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Prime time


'Prime time' - 173 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ब्रिटेन के जाने से कमज़ोर होगा ईयू?

    प्राइम टाइम इंट्रो : ब्रिटेन के जाने से कमज़ोर होगा ईयू?

    ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह को लेकर भारतीय मीडिया की दिलचस्पी से कुलबुलाहट सी हो रही है। क्या भारतीय मीडिया भारत में भी जनमत संग्रह के विचार को प्रोत्साहित करेगा। क्या हमारे राजनीतिक दलों को भी जनमत संग्रह पसंद आ रहा है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या एफडीआई की सीमा बढ़ाने से बदलेगी स्थिति?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या एफडीआई की सीमा बढ़ाने से बदलेगी स्थिति?

    जयराम कहते हैं कि रघुराम से ध्यान हटाने के लिए केंद्र सरकार ने विदेशी निवेश के फैसलों का ऐलान किया है। भारत के संख्या में छोटे मगर सबसे बड़े विपक्षी दल की तरफ से यही आलोचना आई है और जयराम रमेश ने कहा है कि सोमवार को विस्तृत प्रतिक्रिया आएगी।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : चुनाव में पैसों का बढ़ता इस्तेमाल

    प्राइम टाइम इंट्रो : चुनाव में पैसों का बढ़ता इस्तेमाल

    हमारा लोकतंत्र सचमुच दुनिया में सबसे बड़ा है, तभी तो एक विधायक सदन की बेंच पर अकेला खड़ा है। दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र ने संसद से लेकर तमाम राज्यों के सदनों में प्रदर्शन के एक से एक रूप देखे हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ड्रग्स पंजाब के सामने बहुत बड़ी चुनौती

    प्राइम टाइम इंट्रो : ड्रग्स पंजाब के सामने बहुत बड़ी चुनौती

    पंजाब में नशे को लेकर आज कोई बात नहीं हो रही है। इसलिए नहीं हो रही है कि कोई फिल्म आ गई है या चुनावों को देखते हुए कुमार विश्वास ने एक म्यूज़िक वीडियो बना दिया है कि नशे की लत छोड़ दो।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : अमेरिकी क़रीबी से भारत को कितना फ़ायदा?

    प्राइम टाइम इंट्रो : अमेरिकी क़रीबी से भारत को कितना फ़ायदा?

    दो साल में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चौथी बार अमेरिका में हैं। ओबामा और मोदी की यह सातवीं मुलाकात है। याद कीजिए उनका पहला दौरा जब मेडिसन स्‍क्‍वायर में धूम धड़ाका हुआ था और उन्हें भारतीय मीडिया ने रॉकस्टार मोदी बुलाया था लेकिन इस बार वे सिर्फ प्रधानमंत्री की भूमिका में हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : 'सैराट', दलितों से नाइंसाफी की कहानी

    प्राइम टाइम इंट्रो : 'सैराट', दलितों से नाइंसाफी की कहानी

    मराठी फिल्म सैराट कई हफ्ते पहले ही आ चुकी है और महाराष्ट्र के तमाम शहरों कस्बों में ख़ूब देखी जा रही है। फिल्म मराठी में बनी है मगर इस फिल्म की भाषा मराठी नहीं है। सैराट कामयाब हो गई है, कई करोड़ कमा लिये हैं फिर भी कामयाब फिल्म नहीं है क्योंकि इसकी कहानी हमारी आपकी सभी की नाकामी की कहानी है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : जीडीपी विकास दर में तेज़ी अच्छे दिनों के संकेत?

    प्राइम टाइम इंट्रो : जीडीपी विकास दर में तेज़ी अच्छे दिनों के संकेत?

    सकल घरेलु उत्पाद यानी जीडीपी। राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का बैरोमीटर। भारत सरकार ने पिछले वित्तीय वर्ष के विकास दर के आंकड़े जारी करते हुए दावा किया है कि अर्थव्यवस्था का बढ़ते जाना जारी है। 2015-16 में सकल घरेलू उत्पादन यानी जीडीपी की विकास दर 7.6% रही।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : वोट के बदले नोट का चलन कैसे रुकेगा?

    प्राइम टाइम इंट्रो : वोट के बदले नोट का चलन कैसे रुकेगा?

    आप पूरी ज़िंदगी मेहनत कर कितना बचा पाते होंगे ये जब जोड़ लेंगे तो समझ सकेंगे कि राजनीतिक दलों के पास, उनके उम्मीदवारों के पास कितना पैसा है कि वो चार पांच करोड़ रुपये ऐसे ही मतदान से पहले की रात लोगों में बांट देते हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : डॉक्टरों की कमी कैसे दूर होगी?

    प्राइम टाइम इंट्रो : डॉक्टरों की कमी कैसे दूर होगी?

    लगता है कि किसी को रिटायरमेंट अच्छा नहीं लगता तभी जब भी ऐसा एलान होता है कि रिटायरमेंट की उम्र बढ़ा दी गई है जिसकी नहीं भी बढ़ती है वो भी ख़ुश हो जाता है। दूसरी तरफ कॉलेज से निकलकर रोज़गार समाचार पढ़ने वालों को ये ख़बर नहीं सुहाती है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या वाकई छात्रों के बीच NEET को लेकर नाराज़गी है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या वाकई छात्रों के बीच NEET को लेकर नाराज़गी है?

    आदेश और अध्यादेश के चक्कर में नेशनल एंट्रेंस एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट नीट (NEET) फंस गया है। क्या सरकार ने नीट के ख़िलाफ अध्यादेश का कदम वाकई ज़मीनी हकीकत के आधार पर उठाया है या उसके सामने कृत्रिम विरोध की तस्वीर पेश की गई। 10 मई को सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि इसी साल से नीट होगा।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : असम में जीतकर मनोवैज्ञानिक दबाव से उबरी बीजेपी

    प्राइम टाइम इंट्रो : असम में जीतकर मनोवैज्ञानिक दबाव से उबरी बीजेपी

    असम में भारतीय जनता पार्टी की जीत पांच राज्यों के चुनावों की सबसे बड़ी खबर है। असम की राजनीति की अपनी जटिलता है। वहां की सामाजिक विविधता के कारण भारतीय जनता पार्टी के लिए लड़ाई आसान नहीं थी।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या राजन के बारे में स्वामी की सोच सरकार की भी है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या राजन के बारे में स्वामी की सोच सरकार की भी है?

    स्वामी का कोई स्वामी नहीं है लेकिन स्वामी रिजर्व बैंक के जिस स्वामी पर हमले कर रहे हैं उसके बहाने कहीं वे अपनी सरकार के स्वामी को भी तो नहीं घसीट रहे? क्या राजन के बारे में स्वामी की सोच सरकार की भी है?

  • प्राइम टाइम इंट्रो : नेताओं, अपराधियों के निशाने पर पत्रकार

    प्राइम टाइम इंट्रो : नेताओं, अपराधियों के निशाने पर पत्रकार

    बिहार के सीवान ज़िले के पत्रकार राजदेव रंजन की हत्या की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है। हिन्दुस्तान अख़बार के ब्यूरो चीफ राजदेव रंजन की हत्या के मामले में कुछ गिरफ्तारी तो हुई है मगर ठोस सुराग़ नहीं मिले हैं। सब की निगाह हत्या के कारणों पर है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : तो आखिर कौन है मालेगांव का गुनहगार?

    प्राइम टाइम इंट्रो : तो आखिर कौन है मालेगांव का गुनहगार?

    NIA ने जब मालेगांव मामले पर जब अपनी चार्जशीट पेश की तो कइयों को लगा कि हेमंत करकरे की जांच को ही संदिग्ध बना दिया गया है। क्या ऐसा अफसर जिसने अपनी जान की परवाह तक नहीं की वो ऐसी जांच करेगा जिससे आतंकवाद की एक ऐसी थ्योरी हवा में तैरने लगेगी जिस पर कोई यकीन करने के लिए तैयार नहीं है।

  • धरना-प्रदर्शन...आम जन कुछ इस तरह भी जिंदा रखे हैं लोकतंत्र

    धरना-प्रदर्शन...आम जन कुछ इस तरह भी जिंदा रखे हैं लोकतंत्र

    कई प्रदर्शन इस आस में समाप्त हो जाते हैं कि काश कोई पत्रकार आएगा और हमारी तस्वीर दिखाएगा। कई प्रदर्शन इस बात की चिन्ता ही नहीं करते हैं। उन्हें पता है कि जब वे प्रदर्शन करेंगे तो कैमरे वाले आएंगे ही आएंगे। कांग्रेस और बीजेपी के प्रदर्शनों को बाकी प्रदर्शनों से ज्यादा सौभाग्य प्राप्त है।

  • छात्रों के लिए वरदान या मुसीबत है यह NEET?

    छात्रों के लिए वरदान या मुसीबत है यह NEET?

    भारत जैसे विशाल देश में मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की संख्या सिर्फ 90 थी, जिसे अब कम करके एक किया जा रहा है। बात तो ठीक लगती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला तभी आया जब कई राज्यों में बच्चे प्रवेश परीक्षा दे चुके थे।

  • स्टूडियो में खाली कुर्सियों के पीछे की खतरनाक कहानी...

    स्टूडियो में खाली कुर्सियों के पीछे की खतरनाक कहानी...

    अगर प्रवक्ता लोग न्यूज़ चैनलों पर छोटी-छोटी बातों को लेकर आना बंद कर देंगे तो एक समय ऐसा भी आएगा जब न्यूज़ चैनलों को भी प्रवक्ताओं की जरूरत पड़ना बंद हो जाएगी।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ऑड ईवन पर अलग-अलग अध्ययनों के मिलेजुले नतीजे

    प्राइम टाइम इंट्रो : ऑड ईवन पर अलग-अलग अध्ययनों के मिलेजुले नतीजे

    ट्रैफिक जाम रोज़ हमारी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा खाये जा रहा है। किस शहर का नाम लिया जाए और किसका नहीं, आलम ये है कि आदमी अपने परिवार से ज़्यादा समय ट्रैफिक जाम से ज़्यादा सामने या बगल वाली कार को देखते हुए बिता रहा है। हर मुल्क में इस जाम से मुक्ति के कुछ न कुछ प्रयोग हुए हैं मगर मुक्ति कहीं नहीं मिली है।

 

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