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अखिलेश शर्मा

पत्रकारिता में पिछले 24 साल से सक्रिय अखिलेश शर्मा एनडीटीवी इंडिया के राजनीतिक संपादक और प्राइम टाइम एंकर हैं। राष्ट्रीय सुरक्षा, संसदीय लोकतंत्र, राजनीतिक अर्थव्यवस्था तथा दलीय राजनीति से जुड़े विषयों में उनकी गहन दिलचस्पी है। पिछले डेढ़ दशक से बीजेपी से जुड़ी ख़बरें कवर कर रहे हैं।

  • सरल भाषा में कहें तो बीजेपी चाहती है कि राज्यसभा में उसे खुद बहुमत मिले, ताकि अगले लोकसभा चुनाव से पहले अपने हिसाब से संसद में कानून बनवा सके। इसके लिए राज्यों की लड़ाइयां जीतना जरूरी है, और अमित शाह इसी दिशा में काम कर रहे हैं।
  • सवाल है कि अगर दिल्ली में विधानसभा चुनाव करा लिए जाएं, तो क्या गारंटी है कि किसी एक दल को बहुमत मिल ही जाएगा और जो नतीजे दिसंबर में आए, वैसे ही दोबारा नहीं आएंगे। फर्ज करें अगर दोबारा त्रिशंकु विधानसभा बनती है, तो क्या एक बार फिर राष्ट्रपति शासन की नौबत नहीं आएगी...
  • बदली सरकार और बदले प्रधानमंत्री के साथ ही प्रधानमंत्री के सरकारी विमान एयर इंडिया वन का माहौल भी बदल गया है। इस बदले माहौल के पीछे खुद प्रधानमंत्री मोदी हैं।
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को संबोधित करने के लिए आज एक अलग ही अंदाज़ में लाल किले पर पहुंचे। उन्होंने वह नेहरू जैकेट नहीं पहनी हुई थी, जो अमूमन उनके कुर्ते पर नज़र आती है। उनके सिर पर चटख रंगों का शानदार जोधपुरी बंधेज साफा नज़र आया।
  • लाल किले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण ये इशारा कर रहा है कि देश के लिए आने वाले पांच साल कैसे होंगे। जनता से सीधा संवाद बिना लाग−लपेट के अपनी बात और परिवार के मुखिया जैसे अंदाज़ में घर के सदस्यों क्या करें− क्या न करें जैसी हिदायतें।
  • सरकार के आला मंत्रियों ने साफ किया है कि मोदी सरकार में किसी भी मंत्री को प्रधानमंत्री की गैरहाजरी में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए अधिकृत नहीं किया गया है।
  • पचास साल के अमित अनिलचंद्र शाह कल बीजेपी के नए अध्यक्ष बन जाएंगे। पार्टी मुख्यालय पर दोपहर बारह बजे संसदीय बोर्ड की बैठक में उनके नाम पर मुहर लग जाएगी। उसके कुछ ही देर बाद उनके नाम का औपचारिक एलान भी कर दिया जाएगा।
  • अगर जनमत सर्वेक्षणों के रुझान परिणाम में बदलते हैं तो नरेंद्र मोदी की अगुवाई में एनडीए सरकार बन सकती है। सवाल ये है कि किस तरह की होगी ये सरकार और मोदी के मंत्रिमंडल में कौन-कौन शामिल हो सकता है और किसे कौन सा मंत्रिमंडल मिल सकता है?
  • बनारस के अर्दली बाज़ार के मतदान केंद्र पर ऊषा जी से मुलाक़ात हो गई। हाथ में मतदाता पहचान पत्र लिए मत देने के लिए भटक रही थीं। ऊषा वोट नहीं डाल पाईं क्योंकि उनका नाम मतदाता सूची में विलोपित श्रेणी में रख दिया गया। फ़ार्म 7 के ज़रिये घोषणा कर वोट डलवाया जा सकता था, मगर उन्हें वो फ़ार्म भी नहीं मिल सका।
  • दरअसल, बनारस चुनाव में ईवीएम पर नरेंद्र मोदी का नाम तीसरे नंबर पर है। इसीलिए बीजेपी मतदाताओं को उनके नाम, ईवीएम पर क्रम और चुनाव चिन्ह के बारे में बता रही है। पर्चे के आखिर में क्रम संख्या 3 के साथ मोदी का नाम और कमल निशान के साथ फोटो दिया गया है, ताकि वोटरों को पहचानने में आसानी हो।
  • 'नीच राजनीति' करने के प्रियंका गांधी के आरोप का नरेंद्र मोदी ने अपने ही अंदाज़ में जवाब दिया है। मोदी ने इसे अपनी पिछड़ी जाति की पृष्ठभूमि से जोड़ दिया है। मंगलवार सुबह उन्होंने एक के बाद एक इस मुद्दे पर चार ट्वीट किए।
  • वैसे तो बंगाल में चार पार्टियों में मुकाबला है। तृणमूल और लेफ्ट परंपरागत विरोधी हैं। कांग्रेस और बीजेपी भी अपनी ओर से दम मारते रहे हैं। लेकिन मोदी के अभियान और बीजेपी पर तृणमूल के लगातार हमलों से ऐसा आभास दिया जा रहा है कि जैसे मुकाबला बीजेपी और तृणमूल के बीच ही हो रहा है। जबकि हकीकत में ऐसा नहीं है।
  • चुनाव आयोग ने कहा है कि मोदी ने जनप्रतिनिधित्व कानून की दो धाराओं 126 (1)(a) और 126 (1) (b) के उल्लंघन किया है।
  • कांग्रेस आरोप लगा रही है कि बीजेपी ने प्रचार पर पानी की तरह पैसा बहाया है। कांग्रेस के मुताबिक, बीजेपी ने चुनाव अभियान पर दस हज़ार करोड़ रुपये से भी ज़्यादा खर्च किया है, लेकिन क्या वाकई ऐसा है?
  • मीडिया की सुर्खियों में सोनिया गांधी-राहुल गांधी पीछे चले गए हैं, जबकि प्रियंका नरेंद्र मोदी से दो-दो हाथ करती दिख रही हैं।
  • सोनिया, राहुल और मनमोहन यूपीए की सरकार फिर बनने का दावा कर रहे हैं। लेकिन कांग्रेस के भीतर से आवाज़ें उठना शुरू हो गई हैं कि लेफ्ट फ्रंट को साथ लेकर सरकार बनाई जानी चाहिए। इसी के साथ तीसरे मोर्चे, वैकल्पिक मोर्चे या 'सेक्यूलर' सरकार बनाने के लिए खिचड़ी पकाने की सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
  • जिस पूर्वांचल में बनारस, गोरखपुर, बांसगांव और आज़मगढ़ को छोड़ बीजेपी बाकी 29 सीटों में सब दूर साफ है, वहां मोदी के प्रति इस तरह का उत्साह यहां बदली हवा का एहसास करा रहा है।
  • राजनीति की तीन 'देवियों' के नाम से मशहूर इन तीनों ही कद्दावर महिला नेताओं ने मोदी पर निशाना साधकर इन अटकलों को विराम देने की कोशिश की है कि चुनाव के बाद वे बीजेपी के साथ जा सकती हैं, लेकिन क्या वाकई ऐसा है?
  • देश की राजनीति का जैसा स्वरूप हो गया है, उसमें टोपी, तिलक, पगड़ी या हैट सब पहनने या न पहनने के अपने सांकेतिक महत्व बनाए जा रहे हैं। इफ्तार की राजनीति से चला यह प्रचलन धीरे-धीरे तुष्टिकरण के प्रतीकों में शामिल होता जा रहा है।
  • बीजेपी के शीर्ष नेताओं में से एक और पार्टी के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी अरुण जेटली अमृतसर में अपने पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह से कांटे की टक्कर में उलझे हुए हैं।
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