छोटे शहरों की नब्ज पकड़ती फिल्में...
Published: January 12, 2013 09:30 AM IST | Duration: 17:59
Tweet
हिन्दी फिल्मों में कहानियां कभी किसी बड़े शहर की होती है, तो कभी गांवों-कस्बों की। कभी फिल्मकार अलग-अलग प्रांतों और प्रदेशों की आम बोलचाल की भाषाओं को अपनी फिल्मों में इस्तेमाल करते हैं। इसी सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए रिलीज हुई है विशाल भारद्वाज की फिल्म 'मटरू की बिजली का मंडोला'...
मौजूदा शो
पुराने लोकप्रिय शो
- आज का एजेंडा
- चक्रव्यूह
- चुनावी गुस्ताखी
- इलेक्शन एक्सप्रेस
- फिट रहे इंडिया
- गुड मॉर्निंग योगा
- ग्रेट इंडियन बाज़ार
- गुत्थी
- इंडिया 9 बजे
- इंडिया दिस वीक
- इसी का नाम ज़िन्दगी
- किसकी दाल गलेगी
- माई नेम इज़ मुख्यमंत्री
- रवीश की रिपोर्ट
- सबसे बड़ा रुपैया
- सेव इंडिया’ज़ कोस्ट
- सवाल इंडिया का
- स्मार्ट शॉपर
- विनोद दुआ लाइव
प्रेमगाथाएं - बॉलीवुड के कपूर खानदान की...
बॉलीवुड अभिनेताओं की शानदार प्रेमगाथाएं...
प्रेमगाथाएं - बॉलीवुड अभिनेत्रियों की...
शुरू हो गया महाकुंभ...
वर्ष 2012 के 'धमाल' आइटम नंबर...
बिग बी हुए 70 के...
कैमरे में कैद...
एनडीटीवी मध्यावधि चुनाव सर्वे 2012
वो सात दिन - 65 साल पहले, अगस्त में...
देखिए, भारत के ताकतवर हथियार...
Sakshi, before she became Mrs Dhoni