैंपस के भीतर मीडिया के जाने की इजाज़त नहीं है फिर भी व्हाट्सऐप और ट्वीटर के ज़रिये लगातार अफवाह फैलाई जा रही है

  • सूखा ऊपर से आया है या उसकी तैयारी हमने नीचे से की है?

    सूखा ऊपर से आया है या उसकी तैयारी हमने नीचे से की है?

    महाराष्ट्र के कई ज़िलों में पानी नहीं है। जहां थोड़ा बहुत पानी है वहां पुलिस का पहरा है कि कहीं पानी को लेकर कानून व्यवस्था न बिगड़ जाए। लातूर ज़िले में दो महीने के लिए धारा 144 लगा दी गई है। परभनी में एक महीने के लिए धारा 144 लगा दी गई है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : शेल कंपनियों में काला पैसा खपाया गया?

    प्राइम टाइम इंट्रो : शेल कंपनियों में काला पैसा खपाया गया?

    दुनिया भर में पनामा पेपर्स के खुलासे के बाद किसी को समझ नहीं आ रहा है, कोई उद्योग जगत के खिलाफ बोलना नहीं चाहता या क्या ऐसा भी है कि इस मामले में दम ही नहीं है। वर्ना इतना बड़ा खुलासा हुआ है और इसे लेकर तमाम देशों की शुरुआती प्रक्रिया के बाद कहीं कोई खास राजनीतिक हलचल नहीं दिखती है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ताकतवर लोगों के लिए टैक्स से बचना इतना आसान कैसे?

    प्राइम टाइम इंट्रो : ताकतवर लोगों के लिए टैक्स से बचना इतना आसान कैसे?

    क्या कभी आपने हिसाब किया है कि आप इंटरनेट, अखबार और न्यूज़ चैनलों पर महीने का कितना खर्च करते हैं। कभी सोचा है कि आप इतना पैसा क्यों खर्च करते हैं। क्या इसलिए कि मीडिया सत्ता का सामूहिक गुणगान करे या ये चाहते होंगे कि जो कहा जा रहा है और जो नहीं कहा जा रहा है उन सबकी गहन पड़ताल हो।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : एक्ट आफ गॉड! खतरे की आशंका के बावजूद अनदेखी, जिम्मेदार कौन?

    प्राइम टाइम इंट्रो : एक्ट आफ गॉड! खतरे की आशंका के बावजूद अनदेखी, जिम्मेदार कौन?

    कोलकाता के विवेकानंद रोड फ्लाईओवर हादसे में 25 लोगों की मौत हो गई है। 6 साल में भी यह फ्लाईओवर पूरा नहीं हो सका है। इसे कायदे से 2012 में ही बन जाना चाहिए था लेकिन 2016 में बनने से पहले गिर ही गया।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने पर सवाल कायम

    प्राइम टाइम इंट्रो : उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने पर सवाल कायम

    संविधान दिवस के मौके पर 27 अप्रैल 2015 को राज्यसभा में वित्त मंत्री अरुण जेटली यही तो सदन को आश्वस्त कर रहे थे कि राज्यों में अनुच्छेद 356 के बेज़ा इस्तमाल की आशंकाएं समाप्त हो चुकी हैं। तीन महीने के भीतर वही अरुण जेटली ब्लॉग लिख रहे हैं कि क्यों उत्तराखंड में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला संविधान सम्मत है।

  • 'मेरा दिल कोई आपका हिंदुस्तान नहीं जिस पर आप हुकूमत करें'- मुगल-ए-आजम

    'मेरा दिल कोई आपका हिंदुस्तान नहीं जिस पर आप हुकूमत करें'- मुगल-ए-आजम

    वंदे मातरम और भारत माता की विकास यात्रा में कई वर्षों का अंतर है मगर कब दोनों एक-दूसरे के पूरक हो जाते हैं यह ठीक ठीक बताना मुश्किल है। इन विवादों से हमें यकीन होता है कि घबराने की जरूरत नहीं है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा भिड़े

    प्राइम टाइम इंट्रो : पानी को लेकर पंजाब और हरियाणा भिड़े

    पंजाब हरियाणा से लड़ रहा है। हरियाणा दिल्ली से लड़ रहा है। पंजाब में अकाली बीजेपी की सकार है। हरियाणा में बीजेपी की सरकार है। हरियाणा के बीजेपी सांसद प्रधानमंत्री के पास जा रहे हैं कि पंजाब को रोकिये जहां उनकी पार्टी और अकाली दल की सरकार है और जो केंद्र में भी मोदी सरकार का हिस्सा है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : आधार बिल पास, कई प्रावधानों पर विपक्ष को एतराज़

    प्राइम टाइम इंट्रो : आधार बिल पास, कई प्रावधानों पर विपक्ष को एतराज़

    आधार अगर पास हो सकता है तो उम्मीद की जानी चाहिए कि ये जीएसटी के पास होने का भी आधार हो सकता है। यही सब कुछ बिन्दु हैं जहां भारतीय राजनीति के घोर प्रतिद्वंदी कांग्रेस और बीजेपी समान लगने लगते हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : माल्या पर किसकी मेहरबानी?

    प्राइम टाइम इंट्रो : माल्या पर किसकी मेहरबानी?

    न भागा हूं न भगोड़ा हूं, यह किसी कवि की कविता का मुखड़ा नहीं है बल्कि अपनी इच्छानुसार नियमों के तहत विदेश गए विजय माल्या जी का ट्वीट है। विजय माल्या जी विदेश क्या चले गए हैं देश में रहने वाले दो दलों के नेता और सिस्टम को कमज़ोर आदमी के अनुकूल बनाने वाले लोग बहस कर रहे हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : रियल एस्टेट बिल - निगरानी में साकार हो सकेगा घर का सपना

    प्राइम टाइम इंट्रो :  रियल एस्टेट बिल - निगरानी में साकार हो सकेगा घर का सपना

    हाउसिंग सेक्टर के लिए 10 मार्च का दिन ऐतिहासिक है, यह बयान है केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू का। उन्होंने कहा है कि यह सिर्फ एक रेगुलेशन है स्ट्रैंगुलेशन नहीं है। गला तो उपभोक्ता का घोंटा जा रहा था लेकिन केंद्रीय मंत्री ने इस बयान से क्या बिल्डरों को भी संकेत दिया है कि वे सिर्फ निगरानी के दायरे में होंगे।

 

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