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Ravish kumar


'Ravish kumar' - 595 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइम टाइम इंट्रो : रजनी अपने आप में फिल्म हैं?

    प्राइम टाइम इंट्रो : रजनी अपने आप में फिल्म हैं?

    उत्तर भारत में हीरो की कमी नहीं है, लेकिन रजनीकांत जैसा कोई हीरो नहीं है। कहने वाले तो यह भी कहते हैं कि पूरी दुनिया में रजनीकांत सा कोई नहीं। 66 साल की उम्र में हीरो बने रहने का करिश्मा हिंदी सिनेमा के सुपर स्टार भी नहीं कर पाए।

  • मायावती से लेकर स्मृति ईरानी और स्वाति सिंह तक, कुछ भी तो नहीं बदला...

    मायावती से लेकर स्मृति ईरानी और स्वाति सिंह तक, कुछ भी तो नहीं बदला...

    स्त्री-विरोधी भाषा संसार में हमारी स्त्रियां भी फंसी हैं, जैसे सामंतवादी जातिवादी ढांचे में हमारे दलित भी फंसे हैं। स्मृति ईरानी, मायावती, स्वाति और हम सब। कांग्रेस, बीजेपी, बीएसपी, सपा और आरजेडी सब। इस ढांचे से रोज़ तोड़कर थोड़ा-थोड़ा बाहर आना पड़ता है। हमारा गुस्सा हमें क्षण भर में हमारे भीतर बैठे सामंतवाद की छत पर ले आता है और हम वही करने लगते हैं, जिसके खिलाफ हमें गुस्सा आता है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : दलित उत्पीड़न पर लगाम कैसे लगे?

    प्राइम टाइम इंट्रो : दलित उत्पीड़न पर लगाम कैसे लगे?

    एक बार फिर राज्य सभा में दलित उत्पीड़न पर चर्चा हुई। एक बार फिर तमाम आंकड़े पढ़े गए। एक बार फिर चिंता जताई गई। एक बार फिर कई सदस्यों ने कहा कि यह काम हम एक बार फिर तो कर रहे हैं मगर अफसोस कि कुछ होता नहीं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : गुजरात में सड़कों पर उतरा दलित आंदोलन

    प्राइम टाइम इंट्रो : गुजरात में सड़कों पर उतरा दलित आंदोलन

    गुजरात के उना शहर की ये तस्वीर आंखों से ज्यादा मन को चुभती हैं। एक समाज के नाते हम सभी को सोचना चाहिए कि लाठी लेकर मार रहे युवकों के मन में इस हिंसा को किसने भरा है। परिवार, समाज, धर्म शास्त्र, संस्कार या राजनीतिक विचारधारा ने।

  • क्यों एक ब्राह्मण के बेटे ने गाय की खाल उतारने का लिया बगावती फैसला...

    क्यों एक ब्राह्मण के बेटे ने गाय की खाल उतारने का लिया बगावती फैसला...

    एक ब्राह्रण परिवार के लड़के ने 1982 में जब यह काम करने का फैसला किया होगा तो उसके भीतर भारत की जाति व्यवस्था के इस दंश को मिटा देने की कितनी ज़िद होगी। यह सोच कर लगा कि गौ रक्षा के वहशी विवादों के बीच आप पाठकों का परिचय विजय दीवान से कराना चाहिए।

  • गुजरात के दलितों का अकेलापन और समाज की चुप्पी भरी शांति...

    गुजरात के दलितों का अकेलापन और समाज की चुप्पी भरी शांति...

    दलितों की पीठ पर आज़ाद भारत की मानसिक ग़ुलामी की लाठी बरस रही है। इन दलित युवकों को सवाल करना चाहिए। गुजरात ही नहीं, बिहार से लेकर यूपी तक क्यों है हमारे ख़िलाफ इतनी नफरत। क्यों हैं हमारी पीठ से इतनी चिढ़ कि लोग 10 लाख की कार की पीठ बचाते रहे, हमारी पीठ पर लाठियां बरसाते रहे।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या राष्ट्रवाद पत्रकारिता में दिखना चाहिए?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या राष्ट्रवाद पत्रकारिता में दिखना चाहिए?

    कभी आपने सोचा है कि न्यूज़ चैनलों पर हर हफ्ते किसी न किसी बहाने ऐसे मुद्दे क्यों लौट आते हैं, जिनके बहाने राष्ट्रवाद की चर्चा होने लगती है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्या राज्यपाल का पद खत्म किया जा सकता है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्या राज्यपाल का पद खत्म किया जा सकता है?

    बैठक के दौरान केंद्र के सामने राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने जो बातें कही हैं उससे अंदाज़ा लगता है कि राज्य और केंद्र के बीच सबकुछ ठीक नहीं है। सहयोगी संघवाद कहिये या टीम इंडिया कहिये, इन नारों से अलग हकीकत कुछ और है।

  • कश्मीर में अख़बार बंद : वाजपेयी जी के शब्दों में - यह अच्छी बात नहीं है...

    कश्मीर में अख़बार बंद : वाजपेयी जी के शब्दों में - यह अच्छी बात नहीं है...

    इस वक्त सरकार का काम अख़बार कर रहे हैं। वहां के लोगों से वहां की बात कर रहे हैं। इससे एक संवाद क़ायम होता है। सही और विविध सूचनाएं लोगों में आत्मविश्वास पैदा करती हैं। लोकतंत्र के प्रति इस विश्वास को ज़िन्दा रखती हैं कि बोला-सुना जा रहा है। लेकिन प्रेस पर पाबंदी है और प्रेस चुप है।

  • यह कथित राष्ट्रवाद कहीं असहमति के स्वर कुचलने के लिए तो नहीं?

    यह कथित राष्ट्रवाद कहीं असहमति के स्वर कुचलने के लिए तो नहीं?

    आप कभी सोशल मीडिया के ज़रिए सही सवालों का प्रसार नहीं देखेंगे। आखिर क्या वजह है कि व्हाट्स ऐप फेसबुक पर हिन्दू बनाम मुस्लिम वाले मटेरियल ही साझा किए जा रहे हैं? देश के लोगों का ही ख़्याल नहीं तो यह राष्ट्रवाद किसके लिए है? कहीं असहमति के स्वर को कुचलने के लिए तो नहीं है?

  • प्राइम टाइम इंट्रो : राशन के जरूरतमंद गरीब को 'भामाशाह एटीएम' न कह दे तो?

    प्राइम टाइम इंट्रो : राशन के जरूरतमंद गरीब को 'भामाशाह एटीएम' न कह दे तो?

    किसी भी योजना में चुनौती आती है। हो सकता है कि यह शुरुआती चुनौती हो, लेकिन जो गरीब 2 रुपए से ज्यादा का अनाज खरीद नहीं सकता उसे अनाज मिलने में एक दिन की देरी हो जाए तो उसका क्या?

  • आतंक के खिलाफ ट्वीट करने वाले राष्ट्रप्रमुख आतंक से लड़ भी रहे हैं या...?

    आतंक के खिलाफ ट्वीट करने वाले राष्ट्रप्रमुख आतंक से लड़ भी रहे हैं या...?

    आतंकवादी घटना के साथ ही दुनियाभर के दो-चार राष्ट्र प्रमुख ट्वीट कर निंदा करने लगते हैं, आतंक से लड़ने का संकल्प दोहराते हैं, कंधे से कंधा मिलाकर चलने की बात कहते हैं। यह नहीं बताते, पिछली घटना के वक्त कंधे से कंधा मिलाकर आतंक से लड़ने का वादा किया था, उसका क्या नतीजा निकला...?

  • प्राइम टाइम इंट्रो : यूपी में कांग्रेस को मिला नया चेहरा

    प्राइम टाइम इंट्रो : यूपी में कांग्रेस को मिला नया चेहरा

    चर्चा में नहीं है तो आप चुनाव में नहीं हैं। सोशल मीडिया पर वायरल न हुए तो लोग समझेंगे कि आपको वायरल हो गया है इसलिए कहीं दिख नहीं रहे हैं। इसलिए आप देखेंगे कि चुनाव से पहले चर्चा में बने रहने का संग्राम छिड़ जाता है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : देश में संविधान के उल्लंघन की संवैधानिक स्थिति...

    प्राइम टाइम इंट्रो : देश में संविधान के उल्लंघन की संवैधानिक स्थिति...

    सुप्रीम कोर्ट ने उत्तराखंड के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले को रद्द कर दिया है। राष्ट्रपति शासन के मामले में उत्तराखंड का फैसला भारत के न्यायिक और राजनीतिक इतिहास का पहला फैसला है जो नई सरकार के बनने से पहले आया है।

  • घूरते रहते हैं पत्र, आम लोगों की उम्मीदें तोड़ रही व्यवस्था

    घूरते रहते हैं पत्र, आम लोगों की उम्मीदें तोड़ रही व्यवस्था

    मुझे हर दिन कहीं न कहीं से हस्तलिखित पत्र आते रहते हैं। बहुत सुंदर लिखावट होती है। शनिवार हो या रविवार, दिन या रात कभी भी फोन कर उम्मीद की याद दिलाने लगते हैं। मैं उम्मीद की इस बात को नहीं मानता। अगर वाकई मैं ही एकमात्र उम्मीद बचा हूं तो लोगों को इस दुनिया से उम्मीद छोड़ देनी चाहिए।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : कश्मीर की अवाम की शिकायतें कितनी वाजिब?

    प्राइम टाइम इंट्रो : कश्मीर की अवाम की शिकायतें कितनी वाजिब?

    यह सवाल तो पूछना ही होगा कि क्यों पढ़े लिखे, अच्छे घरों के नौजवान आतंक के रास्ते पर जा रहे हैं। किसी ने कहा कि सुरक्षाबलों की ज़्यादाती आपको उन हर परिवारवालों में मिलेगी जहां से कोई बागी हुआ है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : कश्मीर में कब सुधरेंगे हालात?

    प्राइम टाइम इंट्रो : कश्मीर में कब सुधरेंगे हालात?

    कश्मीर में हालात सामान्य बताये जा रहे हैं मगर स्थिति नियंत्रण में होते हुए भी नहीं है। जगह-जगह हुई हिंसा में मरने वालों की संख्या 23 पहुंच गई है। बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी और आम लोग भी घायल हुए हैं। लोगों का गुस्सा इतना भड़का हुआ है कि कई थानों पर हमला हुआ है...

  • क्या अभिव्यक्ति की आजादी के मामले में नज़ीर बनेगा मुरुगन की किताब पर आया फैसला?

    क्या अभिव्यक्ति की आजादी के मामले में नज़ीर बनेगा मुरुगन की किताब पर आया फैसला?

    तमिलनाडू के लेखक पेरुमल मुरुगन के मामले में चेन्नई हाई कोर्ट का एक फैसला आया है। चेन्नई हाईकोर्ट ने अपने फैसले में जो लिखा उसे मील का पत्थर बताया जा रहा है। क्या यह फैसला उन्मुक्त अभिव्यक्ति की आजादी के मामले में नज़ीर है या इसका संदर्भ सिर्फ मुरुगन की किताब तक ही सीमित है।

 

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