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Prime time


'Prime time' - 227 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइम टाइम इंट्रो : टैगोर का देशप्रेम बनाम मानवता

    प्राइम टाइम इंट्रो : टैगोर का देशप्रेम बनाम मानवता

    आख़िर टैगोर के लिए राष्ट्रवाद क्यों ग्लास जितनी सस्ती है, जिसे वो मानवतावाद के बेशकीमती हीरे से नहीं ख़रीदना चाहते हैं. 1916 और 1917 के साल टैगोर जापान और अमेरिका जाकर राष्ट्रवाद पर लेक्चर दे रहे थे. 55 साल की उम्र थी तब. 1913 में ही नोबेल पुरस्कार मिल चुका था. 1908 से 1917 के बीच राष्ट्रवाद को लेकर टैगौर लगातार सोच रहे थे.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : अरुण जेटली ने इतिहास का हवाला देकर मीडिया से किया सवाल

    प्राइम टाइम इंट्रो : अरुण जेटली ने इतिहास का हवाला देकर मीडिया से किया सवाल

    वित्त मंत्री अरुण जेटली भुवनेश्वर में मेक इन उड़ीसा कांक्लेव में बोल रहे थे. उन्होंने ऐसा भारी सवाल दाग़ दिया है कि जवाब देने से पहले आपको 2016 से चलकर 1947 में जाना होगा. 69 साल पीछे जाकर उस समय के अख़बारों के पन्ने पलट कर ही वित्त मंत्री जेटली के सवालों का जवाब दिया जा सकता है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : जैसे-तैसे कटा नवंबर, पर दिसंबर?

    प्राइम टाइम इंट्रो : जैसे-तैसे कटा नवंबर, पर दिसंबर?

    सैलरी आएगी ये सवाल है, आएगी तो कितनी मिलेगी, क्या उसके लिए फिर से बैंकों के बाहर लाइनों में दिन रात एक करना होगा. सरकार शुरुआती हफ्तों में तो रोज़ बता रही थी कि इतने एटीएम को नए नोटों के लायक सेट कर दिया गया है. इसके बाद भी कई जगहों पर एटीएम में पैसा नहीं है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : भारत बंद की अपील किसने की थी?

    प्राइम टाइम इंट्रो : भारत बंद की अपील किसने की थी?

    भारत बंद की अपील किस दल ने की थी, इसका पता लगाना जरूरी है, क्योंकि तमाम विपक्षी दलों को भी इसका जवाब नहीं मालूम है. रविवार से सोमवार तक वो यही सफाई देते रहे हैं कि उन्होंने भारत बंद की अपील नहीं की है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : राष्ट्रवाद के नाम पर नियंत्रण का खेल

    प्राइम टाइम इंट्रो : राष्ट्रवाद के नाम पर नियंत्रण का खेल

    दुनिया भर में सरकारों के कामकाज़ का तरीका बदल रहा है. सरकारें बदल रही हैं. धारणा यानी छवि ही नई ज़मीन है. उसी का विस्तार ही नया राष्ट्रवाद है. मीडिया अब सरकारों का नया मोर्चा है. दुनिया भर की सरकारें मीडिया को जीतने का प्रयास कर रही हैं. हर जगह मीडिया वैसा नहीं रहा जैसा होने की उम्मीद की जाती है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : नोटबंदी से सामने आई एक सामाजिक हक़ीक़त

    प्राइम टाइम इंट्रो : नोटबंदी से सामने आई एक सामाजिक हक़ीक़त

    यह सबसे मुफ़ीद वक्त है शोध करने का कि हम हिन्दुस्तानी अपने घरों में किन किन प्रकार से नोट बचा कर रखते हैं. घरों में पैसे बचाने के तमाम ठिकाने की दिलचस्प किस्सा सामने आएगा. घरों में पैसा बचाने की यह कुशलता सैकड़ों साल पुरानी है.

  • सोशल मीडिया क्यों पूछ रहा है क्या 'बाग़ों में बहार है...'

    सोशल मीडिया क्यों पूछ रहा है क्या 'बाग़ों में बहार है...'

    बाग़ों में बहार है - 70 के दशक में बनी सुपरहिट फिल्म 'आराधना' का यह गीत एक बार फिर गुनगुनाया जा रहा है. इसके पीछे की वजह कोई रिमेक गाना नहीं है बल्कि शुक्रवार को एनडीटीवी इंडिया पर प्रसारित हुआ रवीश कुमार का शो 'प्राइम टाइम' है जिसमें सवाल ही ये था कि जब सवाल नहीं पूछे जाएंगे तो क्या करेंगे?

  • प्राइम टाइम इंट्रो : जब हम सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो क्या करेंगे?

    प्राइम टाइम इंट्रो : जब हम सवाल नहीं पूछ पाएंगे, तो क्या करेंगे?

    आपने नचिकेता की कहानी तो सुनी ही होगी. बालक नचिकेता की कहानी हमें क्यों पढ़ाई गई. नचिकेता के सवालों ने उसके पिता वाजश्रवा को कितना क्रोधित कर दिया. क्रोध में वाजश्रवा ने नचिकेता को यमराज को ही दान कर दिया. नचिकेता ने देख लिया कि पिता सब कुछ दान देने के नाम पर अपने लोभ पर काबू नहीं पा रहे हैं. अच्छी गायों की जगह मरियल और बूढ़ी गायें दान में दे रहे हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या भोपाल की मुठभेड़ वाकई असली थी?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या भोपाल की मुठभेड़ वाकई असली थी?

    भोपाल एनकाउंटर मामले में सवाल न पूछने के बयान का आदर करते हुए दो वरिष्ठ पुलिस अफसरों के बयान को रखना चाहता हूं. मंगलवार को भोपाल के इंस्पेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस योगेश चौधरी ने हमारे सहयोगी श्रीनिवासन जैन के सवालों के जवाब देते हुए नफ़ीस अंग्रेज़ी में कहा था कि भगोड़े क़ैदियों के पास 4-5 हथियार थे.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : वन रैंक, वन पेंशन पर क्यों आ रही है मुश्किल?

    प्राइम टाइम इंट्रो : वन रैंक, वन पेंशन पर क्यों आ रही है मुश्किल?

    पूर्व सैनिक रामकिशन गेरेवाल ने मंगलवार को दिल्ली में ज़हर खाकर आत्महत्या कर ली. हरियाणा के भिवानी ज़िले के बामला गांव के रहने वाले रामकिशन ने ज़हर खाने से पहले किसी को नहीं बताया. रामकिशन ने ज़हर खाने के बाद अपने बेटे को भी फोन किया कि मैंने ज़हर खा ली है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या क़ैदियों का सरेंडर कराया जा सकता था?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या क़ैदियों का सरेंडर कराया जा सकता था?

    भोपाल सेंट्रल जेल आईएसओ प्रमाणित है. जेल की वेबसाइट पर ये जानकारी फ्लैश करती रहती है. आईएसओ प्रमाणित जेल से आठ क़ैदी, वो भी जिन पर आतंक के मामले के मुकदमे चल रहे हों वो इस जेल से भाग जाते हैं. भागने से पहले ये हेड कांस्टेबल रमाशंकर को स्टील की नुकीली प्लेट्स और चम्मचों से मला कर मार देते हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या घटती नौकरियों का जवाब बेसिक इनकम है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या घटती नौकरियों का जवाब बेसिक इनकम है?

    क्या आप यूनिवर्सल बेसिक इनकम के बारे में जानते हैं? क्या सरकार सभी लोगों को बेसिक इनकम दे सकती है? बेसिक इनकम क्या है? क्या ये बेरोज़गारी भत्ता है? क्या ये वृद्धावस्था पेंशन है? क्या कोई सरकार करोड़ों लोगों को बेसिक इनकम दे सकती है?

  • प्राइम टाइम इंट्रो : दिखने लगे ग्लोबल वॉर्मिंग के नतीजे

    प्राइम टाइम इंट्रो : दिखने लगे ग्लोबल वॉर्मिंग के नतीजे

    याद कीजिए आप एक हफ्ते में कितनी बार बोलते हैं कि मौसम में बहुत बदलाव हो गया है. बारिश या तो नहीं होती है, होती है तो बाढ़ का कहर पैदा कर देती है. कई जगहों पर नए नए रिकॉर्ड बन रहे हैं. गर्मी के भी. बारिश के भी और सूखे के भी. जिन शहरों को हमने सबसे सुरक्षित माना है, वही अब बैठे बैठे डूब जा रहे हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : कैसे सुधरेगी भारत की कारोबारी रैंकिंग?

    प्राइम टाइम इंट्रो : कैसे सुधरेगी भारत की कारोबारी रैंकिंग?

    विश्व बैंक 2004 से ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस के आधार पर रैकिंग कर रहा है, लेकिन भारतीय राजनीति में इसे प्रचलित किया है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने. पहले गुजरात को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का मुखड़ा बनाया, फिर इसे अपने गर्वनेंस की विचारधारा.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : यूपी में समाजवादी फ़ैमिली ड्रामा

    प्राइम टाइम इंट्रो : यूपी में समाजवादी फ़ैमिली ड्रामा

    लखनऊ में पिछले कई दिनों से चल रही पत्र लेखन प्रतियोगिता के बाद आज आशु भाषण प्रतियोगिता का आयोजन हुआ. मुख्यमंत्री अखिलेश यादव रोए भी और बोले भी. रोते हुए लगा कि वे पिता से बोल रहे हैं, बोलते हुए लगा कि वे नेता से बोल रहे थे. सपा में नेता कब पिता बन जा रहे हैं और मुख्यमंत्री कब भतीजा, ये इसलिए है क्योंकि अब हमारे राजनीतिक दलों में परिवारवाद का अगला चरण सामने आ रहा है.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : मातृभाषा में पढ़ने, पढ़ाने को तैयार हैं?

    प्राइम टाइम इंट्रो : मातृभाषा में पढ़ने, पढ़ाने को तैयार हैं?

    जब भी हम यह सुनते पढ़ते हैं कि पढ़ाई हिन्दी या मातृभाषा में होती है, हम डर क्यों जाते हैं. क्या हमारे देश में लोग मातृ भाषा में नहीं पढ़ रहे हैं. अगर आप सरकारी स्कूलों का विस्तार देखेंगे और ग़रीबों की शिक्षा तक पहुंच का मूल्यांकन करेंगे तो अभी ही करोड़ों बच्चे अपनी अपनी मातृभाषा में शिक्षा में ग्रहण कर रहे हैं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : कितना सुरक्षित है आपका डेबिट कार्ड?

    प्राइम टाइम इंट्रो : कितना सुरक्षित है आपका डेबिट कार्ड?

    सुबह सुबह जब आप अख़बार में यह ख़बर देखें कि 32 लाख डेबिट कार्ड की सूचना उड़ा ली गई है तो पहले आप क्या करेंगे? पर्स चेक करेंगे, कार्ड देखेंगे और मोबाइल फोन में मैसेज चेक करेंगे कि बैंक की तरफ से कोई मैसेज आया है या नहीं.

  • प्राइम टाइम इंट्रो : बेरोजगारी हमें परेशान क्‍यों नहीं कर रही?

    प्राइम टाइम इंट्रो : बेरोजगारी हमें परेशान क्‍यों नहीं कर रही?

    आज मैं नौकरी पर बात करूंगा, क्या जिस तादाद में सांप्रदायिक तनाव की संख्या बढ़ रही है, नौकरियां भी बढ़ रही हैं. क्या नौकरी का सवाल बिल्कुल ज़रूरी नहीं है. दिल्ली स्थित एक संस्था है 'प्रहार', जिसके अध्ययन की रिपोर्ट समाचार एजेंसी पीटीआई के हवाले से तमाम अख़बारों में प्रकाशित हुई।

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