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प्राइम टाइम इंट्रो : कभी ऐसा तोहफा, देखा सुना है!हरि कृष्णा एक्सपोर्ट के बेहतरीन कमर्चारियों को दिवाली के तोहफे के तौर पर 491 कारें दी गईं हैं। 525 कर्मचारियों को साढ़े तीन लाख के आभूषण दिए गए। और उन 200 कर्मचारियों को दो कमरे का फ्लैट दिया गया जिनके पास घर नहीं था।
प्राइम टाइम इंट्रो : नरेंद्र मोदी और अमित शाह की जोड़ी का जादू!मोदी और शाह की जोड़ी की जीत ने विरोधी खेमे में टीम से लेकर कप्तान के बदलाव तक पर दबाव डालना शुरू कर दिया है। हैरानी नहीं होनी चाहिए जब कुछ दल विदेशों से चुनाव जीतने के कोच ले आएं क्रिकेट की तरह।
रवीश कुमार का ब्लॉग : भाजपा की नई कमल-पंकजाहां, मैं मुख्यमंत्री पद के लिए दावेदार हूं और अगर पार्टी ने जिम्मा सौंपा तो दायित्व निभाने के लिए तैयार हूं। एक ऐसे समय में जब जानकार यह भांज रहे हों कि बीजेपी पर नरेंद्र मोदी का एकछत्र राज हो गया है, मुंबई से आ रही पंकजा मुंडे की इस आवाज़ को नए नज़रिये से सुना जाना चाहिए।
रवीश कुमार की कलम से : रद्दी होती रैलियांजो पार्टियां दूसरों की कमज़ोरी बताने के लिए हफ़्तों आयोजन में लगाती हैं क्या उन देवदूत सरीखे अवतरित नेताओं को भाषण के अंत में नहीं बताना चाहिए ताकि आप तुलना तो कर सकें कि जब आप अपने घर के लिए शामियाने वग़ैरह लगाने जाते हैं तो कितना किराया देना पड़ता है और अमुक दल कितना बता रहा है।
रवीश कुमार की कलम से : महानायक के दौर में लोकनायक के सवाललोकनायक जयप्रकाश नारायण उस सिताब दियारा में भी नहीं हैं जहां पैदा हुए और उस राजनीति के केंद्र में भी नहीं हैं जिसे बदलने का एक ज़ोरदार प्रयास किया है। जेपी अचानक किसी पुराने ब्रांड की तरह हमारी राजनीति में पुनर्जीवित होकर उभरते रहते हैं और ग़ायब हो जाते हैं।
रवीश कुमार का ब्लॉग : भाजपायाणा हरियाणासोनीपत के एक पुराने पत्रकार ने अपने तमाम तजुर्बों को समेटते हुए कहा कि जाट बनाम ग़ैर जाट का चुनाव हो रहा है इस बार। कांग्रेस और इनेलो जाट नेता के दम पर लड़ रहे हैं जबकि बीजेपी बिना नेता के ग़ैर जाट मतदाताओं को समेट रही है।
रवीश कुमार का ब्लॉग : भजनात्मक कांग्रेस, आक्रामक भाजपाबीजेपी के विज्ञापनों की भाषा अगन शैली की है, आग पैदा करने वाली। भजन और अगन के बीच लगन की भी बात होती है, जो कांग्रेस में नहीं दिखती, बीजेपी में दिखती है। 'मिल रहा है तो ले लो', यह बीजेपी का भाव है। 'जा रहा है तो जाने दो', यह कांग्रेस का भाव है।
प्राइम टाइम इंट्रो : दोषी कंपनियों को फिर मौका मिले?सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न कंपनियों को 1993 से आवंटित किए गए 218 कोयला ब्लॉकों में से 214 के आवंटन रद्द कर दिए। प्रधान न्यायाधीश आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली तीन-सदस्यीय खंडपीठ ने सिर्फ चार कोयला ब्लॉकों का आवंटन रद्द नहीं किया।
प्राइम टाइम इंट्रो : भारत एक मूर्ति प्रधान देश!मूर्ति और मेमोरियल की राजनीति ने हिन्दुस्तान की तारीख़ को अजब-ग़ज़ब किस्सों से भर दिया है। देश के तमाम चौराहे और तिराहे मूर्तियों से लैस हो चुके हैं। कुल मिलाकर भारत एक मूर्ति प्रधान देश है।
प्राइम टाइम इंट्रो : महाराष्ट्र के गठबंधनों पर संकटजनता जनार्दन की निष्काम सेवा हो सके, इसके लिए महाराष्ट्र की चार पार्टियां तय नहीं कर पा रही हैं कि मिलकर लड़ें या अकेले। 288 सीटों की लिस्ट सबने बना ली है, मगर अकेले लड़ने का एलान सब दूसरे पर छोड़ रहे हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : सीमा विवाद ने चीनी राष्ट्रपति के दौरे का रंग उतार दिया?क्या सीमा विवाद ने चीनी राष्ट्रपति के इस दौरे का रंग उतार दिया है। भूटान, जापान और ब्रिक्स देशों के सम्मेलन से लौटने का जो आत्मविश्वास था वो दिल्ली में आज नरेंद्र मोदी के चेहरे पर नज़र नहीं आया।
प्राइम टाइम इंट्रो : नई कहानी लिखेंगे भारत-चीन?चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग जब भारत आए तो राजनयिकों की कुलीन दुनिया में एक सुखद बदलाव आ गया। तामझाम और कायदे कानून तो वही रहे मगर शहर बदल गया।
प्राइम टाइम इंट्रो : विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी को झटकाबीते दिनों जनधन योजना, जापान की कामयाब यात्रा, काशी को क्योटो बनाने का करार, शिक्षक दिवस का विवादास्पद मास्टर स्ट्रोक, जीडीपी का सुधरना, सेंसेक्स का उछलना सब कुछ तो अच्छा हो ही रहा था। फिर भी इन उप चुनावों में बीजेपी के अच्छे दिन क्यों नहीं आए?
प्राइम टाइम इंट्रो : छोटी ग़लती पर भी बड़ा जुर्मानासबके पास कार हैं इसका मतलब यह नहीं कि सब अमीर हैं या इतने सक्षम हैं कि 25,000 रुपये जुर्माना भर सकेंगे। इन कारों में ड्राईवर भी होते हैं। कई मामलों में जुर्माना राशि या तो उनकी तनख्वाह के बराबर है या उससे भी ज्यादा।
प्राइम टाइम इंट्रो : पूर्व सीएजी राय की किताब पर बवालएक और किताब आ रही है इसलिए एक और विवाद आ गया है। संजय बारू, नटवर सिंह, पीसी पारख के बाद अब पूर्व महालेखाकार विनोद राय की किताब आ रही है। टाइम्स नाऊ के अर्णब गोस्वामी से बात करते हुए पूर्व महालेखाकार यानी सीएजी ने कहा है कि मनमोहन सिंह चाहते तो 2-जी घोटाला रोक सकते थे तब यूपीए−2 का इतिहास ही कुछ और होता।
प्राइम टाइम इंट्रो : क्या दिल्ली में अल्पमत की सरकार ही विकल्प?दिल्ली में सरकार बनाने को लेकर चल रही अटकलबाज़ियां अब चर्चाओं के गंभीर दौर में प्रवेश करने लगी हैं। आज शीला दीक्षित ने कह दिया कि यदि इस स्थिति पर पहुंच गई है बीजेपी कि वो सरकार बना सकती है तो अच्छी बात है।
प्राइम टाइम इंट्रो : हुनर पर ध्यान क्यों नहीं?हमारे देश में हर साल 15 लाख इंजीनियर बनकर निकलते हैं, मगर इनमें से 70 से 80 फीसदी इंजीनियर नौकरी के लायक नहीं हैं।
प्राइम टाइम इंट्रो : दिल्ली में सरकार गठन की रस्साकशीभारतीय राजनीति में जोड़ तोड़ से सरकार बनाने की ऐसी मिसालें हैं कि उनकी दुहाई देकर कुछ भी करना अतीत की उन करतूतों को बैक डेट में मान्यता देने जैसा होगा। कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने साफ कहा है कि वे चुनाव के पक्ष में हैं। फिर बीजेपी से सरकार पूछने का मतलब क्या तोड़-फोड़ की किसी तरकीब को रास्ता नहीं देना है?
प्राइम टाइम इंट्रो : जम्मू कश्मीर में बाढ़ की तबाहीइस वक्त जब सारा राज्य बाढ़ में फंसा हुआ है, और केंद्र राज्य मिलकर लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रहे हैं हम बस यही जानना चाहेंगे कि वहां हुआ क्या? क्या कोई विशेष बदलाव आया कि झेलम ने श्रीनगर को डूबा दिया। साठ साल में ऐसी बाढ़ की नौबत क्यों आई? राहत और बचाव के लिए अभी क्या कुछ किया जा सकता है?
प्राइम टाइम इंट्रो : सदाशिवम को राज्यपाल बनाने पर सवाल क्यों?राजनीति में नैतिकता की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह कहां और कब से लागू हो कोई भी तय कर सकता है और जो इसका हिसाब करने निकलेगा वो गणित में फेल होकर केमिस्ट्री में टॉपर बनके निकलेगा। राज्यपाल कौन बनेगा और कैसे हटेगा ये दो वक्त है जब पता चलता है कि राज्यपाल भी होते हैं।

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बिहार में जीतन राम मांझी सरकार ने मंत्रियों को हाईटेक बनाने के लिए भले ही उन्हें कंप्यूटर का प्रशिक्षण देने की योजना बनाई हो, लेकिन 32 मंत्रियों में से सिर्फ नौ मंत्री ही इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंचे।

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