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प्राइम टाइम इंट्रो : योजना आयोग ख़त्म करने की तैयारीसवाल है कि प्रधानमंत्री जिन उद्देश्यों को गिना रहे हैं, उसकी पूर्ति के लिए क्या वाकई योजना आयोग सक्षम नहीं हैं। क्या आयोग केंद्र राज्य संबंधों में अड़चन था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पहले भी कई विचारक योजनाकार योजना आयोग को समाप्त करने से लेकर इसमें बदलाव की वकालत करते रहे हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : पाक से विदेश सचिव स्तर की वार्ता रद्द25 अगस्त को भारत की विदेश सचिव सुजाता सिंह सचिव स्तर की बातचीत के लिए इस्लामाबाद नहीं जाएंगी। भारत सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए ये एलान किया। भारत को पाकिस्तान उच्चायुक्त का तथाकथित हुर्रियत नेताओं से मिलना नाग़वार गुज़रा है।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्या हम ज्यादा गंभीर हो गए हैं?देश एक गंभीर दौर से गुज़र रहा है। इस गंभीरता के कारण हमें गंभीरता के दौरे पड़ने लगे हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक इस बात पर शोध कर रहे हैं कि कहीं गंभीरता में अपना हिन्दुस्तान तमाम देशों को पीछे न छोड़ दे। आज कोई कह रहा था कि हम भारत के लोग की जगह हम भारत के गंभीर लोग लिखा होना चाहिए।
प्राइम टाइम इंट्रो : नए पीएम के साथ सांप्रदायिक हिंसा में वृद्धि हुई है?नमस्कार मैं रवीश कुमार। ऐसा क्यों होता है कि सांप्रदायिकता पर होने वाली बहसें तर्कबुद्धि की काबिलियत का प्रदर्शन बन कर रह जाती है। इस बहस में लोग एक दूसरे से जीतने का प्रयास करने लगते हैं। बहस में तो कोई न कोई जीत जाता है मगर सांप्रदायिकता से ये विजेता हार जाते हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : ख़त्म होगा कॉलेजियम सिस्टम90 के दशक में कार्यपालिका के ख़िलाफ शुरू हई न्यायिक सक्रियता 2014 के साल में उसी कार्यपालिका के सामने अपना मुकम्मल बचाव तक नहीं कर सकी। इस इम्तहान में कार्यपालिका ने अपना खोया हुआ नियंत्रण वापिस ले लिया या फिर न्यायपालिका पहले से और बेहतर हो गई है, इस पर कानून के विद्वान लंबे समय तक बहस करेंगे।
प्राइम टाइम इंट्रो : भागवत के बयान पर सियासी घमासानमोहन भागवत ने कहा कि अगर इंग्लैंड में रहने वाला इंग्लिश है, जर्मनी वाला जर्मन, अमेरिका वाला अमरीकन, तो जो हिन्दुस्तान में रहते हैं वे हिन्दू हैं। लेकिन अमरीकी, इंग्लिश की तरह हम भारतीय क्यों नहीं हैं? हम इंडियन क्यों नहीं हैं? हम हिन्दू ही क्यों हैं? क्या सिख, मुसमलान, ईसाई, पारसी भी हिन्दू हैं?
प्राइम टाइम इंट्रो : जुवेनाइल जस्टिस एक्ट में संशोधनरोज़मर्रा की आपाधापी से गुज़रते हुए जब आप थकहार कर टीवी के सामने बैठते हैं तो क्या खुद को इस बात के लिए तैयार रखते हैं कि कुछ वक्त निकाल कर सोचा जाना चाहिए कि किसी अपराधी को अपराध की क्रूरता के अनुसार बालिग माना जाए या उसके कच्चे मन की सीमाओं को समझते हुए नाबालिग माना जाए।
प्राइम टाइम इंट्रो : बेनीवाल की बर्खास्तगी पर विवादइस देश में कुछ मुद्दे ऐसे हैं जो बिना कांग्रेस बीजेपी के अधूरे लगते हैं। उन मुद्दों में दोनों की भागीदारी में बस समय और मात्रा का फेर रहता है, मगर रहते दोनों हैं। वैसे सरकार बदलने पर राज्यपालों की बर्खास्तगी की औपचारिक शुरुआत 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के साथ होती है, जिसे सभी सरकारों ने बरकार रखा।
प्राइम टाइम इंट्रो : बिना अंग्रेज़ी जाने क्या आई ए एस बन सकते हैं?बिना अंग्रेज़ी का टेस्ट दिए आप हिन्दी का पत्रकार नहीं बन सकते। सच तो यही है, लेकिन हिन्दी का यह पत्रकार प्राइम टाइम में तीसरी बार बहस करने जा रहा है कि बिना अंग्रेज़ी जाने क्या आई ए एस बन सकते हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : यूपी में सांप्रदायिक चिंगारी को हवाउत्तर प्रदेश चिंगारी की ढेर पर बैठा है, जिसके बारे में अभी इस वक्त यूपी के नागरिकों ने पहल नहीं की, तो बहुत देर हो जाएगी। इस मामले को आप राजनीतिक जमात के भरोसे नहीं छोड़ सकते हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : बीमा बिल पर बदलता कांग्रेस-बीजेपी का रुखराम−बलराम फिल्म की तरह कांग्रेस बीजेपी भी बीमा संशोधन विधेयक का कभी विरोध करती हैं, तो कभी समर्थन। ये दोनों इस मामले में इतनी बार पलट चुके हैं कि इनके स्टैंड को अब इश्योरेंस की ज़रूरत है।
प्राइम टाइम इंट्रो : पढ़ने वाले धरने परजिसे पढ़ना चाहिए वह धरने पर है और जिसे करना चाहिए वह पढ़ रहा है। यूपीएससी के छात्र धरने पर बैठे हैं और सरकार अरविंद वर्मा कमेटी की रिपोर्ट पढ़ रही है।
प्राइम टाइम इंट्रो : डब्ल्यूटीओ पर भारत का क्या हो रुख?जब टीवी का पर्दा नटवरी प्रसंगों से गुलज़ार होगा हम बात करेंगे विश्व व्यापार संगठन यानी डब्ल्यू टी ओ में भारत के रुख को लेकर। भारत ने डबल्यू टी ओ के व्यापार सरलीकरण समझौते पर दस्तखत करने से मना कर दिया है।
प्राइम टाइम इंट्रो : जीएम फूड खेती की समस्या का अचूक समाधान है?जीएम फूड, जैव संवर्धित फसलों के बारे में आपकी कोई राय है। नहीं है तो कोई बात नहीं, मगर इस विवाद को आप किसी परिकथा की तरह न देखें तो ठीक रहेगा। जहां कोई चांद से आता है और खेती किसानी से लेकर भूखमरी तक की समस्या का हल कर जाता है। दुनिया भर में जीएम फूड को लेकर अनंत विवाद हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : लालू-नीतीश का साथ आना असहज समझौताबिहार में नीतीश कुमार और लालू प्रसाद यादव के साथ आ जाने से अगर आप असहज महसूस कर रहे हैं तो आप अपवाद नहीं हैं। बिहार में 21 अगस्त को दस सीटों के लिए उपचुनाव होने हैं। विधानसभा की इन दस सीटों के लिए आरजेडी और जेडीयू के बीच समझौता हुआ है।
प्राइम टाइम इंट्रो : नैतिक मूल्यों में भारी गिरावट है?हमारे देश में बत्रा सहित कई लोग हैं जो मानते हैं कि इस वक्त जो आधुकनिता चल रही है वो पश्चिम परस्त है और उसी के कारण नैतिक मूल्यों में भारी गिरावट है।
प्राइम टाइम इंट्रो : भारत का इजराइल के खिलाफ वोटसंयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद में भारत ने इज़राइल के खिलाफ वोट किया है। क्या भारत ने ऐसा कर उन लोगों को चौंका दिया है जो इज़राइल का साथ दे रहे थे और सरकार से कह रहे थे कि उसे 2014 के चुनावों में अस्वीकार कर दिए गए सेकुलरवादियों के बहकावे में नहीं आना चाहिए।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्या शिवसेना सांसद का तरीका जायज है?एक सांसद एक कर्मचारी के मुंह में रोटी ठूंस रहे हैं। ये जनाब ठाणे से शिवसेना के सांसद हैं, राजन विचारे और जिसके मुंह में रोटी ठूंसी जा रही है, वो हैं अरशद ज़ुबैर, महाराष्ट्र सदन में आईआरसीटीसी के रेसिडेंट मैनेजर। अरशद का कहना है कि ऐसा करने से उसका रोज़ा समय से पहले टूट गया।
प्राइम टाइम इंट्रो : न्यायपालिका की निष्पक्षता पर बहससत्ता संतुलन में नैतिक बल जिसका प्रधान होता है, वही उस वक्त तक प्रधान होता है। अब जजों की नियुक्ति के मामले में पारदर्शिता को लेकर न्यायपालिका की जगह सरकार बयान दे रही है कि वह चिंतित है।
प्राइम टाइम इंट्रो : गुरुद्वारों के प्रबंधन को लेकर विवादकभी-कभी कोई राजनीतिक विवाद अपनी प्रकृति में दिशाहीन और चुनावी होते हुए भी हम सबको उसके ज़रिये इतिहास के एक ऐसे दौर में जाने का मौका देता है, जहां पहुंचकर आपको खुद से सवाल करना पड़ता है कि क्या हम उन कुर्बानियों की भावनाओं को जी रहे हैं।

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मध्य प्रदेश : 20 साल से बेड़ियों में बंधे हैं पिता और पुत्र

मध्य प्रदेश में दो लोगों को उनके परिवार ने ही 20 साल से बेड़ियों में बांध रखा है। इनका कहना है कि मानसिक रूप से बीमार इन दोनों को इलाज नहीं हो पा रहा है कि इसलिए ऐसा किया है।

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