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  • सुबह सुबह साइक्लोन की रफ्तार बढ़ती चली गई और फिर भयंकर रूप धारण कर लिया. उस समय गांव में मेरा पक्का घर था लेकिन मुझे याद है हवा की रफ्तार इतनी तेज थी कि घर के मुख्य दरवाज़े को मेरे परिवार के कई लोग पकड़कर रखे थे. ऐसा लग रहा था जैसे हवा दरवाज़े को उखाड़कर ले जाएगी. हवा की गति 300 किलोमीटर प्रति घंटा से भी ज्यादा थी. कितने घंटों तक हवा का तांडव चलता रहा मुझे याद नहीं लेकिन तीन दिन तक लगातार बारिश हुई थी.
  • राजबाई ने बताया कि उनके पति किसी असंगठित क्षेत्र में काम करते थे. तीन साल पहले उनकी मौत हो गई. पेंशन के रूप में राजबाई को सिर्फ 300 रुपये मिलते हैं. 80 साल की उम्र में भी राजबाई दूसरों के खेत में काम करके गुजारा कर रही हैं.
  • मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2019 में ओडिशा की पुरी लोकसभा सीट से चुनाव लड़ने वाले हैं. वाराणसी के बाद पुरी. इसके पीछे एक ही वजह हो सकती है, हिंदुत्व का एजेंडा. ओडिशा में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होने वाले हैं. ऐसे में भगवान जगन्नाथ के नाम पर बीजेपी वोट मांगेगी.
  • कल अगर आप जंतर मंतर पर मौजूद होते तो आपको पता चलता कि पानी की समस्या के कारण लोगों की जिंदगी कैसे नरक बन गई है। 13 राज्यों से जमा हुए इस किसानों की दुःख भरी कहानी अगर आप सुनते तो आप खुद पानी-पानी हो जाते।
  • अरविंद केजरीवाल और खुली बहस के बीच काफी गहरा रिश्ता है। अरविंद केजरीवाल एक ऐसे नेता हैं जिनका यह मानना है कि खुली बहस लोकतंत्र के लिए अच्छी है और इसके जरिये एक स्वस्थ राजनीति की शुरुआत हो सकती है।
  • आक्रामक केजरीवाल शांत अन्ना हज़ारे के दाहिने हाथ के रूप में लोगों को नजर आते हैं और धीरे-धीरे उनपर ही भारी पड़ते लगते हैं। फिर समय सब कुछ बदल देता है। आक्रामक केजरीवाल शांत अन्ना हज़ारे के ऊपर भारी पड़ते हैं।
  • बिहार के चुनाव इस सदी के सबसे खतरनाक चुनाव थे। ऐसा लग रहा था कि चुनाव नहीं, बल्कि एनडीए और महागठबंधन के बीच जंग चल रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान चाय से शुरू होने वाली चर्चा इन चुनाव में गाय तक पहुंच गई। विकास और महंगाई जैसे मुद्दे गायब थे।
  • आजकल क्रिकेट में राजनीति इतनी हावी हो गई है कि ऐसा लगने लगा है क्रिकेटरों को नहीं, बल्कि राजनेताओं को क्रिकेट खेलना चाहिए। क्रिकेट को चलाने वाले क्रिकेटर नहीं, ज्यादा से ज्यादा राजनेता हैं। कई राज्य क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष भी राजनेता हैं।
  • यह देखना होगा कि इन युवा खिलाड़ियों को अंतिम 15 की सूची में जगह मिल भी पाती है या नहीं। सहवाग का प्रदर्शन पिछले सेशन में अच्छा नहीं रहा। पिछले सात घरेलू एक-दिवसीय मैचों में सहवाग करीब 24 के औसत से सिर्फ 163 रन ही बना पाए।
  • क्रिकेट खेलते वक्त खिलाड़ियों की मौत होना क्रिकेट का बड़ा नुकसान है, जिसकी भरपाई कोई नहीं कर सकता, और हम सबको मानना होगा कि यह एक हादसा है, जिस पर किसी का भी नियंत्रण नहीं। लेकिन सिर्फ बाउंसर पर लगाम लगाना इसका समाधान नहीं, क्योंकि बाउंसर क्रिकेट का हिस्सा है और इसे किस्सा नहीं बनाना चाहिए।
  • तीन दिन बाद फिलिप ह्यूज अपना जन्मदिन मनाने वाले थे, लेकिन किसे पता था कि किस्मत में और कुछ लिखा हुआ है। फिलिप जिस बाउंसर बॉल को खेलने के माहिर माने जाते थे, वही बाउंसर उनकी मौत का कारण बनी।
  • यह लोकसभा चुनाव काफी दिलचस्प होने वाला है। कांग्रेस की कमान राहुल गांधी संभाल रहे हैं तो भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी। इसके अलावा, बहुत कम समय में अरविंद केजरीवाल ने खुद को साबित किया है। उन्होंने एक ऐसा नया महल खड़ा किया है कि लोग आम आदमी पार्टी को एक विकल्प के रूप में देखने लगे।
  • मीडिया की समाज में काफी महत्त्वपूर्ण भूमिका है। मीडिया को लोकतांत्रिक व्यवस्था का चौथा स्तंभ भी कहा जाता है, क्योंकि इसकी जिम्मेदारी देश और लोगों की समस्याओं को सामने लाने के साथ-साथ सरकार के कामकाज पर नजर रखना भी है।

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