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सुशील महापात्र

सुशील महापात्र पिछले 10 सालों से एनडीटीवी में कार्यरत हैं. सुशील अलग-अलग मुद्दे पर लिखते आ रहे हैं, लेकिन क्रिकेट में उनकी खास रुचि है. क्रिकेट में रूटीन की खबरों से हटकर कुछ लिखने का शौक है.

  • ब्रिटेन के लोगों के यूरोपियन यूनियन छोड़ने के पक्ष में वोट देने के बाद डेविड कैमरन ने प्रधानमंत्री के पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया है। कई देशों के बड़े-बड़े नेता नैतिकता के आधार पर अपने पदों की कुर्बानी दे चुके हैं। लेकिन भारत जैसे देश में ऐसा देखने को नहीं मिलता है।
  • आज तक टीम को जितने भी कोच मिले हैं, कुंबले बेहतरीन नज़र आ रहे हैं। खिलाड़ी के रूप में भी उनका रिकॉर्ड अच्छा है। वह अब अपने अनुभव का इस्तेमाल कर सकते हैं, और अगर उनकी किस्मत ने साथ दिया तो वह टीम को नई ऊंचाई तक पहुंचा सकते हैं व देशी कोचों पर लगा विफलता का दाग धो सकते हैं...
  • विराट की तुलना सचिन से की जा रही है। यह पहली बार नहीं कि क्रिकेट प्रेमी किसी एक खिलाड़ी की दूसरे खिलाड़ी से कर रहे हैं। कई बार हम लोग ऐसी गलतियां करते रहते हैं। एक समय ऐसा था जब सचिन तेंदुलकर की तुलना भी सुनील गावस्कर के साथ की जा रही थी। वह तुलना भी गलत थी।
  • NCRB आंकड़े के अनुसार 2014 में करीब 47,000 औरतें हिंसा की शिकार हुई हैं। रोज़ दलितों के साथ ऐसी घटनाएं होती रहती हैं। समाज के सामने ऐसी घटनाएं होती रहती हैं लेकिन सब चुप रहते हैं। यह चुप्पी कब तक?
  • अगर प्रवक्ता लोग न्यूज़ चैनलों पर छोटी-छोटी बातों को लेकर आना बंद कर देंगे तो एक समय ऐसा भी आएगा जब न्यूज़ चैनलों को भी प्रवक्ताओं की जरूरत पड़ना बंद हो जाएगी।
  • विराट कोहली क्रिकेट के प्रति अपना प्रतिबद्धता के लिए जाने जाते है। 2006 रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान जिसने विराट को देखा होगा शायद ही वह क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता पर कभी सवाल उठाएगा।
  • अपने बेगूसराय नाम सुना होगा, लेकिन पिछले कुछ दिनों से यह नाम ज्यादा चर्चा में आया है। शायद कभी कोई सोचा होगा कि बिहार के बेगूसराय का एक गरीब परिवार का लड़का कन्हैया कुमार को ऐसा पब्लिसिटी मिलेगा।
  • रविवार को बांग्लादेश के मीरपुर के मैदान पर भारत और बांग्लादेश के बीच एशिया कप का फाइनल मैच खेला जाएगा। भारत एशिया कप में सभी मैच जीतकर फाइनल तक पहुंचा है और यह साबित कर दिया है कि इसकी टीम एशिया की सबसे बेहतरीन टीम है, लेकिन फिर भी बांग्लादेश को हराना भारत के लिए आसान नहीं होगा।
  • अब आप समझ गए होंगे कि मैं मार्टिन क्रो को 1992 वर्ल्ड कप का हीरो क्यों मानता हूं... मैं यह भी जानता हूं कि आपमें से जिन लोगों ने मार्टिन क्रो को 1992 के वर्ल्ड कप में खेलते हुए देखा होगा, उसे हीरो ही मानते होंगे...
  • पाकिस्तान के खिलाफ मैच खत्म हो जाने के बाद युवराज का कहना था कि अगले मैच में वह ज्यादा तेज खेलने की कोशिश करेंगे और युवराज अपनी बात पर खरे उतरे।
  • कुछ साल पहले पाकिस्तान क्रिकेट में एक 17 साल के खिलाड़ी की एंट्री हुई। इस खिलाड़ी ने पाकिस्तान की पेस बॉलिंग को एक नई पहचान दी। वसीम अकरम के बाद अगर कोई लेफ्ट हैंड बॉलर पाकिस्तानी बॉलिंग को आगे ले जा रहा था तो वह था यह खिलाड़ी।
  • मैं इसी देश में पैदा हुआ हूं, इस देश से प्यार करता हूं तो स्वाभाविक रूप से देश के प्रति मेरी भक्ति है। लेकिन जिस तरह से इसके लिए जंग छिड़ी हुई है, उसे देखकर अब ऐसा एहसास होने लगा है कि सबको देश के प्रति अपनी भक्ति साबित करना जरूरी हो गया है।
  • ये है रोहित वेमुला के लिखे सुसाइड नोट का कुछ अंश। रोहित न कहते-कहते बहुत कुछ कह गया। रोहित ज़िंदा रहते हुए जो ख़त में लिख गया शायद मरने के बाद वह सच हो रहा है।
  • यह बात आठ जनवरी की है। उस दिन कोहरे की वजह से दिल्ली से जाने वाली कई फ्लाइट देर से रवाना हो रही थीं। कोहरे की वजह से कई फ्लाइटों को रद्द भी कर दिया गया था। मैंने भी एयर इंडिया की फ्लाइट 073 में दिल्ली से भुवनेश्‍वर के लिए अपना टिकट बुक किया था।
  • अयूब खान बुलंदशहर, उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं। जब 19 साल के थे तब दिल्ली आ गए थे और कबाड़ी का बिज़नेस करते थे, लेकिन उनके दोस्त ने उन्हें धोखा दिया और पैसे लेकर भाग गया। करीब 7 साल से ठेला-रिक्शा चला रहे हैं और यह रिक्शा ही उनका सब कुछ है।
  • एक समय ऐसा था जब मेक्सिको, दिल्ली की तरह दुनिया का सबसे प्रदूषित शहर माना जाता था। 1992 में यूनाइटेड नेशन्स ने मेक्सिको को सबसे प्रदूषित शहर का दर्जा दिया। 1998 तक मेक्सिको बच्चों के लिए सबसे खतरनाक शहर बन गया। फिर ऐसे कदम उठाए गए कि आज सबकुछ ठीक है।
  • एक ऐसा समय था जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो एक प्रदूषित शहर के नाम से जानी जाती थी, लेकिन वहां की सरकार ने कई ऐसे कदम उठाए जिनसे प्रदूषण कम होने लगा और अब ओस्लो दुनिया के पांच कम प्रदूषित शहरों में से एक है।
  • साल 2015 अपने अंतिम चरण पर है। 2016 का बेसब्री से इंतज़ार हो रहा है। जब 31 दिसंबर की रात 12 बजेंगे, तब पता नहीं क्या-क्या बजेगा? म्यूजिक बजेगा, आसपास पटाखों के शोर से आपके कान बजेंगे। फिर आपके मोबाइल का घंटी बजेगी। लोग आपको शुभकामनाएं देंगे। ऐसे जश्न मनाया जाएगा जैसे सब कुछ बदल जाने वाला है।
  • लाहौर एयरपोर्ट पर शायद पहले कभी इस तरह का दृश्य देखने को मिला होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को जन्मदिन की बधाई देने के लिए क्रिसमस के दिन काबुल से लाहौर पहुंच गए।
  • आज क्रिकेट सवालों से घिरा हुआ है। यह सवाल उन लोगों पर उठाया हा रहा है जो क्रिकेट न खेलते हुए भी क्रिकटरों का भविष्य तय कर रहे हैं। क्या अब समय आ गया है कि क्रिकेट को राजनेताओं से अलग कर देना चाहिए?
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