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ऑटो ड्राइवर की बेटी बनी टॉपर

सपनों को उड़ान भरने के लिए किसी आसमान की जरूरत नहीं होती। इसे सही साबित कर दिखाया प्रेमा जयकुमार ने। प्रेमा ने न केवल तीन सौ वर्ग फुट की चाल के छोटे से कमरे में सपने देखे बल्कि अपनी मेहनत से उन सपनों में रंग भी भर दिए।



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