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Ravish kumar


'Ravish kumar' - 566 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • NT अवॉर्ड्स में NDTV का दबदबा, रवीश कुमार को बेस्ट हिन्दी तो बरखा दत्त को अंग्रेजी की बेस्ट ऐंकर अवार्ड

    NT अवॉर्ड्स में NDTV का दबदबा, रवीश कुमार को बेस्ट हिन्दी तो बरखा दत्त को अंग्रेजी की बेस्ट ऐंकर अवार्ड

    देश के प्रतिष्ठित एनटी अवॉर्ड्स में एनडीटीवी छाया रहा, जहां रवीश कुमार को हिन्दी के बेस्ट ऐंकर का अवॉर्ड दिया गया। इसके साथ हर रात 9 बजे आने वाले रवीश कुमार के 'प्राइम टाइम' को बेस्ट करेंट अफ़ेयर कार्यक्रम माना गया है।

  • 7वां वेतन आयोग : सैलरी बढ़ने को तर्कबुद्धि और तथ्यबुद्धि से देखिए...

    7वां वेतन आयोग : सैलरी बढ़ने को तर्कबुद्धि और तथ्यबुद्धि से देखिए...

    धारणाओं के कुचक्र से कोई लाभ नहीं है। प्राइवेट हो या सरकारी, हर तरह की नौकरियों में काम करने की औसत उम्र कम हो रही है, सुरक्षा घट रही है। इसका नागरिकों के सामाजिक जीवन से लेकर सेहत तक पर बुरा असर पड़ता है। लोग तनाव में ही दिखते हैं। उपभोग करने वाला वर्ग योग से तैयार नहीं होगा।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : काले धन पर सरकार के अल्टीमेटम का कितना लाभ?

    प्राइम टाइम इंट्रो : काले धन पर सरकार के अल्टीमेटम का कितना लाभ?

    1 जून से 30 सितंबर के बीच अपना वाला काला धन सरकार को बता दीजिए, उस पर 45 प्रतिशत का टैक्स दीजिए, कोई सज़ा नहीं कोई सवाल नहीं, और अपना काला धन सफेद धन के रूप में वापस ले जाइए।

  • श्रम कार्यालयों के जाल में फंस गया है एक ईमानदार अफ़सर

    श्रम कार्यालयों के जाल में फंस गया है एक ईमानदार अफ़सर

    कोई अपनी पूरी ईमानदारी एक काले बैग में समेट कर आपके सामने आकर बैठ जाए तो आप उस व्यक्ति से मुख़ातिब नहीं होते बल्कि सत्ता तंत्र के भयावह रूप के सामने किसी निरीह और अकेले कबूतर की तरह उस व्यक्ति को फड़फड़ाते देखते हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : दिल्ली में लाभ के पद का विवाद

    प्राइम टाइम इंट्रो : दिल्ली में लाभ के पद का विवाद

    हम और आप जब भी किसी सांसद या विधायक को देखते हैं तो हमेशा उसे सत्ता पक्ष या विपक्ष के प्रतिनिधि के रूप में देखते हैं। लेकिन लोकसभा या विधानसभा अपने सदस्यों को सरकार के प्रतिनिधि के तौर पर नहीं देखती है। सदन की कल्पना इस पर आधारित है कि विधायक या सांसद उसके भीतर जनता की आवाज़ हैं।

  • ब्रेक्ज़िट के बाद 'लीव' के लिए संपादक के नाम रवीश कुमार का पत्र

    ब्रेक्ज़िट के बाद 'लीव' के लिए संपादक के नाम रवीश कुमार का पत्र

    ब्रिक्जिट हो गया है तो इस पर हज़ारों की संख्या में विश्लेषण छप रहे हैं। इतने एंगल से लेख छपे हैं कि मैं पढ़ते पढ़ते परेशान हूं। घटना से बड़ी घटना इस पर छपे लेखों के भंडार हैं। लोगों को ही गरियाने का इतना बड़ा प्रोजेक्ट मैंने कभी नहीं सुना इसलिए मैं सारे लेख पढ़ना चाहता हूं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ब्रिटेन के जाने से कमज़ोर होगा ईयू?

    प्राइम टाइम इंट्रो : ब्रिटेन के जाने से कमज़ोर होगा ईयू?

    ब्रिटेन में हुए जनमत संग्रह को लेकर भारतीय मीडिया की दिलचस्पी से कुलबुलाहट सी हो रही है। क्या भारतीय मीडिया भारत में भी जनमत संग्रह के विचार को प्रोत्साहित करेगा। क्या हमारे राजनीतिक दलों को भी जनमत संग्रह पसंद आ रहा है।

  • क्या ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन के बहाने असली मुद्दे पर बात होगी...?

    क्या ब्रिटेन और यूरोपियन यूनियन के बहाने असली मुद्दे पर बात होगी...?

    ब्रिटेन के नागरिकों का गुस्सा सिर्फ ब्रिटेन में नहीं है, सिर्फ ट्रंप के समर्थकों में नहीं है। हिलेरी भी कई तरीके से ट्रंप की ही बात कह रही हैं। भारत में भी मुंबई में है, बिहार में है, गुजरात में है। हर जगह अवसरों के विस्तार को लेकर संघर्ष है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो: यूरोपीय संघ को लेकर दो राय में बंटा ब्रिटेन

    प्राइम टाइम इंट्रो: यूरोपीय संघ को लेकर दो राय में बंटा ब्रिटेन

    ब्रिटेन को यूरोपियन यूनियन में रहना चाहिए या निकल जाना चाहिए इसे लेकर ब्रिटेन में मतदान शुरू हो गया है। 4 करोड़ 65 लाख से अधिक मतदाता इस जनमत संग्रह में भाग ले रहे हैं। कहीं मतदान ज़ोरों पर हैं, कहीं धीमा है। 24 जून को इस जनमत संग्रह के नतीजे आने वाले हैं।

  • क्या मायावती को लिखा हुआ भाषण पढ़ना चाहिए?

    क्या मायावती को लिखा हुआ भाषण पढ़ना चाहिए?

    मायावती अक्सर लिखा हुआ पढ़ती हैं लेकिन बुधवार को वह ज़्यादा असरदार लग रही थीं। हंस रही थीं, पत्रकारों के सवाल का सामना करने के लिए तैयार लग रही थीं। ऐसा करने से उनकी देहभाषा से यह संदेश भी गया कि वह कंट्रोल में हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : स्वामी के निशाने पर अब अरविंद सुब्रमण्यन

    प्राइम टाइम इंट्रो : स्वामी के निशाने पर अब अरविंद सुब्रमण्यन

    आज जैसे ही स्वामी ने मुख्य आर्थिक सलाहकार अरविंद सुब्रमण्यम पर हमला किया यह तर्क दिया जाने लगा कि उनकी व्यक्तिगत राय है। क्या बीजेपी में अन्य नेताओं को भी यह छूट है कि सरकार के मुख्य आर्थिक सलाहकार पर व्यक्तिगत रूप से हमला कर सकता है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : भारत की एनएसजी सदस्यता की राह में बाधा बना चीन

    प्राइम टाइम इंट्रो : भारत की एनएसजी सदस्यता की राह में बाधा बना चीन

    भारत और पाकिस्तान भले एक-दूसरे से बात न कर रहे हों लेकिन दुनिया की कूटनीति में ऐसा कुछ घटित हो रहा है जिसके कारण पाकिस्तान भारत के हर कदम पर बात कर रहा है। न्यूक्लियर सप्लायर ग्रुप में प्रवेश को लेकर भारत की कूटनीतिक सक्रियता के कंधे पर पाकिस्तान भी सवार होना चाहता है।

  • धार्मिक नहीं, भारतीय नहीं, लेकिन योग सिर्फ फिटनेस की गारंटी भी तो नहीं

    धार्मिक नहीं, भारतीय नहीं, लेकिन योग सिर्फ फिटनेस की गारंटी भी तो नहीं

    योग के बारे में तमाम टीकाओं को पढ़िए। गुरु बताते हैं कि यह जीवनशैली है। प्रधानमंत्री ने ठीक कहा कि यह त्याग करने के लिए है, मगर यह बात उन्हीं की तमाम आर्थिक नीतियों से मेल नहीं खाती। इसमें उनका कोई दोष नहीं, मगर क्या यह सच नहीं कि मौजूदा अर्थव्यवस्था अतिउपभोग पर ही आधारित है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या एफडीआई की सीमा बढ़ाने से बदलेगी स्थिति?

    प्राइम टाइम इंट्रो : क्‍या एफडीआई की सीमा बढ़ाने से बदलेगी स्थिति?

    जयराम कहते हैं कि रघुराम से ध्यान हटाने के लिए केंद्र सरकार ने विदेशी निवेश के फैसलों का ऐलान किया है। भारत के संख्या में छोटे मगर सबसे बड़े विपक्षी दल की तरफ से यही आलोचना आई है और जयराम रमेश ने कहा है कि सोमवार को विस्तृत प्रतिक्रिया आएगी।

  • मध्योग्यता का समर्थन करना बेहद ज़रूरी है

    मध्योग्यता का समर्थन करना बेहद ज़रूरी है

    मैं मानता हूं कि समाज के समर्थन से बने सिस्टम में योग्य और मध्योग्य दोनों होने चाहिए। मध्योग्य लोगों को भी खपाना पड़ता है। योग्य लोग धूप में उतरकर पार्टी के लिए पोस्टर बैनर नहीं लगाते।

  • 'उड़ता पंजाब' में दिखता है खोखला पंजाब

    'उड़ता पंजाब' में दिखता है खोखला पंजाब

    पंजाब को सिर्फ नशे का नशा नहीं है। उसे रेंज रोवर, एस क्लास मर्सिडीज़, डीजे संगीत, डॉलर और टूटी फूटी अंग्रेज़ी के साथ हर उस चीज़ का नशा चढ़ गया है जिसका पंजाबियत से कोई वास्ता नहीं है।

  • राज्यसभा चुनाव : राजनीति के धंधे में सब व्यापारी हैं, यहां मुनाफ़ा ही धर्म है...

    राज्यसभा चुनाव : राजनीति के धंधे में सब व्यापारी हैं, यहां मुनाफ़ा ही धर्म है...

    राज्यसभा का चुनाव बताता है कि हमारा लोकतंत्र राजनीतिक दलों के गिरोह में फंस गया है। सांप्रदायिकता की लड़ाई सिर्फ गरीब हिन्दू-मुसलमान के लिए है। वही इसके ख़िलाफ़ लड़ता है और वही मारा जाता है। सियासतदान लड़ने के नाम पर सौदा करता है और मलाई खा लेता है।

  • सोशल मीडिया पर मनमोहन सिंह की वापसी के पीछे कौन?

    सोशल मीडिया पर मनमोहन सिंह की वापसी के पीछे कौन?

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अमेरिका से लौटने के पहले सोशल मीडिया पर अमेरिकी कांग्रेस के बहाने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह लौट आए। सोशल मीडिया पर अपनी वापसी की मनमोहन सिंह ने भी कल्पना न की होगी।

 

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