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Ravish kumar


'Ravish kumar' - 502 न्यूज़ रिजल्ट्स

  • प्राइम टाइम इंट्रो : उत्तराखंड की आग इतनी भयानक क्यों हुई?

    प्राइम टाइम इंट्रो : उत्तराखंड की आग इतनी भयानक क्यों हुई?

    प्राकृतिक आपदाएं पहले भी आ चुकी होती हैं, दिक्कत ये है कि जब तक वे दोबारा लौट कर नहीं आतीं, हमें ख़्याल भी नहीं होता कि इस बीच कुछ किया जाना है।

  • छात्रों के लिए वरदान या मुसीबत है यह NEET?

    छात्रों के लिए वरदान या मुसीबत है यह NEET?

    भारत जैसे विशाल देश में मेडिकल की प्रवेश परीक्षाओं की संख्या सिर्फ 90 थी, जिसे अब कम करके एक किया जा रहा है। बात तो ठीक लगती है, लेकिन सुप्रीम कोर्ट का फैसला तभी आया जब कई राज्यों में बच्चे प्रवेश परीक्षा दे चुके थे।

  • अगस्ता डील में गलती किसकी?

    अगस्ता डील में गलती किसकी?

    यह सवाल वाजिब भी है कि क्या कांग्रेस के शीर्ष नेताओं के बिना या यूपीए सरकार के शीर्ष मंत्रियों के बिना यह डील हो सकती थी। रिश्वत दी गई है तो किसी के इशारे पर ही दी गई होगी, ली गई होगी। यह बात तभी सामने आएगी जब इसकी पुख्ता जांच होगी।

  • यामाहा RX100 भी कोई सपना है !

    यामाहा RX100 भी कोई सपना है !

    यामाहा RX100 और वो भी चमकती हुई। ऐसा लगा जैसे यादों के किसी कोने में यामाहा की छवि लौट कौंध गई हो। पर बाइक तो साक्षात ही दिख रही थी। स्टेनलेस स्टील के पैनल, हैंडल, गार्ड सब चमक रहे थे जैसे अभी-अभी कारख़ाने से बनकर आए हों।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : आपको इंसाफ से कौन दूर रख रहा है?

    प्राइम टाइम इंट्रो : आपको इंसाफ से कौन दूर रख रहा है?

    एक आदमी अदालतों में चालीस चालीस साल फैसले के लिए इंतज़ार करता है। उसके फैसले के लिए किसी जज के पास दो मिनट का वक्त नहीं है। उसका इंतज़ार फैसले के लिए कम होता है। तीस चालीस साल में जज साहब का वो दो मिनट मिल जाए, उसके लिए होता है।

  • केजरीवाल के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार को डीएसएसएसबी चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार

    केजरीवाल के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार को डीएसएसएसबी चेयरमैन का अतिरिक्त प्रभार

    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के प्रिंसिपल सेक्रेटरी राजेंद्र कुमार को दिल्ली सबऑर्डिनेट सर्विसेज सेलेक्शन बोर्ड के चेयरमैन का अतिरिक्त कामकाज सौंपा गया है।

  • 'निल बटे सन्नाटा' की टीम का भी था गणित में डब्बा गोल

    'निल बटे सन्नाटा' की टीम का भी था गणित में डब्बा गोल

    कई डरपोकों ने मिलकर एक फिल्म बनाई है - निल बटे सन्नाटा ताकि गणित के डर को जीता जा सके। जो फेल होते रहे हैं वह एक और बार ख़ुद को फेल होने के लिए देख सकते हैं, क्या पता इस बार पास होने का भरोसा लिये चले आए।

  • झूठी राजनीति का सच्चा शॉप - फोटोशॉप

    झूठी राजनीति का सच्चा शॉप - फोटोशॉप

    राजनीति को तस्वीरों का खेल बनाने में जनता भी शामिल है क्योंकि वे अब तस्वीरों के आगे अपनी बुद्धि का समर्पण कर रही है। लिहाज़ा भारतीय राजनीति में झूठ एक बड़ा सत्य हो गया है। दिनों दिन यह सत्य बड़ा होता जा रहा है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : दास्तान-ए-'बायर'

    प्राइम टाइम इंट्रो : दास्तान-ए-'बायर'

    आप सत्यब्रत मित्रा को नहीं जानते होंगे। हमारे आपके बीच से कोई भी सत्यब्रत मित्रा हो सकता है। सत्यब्रत मित्रा होने का मतलब है, एक घर ख़रीदने का सपना। हर दिन कोई न कोई संपर्क करने का प्रयास करता है कि फलां बिल्डर तीन चार साल से फ्लैट नहीं दे रहा है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : उत्तराखंड हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

    प्राइम टाइम इंट्रो : उत्तराखंड हाईकोर्ट का ऐतिहासिक फैसला

    न्यायपालिका के इतिहास में उत्तराखंड हाईकोर्ट का आदेश आने वाले समय में तमाम फैसलों का बुनियाद बनेगा और विरोधी दलों की राज्य सरकारों में राजनीतिक और संवैधानिक आत्मविश्वास पैदा करेगा। यह पहला मौका है जब पुरानी सरकार के रहते हुए राष्ट्रपति शासन हटाने का फैसला आया है।

  • स्टूडियो में खाली कुर्सियों के पीछे की खतरनाक कहानी...

    स्टूडियो में खाली कुर्सियों के पीछे की खतरनाक कहानी...

    अगर प्रवक्ता लोग न्यूज़ चैनलों पर छोटी-छोटी बातों को लेकर आना बंद कर देंगे तो एक समय ऐसा भी आएगा जब न्यूज़ चैनलों को भी प्रवक्ताओं की जरूरत पड़ना बंद हो जाएगी।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : पंजाब में 12,000 करोड़ के अनाज का पता नहीं

    प्राइम टाइम इंट्रो : पंजाब में 12,000 करोड़ के अनाज का पता नहीं

    उन 3000 ट्रकों का कैसा पता लगाया जाए। क्या उनका विज्ञापन निकाला जाए, 12000 करोड़ के स्टॉक का हिसाब नहीं मिल रहा है, क्या ये हिसाब किताब का पुराना झमेला है या कोई घोटाला है।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : जानलेवा सूखा, पानी भरते-भरते दम तोड़ गई नन्ही योगिता

    प्राइम टाइम इंट्रो : जानलेवा सूखा, पानी भरते-भरते दम तोड़ गई नन्ही योगिता

    हम लगातार तस्वीरों में देख रहे हैं कि सूखे के कारण मराठवाड़ा में औरतों और बच्चों की ज़िंदगी कितनी बदल गई है। क्या पता हम और आप इन तस्वीरों को देखते देखते सामान्य हो गए हों और ट्विटर पर मैच खेलने में लगे हों कि किसकी सरकार के समय क्या-क्या काम हुआ।

  • हीरा की तमन्ना है कि पन्ना मुझे मिल जाए

    हीरा की तमन्ना है कि पन्ना मुझे मिल जाए

    हीरा कहां हैं? कहां है हीरा? शायद कोहिनूर की टीस होगी तभी हमारे हिन्दी सिनेमा वाले हीरे को लेकर ऐसे संवाद रचते रहे हैं।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : ऑड ईवन पर अलग-अलग अध्ययनों के मिलेजुले नतीजे

    प्राइम टाइम इंट्रो : ऑड ईवन पर अलग-अलग अध्ययनों के मिलेजुले नतीजे

    ट्रैफिक जाम रोज़ हमारी ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा खाये जा रहा है। किस शहर का नाम लिया जाए और किसका नहीं, आलम ये है कि आदमी अपने परिवार से ज़्यादा समय ट्रैफिक जाम से ज़्यादा सामने या बगल वाली कार को देखते हुए बिता रहा है। हर मुल्क में इस जाम से मुक्ति के कुछ न कुछ प्रयोग हुए हैं मगर मुक्ति कहीं नहीं मिली है।

  • क्या इंटरनेट सेवा बंद करना ही एकमात्र रास्ता है...?

    क्या इंटरनेट सेवा बंद करना ही एकमात्र रास्ता है...?

    बेहतर है कि हम समाज से ही बात करें। प्रशासन सही तथ्यों को उस तक पहुंचाए और इसके लिए ज़रूरी है कि इंटरनेट सेवा बंद न हो। ज़रूरत है कि हम अफवाह संस्कृति के राजनीतिक पक्ष को उजागर करें और सही तथ्यों से मुकाबला करें। इंटरनेट बंद करना अंतिम उपाय होना चाहिए, पहला नहीं।

  • क्या प्रधानमंत्री और राहुल गांधी खेद जताएंगे ?

    क्या प्रधानमंत्री और राहुल गांधी खेद जताएंगे ?

    क्या रविवार को केरल के कोल्लम जाकर प्रधानमंत्री और राहुल गांधी ने बचाव और राहत कार्य में बाधा डाली है? पूछे जाने से बेहतर है दोनों इस सवाल पर ख़ुद विचार करें और हो सके तो चिट्ठी लिखकर खेद जतायें।

  • प्राइम टाइम इंट्रो : मुंबई लोकल में स्टंट की नौटंकी

    प्राइम टाइम इंट्रो : मुंबई लोकल में स्टंट की नौटंकी

    किसको समझाया जाए। बेटी को या बेटी के बाप को। क्या सिर्फ यही हैं जो ऐसा करते हैं या और भी कई लोग हैं जो अपने बच्चों को कानूनी उम्र से पहले स्कूटर बाइक दे देते हैं। आखिर क्या जल्दी थी कि इन जनाब ने अपनी सात साल की बेटी को स्कूटी का हैंडल पकड़ा दिया।

 

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