NDTV Khabar

  • आज बड़ा सवाल यह है कि क्‍या हिन्‍दुत्‍व ने बीजेपी को उस जगह पर बैठा दिया है जहां पहले कांग्रेस इंदिरा और नेहरू के समय थी? कुछ तथ्‍यों को मानना ही होगा. मोदी नीत हिन्‍दुत्‍व नई सत्तरारूढ़ विचारधारा है और किसी भी दूसरी राजनीतिक विचाराधारा के लिए इसे बाहर निकालना आसान नहीं होगा.
  • जब तक 23 मई को नतीजे नहीं आ जाते, मैं उन आंकड़ों पर भरोसा नहीं करने वाला, जो एग्ज़िट पोल ने हमें दिए हैं. ऐसा नहीं है कि मैं षड्यंत्र वाली थ्योरी में यकीन करता हूं कि चुनाव में धांधली हुई है, या EVM के साथ छेड़छाड़ की गई है. मैं इन पर यकीन नहीं करता, क्योंकि वास्तविकता, जो मुझे दिख रही है, इससे बिल्कुल अलग है. मैं गलत हो सकता हूं, या मैं यह देखने से चूक गया हो सकता हूं कि कब भारत इतना बदल गया, लेकिन मुझे यकीन करने के लिए वास्तविक आंकड़े चाहिए.
  • अटल बिहारी वाजपेयी देश के प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू के बाद सबसे ज्यादा मन को मोह लेने वाले, कवि और एक करिश्माई वक्ता थे. इसमें कोई दो राय नहीं कि वाजपेयी भारत के सर्वकालिक सर्वश्रेष्ठ वक्ताओं में से एक थे.
  • क्या मोदी अपने गृह प्रदेश में हार रहे हैं? इसे आप इस प्रकार पढ़ें, 'क्या गुजरात में मोदी को हराया जा सकता है?' कश्मीर से कन्याकुमारी तक लोग इस सवाल में रुचि रखते हैं. कुछ परेशान हैं, कुछ उत्साहित हैं और कुछ उदास हैं. यहां तक कि जो लोग मानते हैं कि मोदी को कोई नहीं हरा सकता, वे घबराए हुए लग रहे हैं.
  • कपिल में आया बदलाव अचानक और अप्रत्याशित था, जो हमारी सबसे बुरी कल्पनाओं से भी परे था. उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 4 मई की रात को फोन कर बताया कि उसे मंत्रिमंडल से हटाया जा रहा है. उसका चेहरा उतर गया. उसने धमकाया कि वह अरविंद केजरीवाल और उनकी राजनीति को खत्म कर देगा, और 'सुनिश्चित करेगा कि अरविंद जेल पहुंच जाएं...' मनीष भौंचक्के रह गए.
  • आदर्शवाद और अपने देश के प्रति प्यार उन्हें, यानी अप्रवासी भारतीयों को इस 'राष्ट्रीय पुनर्जागरण' में योगदान देने के लिए प्रेरित करता है. यह उनका 'ऋण चुकाने का समय' है. ये लोग सच्चे भारतीय हैं. राष्ट्रवाद उनकी सोच की जड़ों में है.
  • जंग साहब, मेरी शुभकामनाएं हमेशा आपके साथ रहेंगी, लेकिन पूरी विनम्रता के साथ एक सुझाव देता हूं कि तानाशाह हमेशा आम आदमी के सब्र और उसकी छठी इंद्री को कमतर आंकते हैं, सो, उन्हें हल्के में मत लीजिए. यह बात आपको रह-रहकर तकलीफ़ देगी, परेशान करेगी.
  • भारतीय इस्लाम दुनिया में सबसे ज़्यादा मिलजुलकर चलने वाला रहा है, और विदेशी कट्टरपंथियों को शांति तथा सह-अस्तित्व के कई पाठ पढ़ा सकता है। भारत में आज़ादी की लड़ाई के दौरान हिन्दुओं, मुस्लिमों, सिखों और ईसाइयों ने मिलकर संघर्ष किया, और 'भारत माता की जय' के नारे लगाए।

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