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प्राइम टाइम इंट्रो : दोषी कंपनियों को फिर मौका मिले?सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न कंपनियों को 1993 से आवंटित किए गए 218 कोयला ब्लॉकों में से 214 के आवंटन रद्द कर दिए। प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने सिर्फ चार कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द नहीं किया।
प्राइम टाइम इंट्रो : भारत एक मूर्ति प्रधान देश!मूर्ति और मेमोरियल की राजनीति ने हिन्दुस्तान की तारीख़ को अजब-ग़ज़ब किस्सों से भर दिया है। देश के तमाम चौराहे और तिराहे मूर्तियों से लैस हो चुके हैं। कुल मिलाकर भारत एक मूर्ति प्रधान देश है।
प्राइम टाइम इंट्रो : महाराष्ट्र के गठबंधनों पर संकटजनता जनार्दन की निष्काम सेवा हो सके, इसके लिए महाराष्ट्र की चार पार्टियां तय नहीं कर पा रही हैं कि मिलकर लड़ें या अकेले। 288 सीटों की लिस्ट सबने बना ली है, मगर अकेले लड़ने का एलान सब दूसरे पर छोड़ रहे हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : सीमा विवाद ने चीनी राष्ट्रपति के दौरे का रंग उतार दिया?क्या सीमा विवाद ने चीनी राष्ट्रपति के इस दौरे का रंग उतार दिया है। भूटान, जापान और ब्रिक्स देशों के सम्मेलन से लौटने का जो आत्मविश्वास था वो दिल्ली में आज नरेंद्र मोदी के चेहरे पर नज़र नहीं आया।
प्राइम टाइम इंट्रो : नई कहानी लिखेंगे भारत-चीन?चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग जब भारत आए तो राजनयिकों की कुलीन दुनिया में एक सुखद बदलाव आ गया। तामझाम और कायदे कानून तो वही रहे मगर शहर बदल गया।
प्राइम टाइम इंट्रो : विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को झटकाबीते दिनों जनधन योजना, जापान की कामयाब यात्रा, काशी को क्योटो बनाने का करार, शिक्षक दिवस का विवादास्पद मास्टर स्ट्रोक, जीडीपी का सुधरना, सेंसेक्स का उछलना सब कुछ तो अच्छा हो ही रहा था। फिर भी इन उप चुनावों में बीजेपी के अच्छे दिन क्यों नहीं आए?
प्राइम टाइम इंट्रो : छोटी ग़लती पर भी बड़ा जुर्मानासबके पास कार हैं इसका मतलब यह नहीं कि सब अमीर हैं या इतने सक्षम हैं कि 25,000 रुपये जुर्माना भर सकेंगे। इन कारों में ड्राईवर भी होते हैं। कई मामलों में जुर्माना राशि या तो उनकी तनख्वाह के बराबर है या उससे भी ज्यादा।
प्राइम टाइम इंट्रो : पूर्व सीएजी राय की किताब पर बवालएक और किताब आ रही है इसलिए एक और विवाद आ गया है। संजय बारू, नटवर सिंह, पीसी पारख के बाद अब पूर्व महालेखाकार विनोद राय की किताब आ रही है। टाइम्स नाऊ के अर्णब गोस्वामी से बात करते हुए पूर्व महालेखाकार यानी सीएजी ने कहा है कि मनमोहन सिंह चाहते तो 2-जी घोटाला रोक सकते थे तब यूपीए−2 का इतिहास ही कुछ और होता।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्या दिल्ली में अल्पमत की सरकार ही विकल्प?दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही अटकलबाज़ियां अब चर्चाओं के गंभीर दौर में प्रवेश करने लगी हैं। आज शीला दीक्षित ने कह दिया कि यदि इस स्थिति पर पहुंच गई है बीजेपी कि वो सरकार बना सकती है तो अच्छी बात है।
प्राइम टाइम इंट्रो : हुनर पर ध्यान क्यों नहीं?हमारे देश में हर साल 15 लाख इंजीनियर बनकर निकलते हैं, मगर इनमें से 70 से 80 फीसदी इंजीनियर नौकरी के लायक नहीं हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : दिल्ली में सरकार गठन की रस्साकशीभारतीय राजनीति में जोड़ तोड़ से सरकार बनाने की ऐसी मिसालें हैं कि उनकी दुहाई देकर कुछ भी करना अतीत की उन करतूतों को बैक डेट में मान्यता देने जैसा होगा। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने साफ कहा है कि वे चुनाव के पक्ष में हैं। फिर बीजेपी से सरकार पूछने का मतलब क्या तोड़-फोड़ की किसी तरकीब को रास्ता नहीं देना है?
प्राइम टाइम इंट्रो : जम्मू कश्मीर में बाढ़ की तबाहीइस वक्त जब सारा राज्य बाढ़ में फंसा हुआ है, और केंद्र राज्य मिलकर लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं हम बस यही जानना चाहेंगे कि वहां हुआ क्या? क्या कोई विशेष बदलाव आया कि झेलम ने श्रीनगर को डूबा दिया। साठ साल में ऐसी बाढ़ की नौबत क्यों आई? राहत और बचाव के लिए अभी क्या कुछ किया जा सकता है?
प्राइम टाइम इंट्रो : सदाशिवम को राज्यपाल बनाने पर सवाल क्यों?राजनीति में नैतिकता की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह कहां और कब से लागू हो कोई भी तय कर सकता है और जो इसका हिसाब करने निकलेगा वो गणित में फेल होकर केमिस्ट्री में टॉपर बनके निकलेगा। राज्यपाल कौन बनेगा और कैसे हटेगा ये दो वक्त है जब पता चलता है कि राज्यपाल भी होते हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : देश में किस हाल में है शिक्षा?हम सब अपने−अपने शिक्षकों को तरह−तरह से याद करते हैं। कुछ श्रद्धा से तो कुछ बेहद तल्खी के साथ। शिक्षकों की भी दुनिया एकरस नहीं है। सरकारी स्कूलों के शिक्षकों की अलग दास्तान हैं तो प्राइवेट स्कूलों की अलग। सरकारी स्कूलों में भी स्थायी और कांट्रेक्ट पर पढ़ाने वाले शिक्षकों की कहानी अलग−अलग है।
प्राइम टाइम इंट्रो : मोदी सरकार के सौ दिनयह पहली सरकार है, जिसके सौ दिन पूरे होने से हफ्ता भर पहले ही सौ दिन के कामकाज का हिसाब किताब हो रहा है। जब अठारह घंटे चलकर न्यूज़ चैनल चौबीस घंटे के कहला सकते हैं, तो चार पांच दिन पहले से सौ दिन क्यों नहीं मन सकता। वैसे आज यानी मंगलवार को 100 दिन पूरे हो गए हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : शिक्षक दिवस पर मोदी की एक्स्ट्रा क्लासबिना भाषण के लोकतंत्र का काम नहीं चल सकता। मगर भाषण को लेकर विवाद न हो तो भाषण का काम नहीं चल सकता है। मुझे लगा कि विवाद इसलिए है कि दिन है टीचर्स का, लेकिन प्रधानमंत्री बच्चों को क्यों संबोधित कर रहे हैं क्योंकि उनके लिए तो अभी 14 नवंबर नहीं आया।
ऐसे लोग तो हर जगह मिल जाएंगे जो लड़कियों को झांसा देते हैं। मगर यह कहना कि संगठित रूप से झांसा दिया जा रहा है इसका कोई ठोस प्रमाण तो होना ही चाहिए। लड़की के इंसाफ़ के सवाल को अपनी सियासत में बदल देना क्या उचित है?
प्राइम टाइम इंट्रो : अवैध कोल ब्लॉक आवंटन रद्द होगा?क्या होगा अगर सुप्रीम कोर्ट कोयला बलॉक्स के आवंटन को रद्द कर दे। जो कोयला बलॉक्स अवैध तरीके से आवंटित किए गए क्या उनके बरकरार रखने की कोई कानूनी या नैतिक संभावना बनती है।
प्राइम टाइम इंट्रो : आडवाणी-जोशी का दौर गयापरिवार की तरह चलने वाली पार्टियां अब कंपनी की तरह चलने लगी हैं। हम चाहते भी तो यही है कि देश ही कंपनी की तरह चले। तभी तो हम प्रधानमंत्री को सीईओ भी कहने लगते हैं। हमने भी तो कबका ये स्वीकार कर लिया है कि पेशेवर और सक्षम तरीके से चलने और चलाने का उदाहरण सिर्फ और सिर्फ कंपनी सिस्टम में ही मिल सकता है।
प्राइम टाइम इंट्रो : बिहार में चला लालू−नीतीश गठजोड़ का जादूकिसी भी चुनाव के बाद नेताओं के बयान पर कभी रिसर्च कीजिएगा। जनता का फैसला स्वीकार करने की उदारता को छोड़ दें तो हारने पर भी सब नतीजों की व्याख्या ऐसे करते हैं जैसे वही जीते हों। दूसरी तरफ जीतने वाले इतने गदगद होते हैं कि तुरंत अपनी जीत को ऐतिहासिक बता देते हैं।

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