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सुरेश कुमार

दो दशक से ऑनलाइन पत्रकारिता में सक्रिय. इसी विषय पर दो पुस्‍तक 'इंटरनेट पत्रकारिता' और 'ऑनलाइन मीडिया' प्रकाशित. सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय से 'इंटरनेट पत्रकारिता' के लिए वर्ष 2004 में और 'ऑनलाइन मीडिया' के लिए वर्ष 2014 में भारतेंदु हरिश्‍चंद्र पुरस्‍कार मिला. वर्ष 2016 में गृह मंत्रालय द्वारा तत्‍कालीन राष्‍ट्रपति प्रणब मुखर्जी से 'राजभाषा गौरव सम्‍मान'. समसामयिक विषयों में दिलचस्‍पी.

  • लोकसभा में चर्चा के दौरान अमित शाह ने कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी से सीधा सवाल किया था- ''मैं मनीष जी से कहना चाहता हूं कि उन्‍होंने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि कांग्रेस अनुच्‍छेद 370 को खत्‍म करने के पक्ष में है या नहीं. कृपया स्‍पष्‍ट करें.''
  • लालू प्रसाद यादव जेल में सजा काट रहे हैं. यह पहला मौका है जब किसी चुनाव में लालू प्रसाद यादव रैली, सभा से दूर रहे. इसका नुकसान उनकी पार्टी राष्‍ट्रीय जनता दल समेत उनके सहयोगी दलों को भी उठाना पड़ा. चुनावी समर में नेतृत्‍व उनके बेटे तेजस्‍वी यादव के कंधों पर था. अभी तक चली आ रही जातिगत समीकरण पर आधारित राजनीति ने सभी दलों को उसके हिसाब से चुनावी मैदान में उम्‍मीदवार उतारने को विवश कर दिया. चाहे एनडीए हो या यूपीए, किसी ने उस फार्मूले से किनारा नहीं किया.
  • कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मणिशंकर अय्यर के एक बयान ने गुजरात चुनाव की दिशा मोड़ दी थी. ठीक वैसा ही बयान चुनावी अभियान के दौरान कांग्रेस के खेमे से निकला और बीजेपी ने उसका इस्‍तेमाल मिसाइल की तरह करके कांग्रेसनीत गठबंधन के किले को ध्‍वस्‍त कर दिया. वह बयान था सैम पित्रोदा का जो कि सिख दंगों को लेकर दिया गया था- 'हुआ तो हुआ'.
  • चुनावी साल में घोषणाओं की झड़ी लगाकर मोदी सरकार ने सर्दी में सावन का एहसास करा दिया. अभी दो दिन भी नहीं हुए थे इस ख़बर को पढ़ते हुए कि देश में 45 वर्ष में बीते वित्‍तवर्ष सबसे ज्‍यादा बेरोज़गारी दर्ज की गई है. वित्तमंत्री पीयूष गोयल ने तमाम आलोचनाओं को खारिज करते हुए अपने भाषण में सपनों का संसार गुलाबी कर दिया.
  • लोकसभा और राज्‍यसभा में राफेल पर घमासान मचा हुआ था. राहुल गांधी समेत पूरा विपक्ष सरकार को रोज़-रोज़ राफेल पर बयान देने को मजबूर किए जा रहा था. ऐसे में सदन के पटल पर सरकार के संकटमोचक अरुण जेटली इस सरकार में लगभग वही रोल अदा कर रहे हैं, जो कभी UPA में प्रणब मुखर्जी किया करते थे. जेटली ने शानदार तरीके से राफेल पर सरकार का पक्ष रखा और राहुल गांधी को इस मसले पर ABCD से शुरू कर सीखने की सलाह दी.
  • अयोध्‍या में मंदिर बनेगा या नहीं, अब भी मामला कोर्ट में है. पिछले 25 सालों से मंदिर के लिए पत्थर तराशे जा रहे हैं, और इन्हीं 25 वर्षों में BJP सत्‍ता में पूर्ण बहुमत के साथ काबिज हो चुकी है. राज्‍य में भी पूर्ण बहुमत के साथ उन्हीं की सरकार है.
  • लालू के दोनों युवराज अब राजनीति में संघर्ष करने के दांव-पेंच देख लिए और संभव है, लालू की विरासत को दूर तक लेकर जाएं. इसके लिए लालू प्रसाद को अपने 'कल तक सहयोगी रहे' नीतीश कुमार का शुक्रगुज़ार होना चाहिए.

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