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'ऐ मेरे वतन के लोगों...' के 50 साल

27 जनवरी, 1963 की शाम को दिल्ली में जब लता मंगेशकर ने कवि प्रदीप द्वारा लिखे गए इस गीत को गाया था, तो जवाहर लाल नेहरू की आंखें नम हो गई थीं। यह गीत दरअसल युद्ध के नायकों और शहीदों को एक श्रद्धांजलि है और आज 50 साल बाद भी जब यह गीत कहीं सुनाई देता है, तो हमारी संवेदनाओं को छू जाता है।



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