NDTV Khabar

  • को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा के वृंदावन में बंदरों से निजात पाने का शानदार नुस्खा बताया. बंदरों के हमलों से बचने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा-वृंदावन वासियों को सुझाव दिया कि वे हनुमान जी की नियमित पूजा करें व हनुमान चालीसा का पाठ करें, जिससे बंदर उन्हें नुकसान नहीं पहुंचाएंगे.
  • बेशक केजरीवाल इस लड़ाई को काफी हद तक जीतने के लिए बधाई के पात्र हैं लेकिन बधाई के सबसे बड़े पात्र दिल्ली के वो आम लोग हैं जिन्होंने दिल्ली विधानसभा चुनाव 2015 में वोट डालकर सरकार चुनी.
  • दिल्ली में बीते हफ़्ते पेड़ों की कटाई पर खूब चर्चा रही. हज़ारों पेड़ काटे जाने की ख़बर सुर्खियों में आई तो सरकार पर तोहमत आई. लिहाज़ा सरकार ने भी लंबे लंबे दावे करके ये बताने की कोशिश कि सब ठीक है, हल्ला मचाना गलत है. लेकिन सरकार के दावों और ज़मीनी हक़ीक़त में कितना अंतर होता है ये मैंने भी तब जाना जब सरकार के हवाई दावों की तह में गया.
  • आज दिल्ली से कुछ दूर बुलंदशहर ज़िले के गुलावठी कस्‍बे में बैंक ऑफ़ बड़ोदा की ब्रांच में गया. वहां मुकेश नाम की महिला मिली, जो अपनी बेटी की शादी के लिए बैंक से 2 लाख रुपये निकालने के लिए बैंक मैनेजर से संघर्ष कर रही थी. लेकिन बैंक मैनेजर बोल रही थी कि जिस किसी को आपने पैसे देने हैं उसका अकाउंट नंबर ले आइये, हम ट्रांसफर कर देंगे, लेकिन आपको नगद नहीं दे सकते.
  • जो लोग ज़िन्दगीभर अपने बच्चों की शादी के लिए तिनका तिनका जोड़ कर कमाते हैं आजकल वही लोग बैंकों के बाहर अपना ही पैसा अपने ही अकाउंट से निकालने के लिए लाइन में लगे पाते हैं.
  • मोदी सरकार के 500 और 1000 के नोटों को बंद करने और काले धन पर छापामारी से लोग परेशान हैं. परेशान वे हैं जिन्होंने कुछ गलत किया होगा और परेशान वे भी हैं जिन्होंने कुछ गलत नहीं किया है. फर्क सिर्फ इतना है कि गलत करने वाला केवल मानसिक तौर पर परेशान है जबकि गलत नहीं करने वाला आज मानसिक और शारीरिक दोनों तौर पर परेशान है.
  • दिल्ली में आम आदमी पार्टी के अब तक 10 विधायक गिरफ़्तार हो चुके हैं। जिसमें से 9 या तो ज़मानत पर बाहर हैं या उनके खिलाफ केस ख़त्म हो गए हैं। जबकि एक एक महरौली से विधायक नरेश यादव धर्मग्रन्थ की बेअदबी और दंगा भड़काने के आरोप में पंजाब की जेल में बंद है।
  • दो दिन से चैनलों पर खबर चल रही है कि AAP विधायकों ने वेतन भत्ता बढ़ाने की मांग की है। इस खबर पर चर्चा भी खूब चल रही है, लेकिन बस राजनीतिक एंगल पर चर्चा सिमटी हुई है और टेप बस यहीं पर अटका हुआ है कि इस मुद्दे पर इसका क्या कहना है या इस मुद्दे पर उसका क्या कहना है
  • आजकल आप लोग टीवी में खूब देखते और सुनते होंगे कि हर दूसरा एंकर और रिपोर्टर बस यही बोलता दिखता है कि 'इस मुद्दे पर राजनीति हो रही है।'
  • दिल्ली में अधिकार की लड़ाई को लेकर आज जब मैं रिपोर्टिंग कर रहा था तो बीच में कुछ समय निकालकर सोशल मीडिया और बाकी न्यूज़ चैनल्स को देखा तो ऐसा लगा कि कहीं मैंने तो कोई गलत रिपोर्ट नहीं की है?
  • जिस प्रकार केंद्र सरकार अपने कामों के बखान और योजनाओं के प्रचार के लिए विज्ञापनों में पीएम के फोटो लगाती है, ठीक वैसे ही राज्य सरकारें प्रचार के लिए सीएम की फोटो लगाती हैं। सुप्रीम कोर्ट के फैसले से कुछ व्यावहारिक समस्याएं हो सकती हैं।

Advertisement